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Pithampur Industrial Growth: पीथमपुर बना ‘Make in MP’ का गढ़, ₹272 करोड़ के निवेश से लिउगोंग प्लांट का उद्घाटन

Pithampur Industrial Growth

धार/पीथमपुर। मध्यप्रदेश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को एक और बड़ी वैश्विक सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर में दुनिया की दिग्गज हेवी अर्थ मूवर्स निर्माता कंपनियों में से एक, लिउगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (LiuGong India) के नए विस्तारित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का भव्य उद्घाटन किया।

इस अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीथमपुर केवल मध्यप्रदेश का ही नहीं, बल्कि पूरे देश का “मैन्युफैक्चरिंग गेटवे” और प्रदेश का असली ‘ग्रोथ इंजन’ बन चुका है। सरकार यहाँ ग्रीन इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक व्हीकल और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का एक ऐसा सपोर्टिंग इकोसिस्टम तैयार कर रही है जो वैश्विक निर्यात का प्रमुख केंद्र बनेगा।

लिउगोंग इंडिया प्लांट विस्तार: एक नज़र में मुख्य बातें

लिउगोंग कंपनी पिछले लगभग दो दशकों से पीथमपुर में सक्रिय है। कंपनी ने अपनी मौजूदा उत्पादन इकाई को आधुनिक बनाने और क्षमता बढ़ाने के लिए एक बड़ा निवेश किया है:


यह भी पढ़े- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़े फैसले, विकास और पुनर्वास के लिए करोड़ों की मंजूरी


  • अतिरिक्त निवेश: ₹272 करोड़ की लागत से 20 एकड़ क्षेत्र में नया प्रोडक्शन प्लांट स्थापित किया गया है।

  • उत्पादन क्षमता में भारी उछाल: इस विस्तार के बाद कंपनी की सालाना मशीन बनाने की क्षमता 3,250 से बढ़कर 7,500 मशीनें हो जाएगी। शुरुआत में यहाँ सालाना 6,500 निर्माण उपकरण (विशेष रूप से एस्केवेटर) बनाए जाएंगे।

  • घरेलू उद्योगों को बढ़ावा: प्लांट चालू होने से मशीनों में भारतीय कंपोनेंट्स (पुर्जों) का इस्तेमाल 40% से बढ़कर 60% हो जाएगा। इससे मध्यप्रदेश के एमएसएमई (MSME) और ऑटो कंपोनेंट उद्योगों को भारी व्यापार मिलेगा।

  • रोजगार के नए अवसर: इस परियोजना से 600 प्रत्यक्ष और सप्लाई चैन के माध्यम से 5,000 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश (FDI) और औद्योगिक बूम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आंकड़े साझा करते हुए विरोधी दलों को स्पष्ट जवाब दिया और बताया कि प्रदेश में निवेश की रफ्तार ऐतिहासिक स्तर पर है:

  • 10,000 करोड़ का एफडीआई: पिछले दो वर्षों में ही मध्यप्रदेश में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया है। अमेरिका, इंग्लैंड, जापान और जर्मनी जैसे देश मप्र में निवेश के इच्छुक हैं।

  • 2026 के पहले 6 महीनों का रिकॉर्ड: साल 2026 की पहली छमाही में ही प्रदेश को ₹76,862 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 82 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला। इसमें अकेले नर्मदापुरम को ₹11,500 करोड़ के प्रस्ताव मिले।

  • भूमि आवंटन की तेज रफ्तार: पिछले छह महीनों में ₹41,950 करोड़ के निवेश से जुड़ी 166 नई औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटित की जा चुकी है, जिससे 50 हजार नए रोजगार सृजित होंगे।

  • पीथमपुर में कुल निवेश: पीथमपुर की ऑटो पार्ट्स इंडस्ट्री में अब तक लगभग ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश आ चुका है, जो 4 से 5 लाख लोगों को आजीविका दे रहा है।

प्रदेशभर में हो रही है सौगातों की बौछार

मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल पीथमपुर ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में बीते कुछ दिनों में कई बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव रखी गई है:

  1. सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क (भोपाल): हाल ही में इसका भूमि पूजन हुआ है, जिससे 15 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यहाँ ₹150 करोड़ की लागत से 10,000 की क्षमता वाला वर्ल्ड क्लास कन्वेंशन सेंटर भी बन रहा है।

  2. डिफेंस सेक्टर यूनिट (शिवपुरी): शिवपुरी में ₹2,500 करोड़ की लागत से रक्षा क्षेत्र की बड़ी निर्माण इकाई की नींव रखी गई है, जहाँ 1000 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलें बनेंगी।

  3. पेप्सीको की नई यूनिट: ₹1,250 करोड़ की लागत से बन रही यह आधुनिक फूड प्रोसेसिंग यूनिट आलू उत्पादक किसानों को उनकी उपज का बेहतरीन मूल्य दिलाएगी।

  4. पीएम मित्र पार्क (धार): पिछले वर्ष प्रधानमंत्री मोदी द्वारा रखी गई इस टेक्सटाइल पार्क की नींव मालवा और निमाड़ के कपास किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।

  5. नीमच में औद्योगिक विकास: नीमच जिले में ₹1,554 करोड़ की लागत से 38 से अधिक औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया गया है।

“यह केवल घोषणाएं करने वाली नहीं, धरातल पर काम करने वाली सरकार है”

“हमारी सरकार ने देश-विदेश के निवेशकों के लिए प्रोत्साहन के सभी द्वार खोल दिए हैं। जीआईएस (GIS) 2025 में मिले 30 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों में से 10 लाख करोड़ का निवेश अब धरातल पर दिखने लगा है।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री

कार्यक्रम में मौजूद लिउगोंग कंपनी के ग्लोबल वाइस प्रेसीडेंट श्री ल्यो ग्योबिंग और कंट्री हेड श्री वरुण विजयवर्गीय ने भी मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मप्र में काम करना बेहद सुगम हुआ है और यह प्लांट रिसर्च एवं मशीनरी निर्माण का एक ग्लोबल सेंटर बनकर उभरेगा।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में धार विधायक श्रीमती नीना विक्रम वर्मा, एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री चंद्रमौली शुक्ला सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।

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