शाजापुर

सरपंच की दबंगई से थर्राया गांव: पीड़ित की जान बचाने उतरे सैकड़ों ग्रामीण, दो थानों में शिकायत दर्ज

Shajapur Tanda Banjari Sarpanch Case

अवंतिका टाइम्स/मनीष कुमार/शाजापुर ब्यूरो। मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के बेरछा और लालघाटी थाना क्षेत्र में इन दिनों एक सनसनीखेज मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम टांडा बंजारी के रहने वाले देवेंद्र गिर (पिता जगदीश गिर) ने पड़ोसी गांव टांडा पिन्दोनिया के सरपंच धर्मेंद्र सिंह गुर्जर पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि सरपंच के उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध हैं और जब उसने इसका विरोध किया, तो सरपंच ने उसे जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी।

इस मामले के सामने आने के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हो गए हैं।

नहर के पास ज्योतिनगर में क्या हुआ था? पीड़ित की आपबीती

पीड़ित देवेंद्र गिर ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि यह पूरा घटनाक्रम 30 जून 2026 की दोपहर करीब 2 बजे का है। देवेंद्र ने अपनी पत्नी को सरपंच धर्मेंद्र सिंह गुर्जर की थार गाड़ी में तिलावद से शाजापुर की तरफ जाते हुए देखा था। शक होने पर जब उसने गाड़ी का पीछा किया, तो पाया कि सरपंच उसकी पत्नी को शाजापुर स्थित नहर के पास ज्योतिनगर क्षेत्र के एक मकान में लेकर गया।


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देवेंद्र के मुताबिक:

“मैंने अपनी पत्नी को फोन लगाया लेकिन उसने कॉल नहीं उठाया। इसके बाद जब सरपंच बाहर आया और उसने मुझे देखा, तो वह भड़क गया। उसने मेरी पत्नी को कमरे के अंदर बंद कर दिया और मेरा गला पकड़ लिया। मेरे साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जमीन पर पटक दिया।”

पीड़ित का आरोप है कि सरपंच ने उसे सीधे शब्दों में धमकी देते हुए कहा, “मैं गांव का सरपंच हूं, तू मेरा क्या उखाड़ लेगा? अगर दोबारा विरोध किया तो आज ही मारकर जमीन में गाड़ दूंगा। तेरी और तेरे पूरे परिवार की लाश बिछा दूंगा।”

डर के मारे देवास भागा परिवार, ग्रामीणों ने वापस बुलाया

सरपंच के रसूख और इस खौफनाक धमकी से डरकर देवेंद्र अपने माता-पिता और अपने मासूम बच्चे आयुष को लेकर रात में ही जान बचाने के लिए देवास चला गया था। इस बीच, आरोपी सरपंच ने खुद का बचाव करने के लिए गांव में यह अफवाह फैलानी शुरू कर दी कि देवेंद्र उससे 2 लाख रुपये मांग रहा है।

जब यह बात ग्रामीणों तक पहुंची, तो गांव के लोगों ने देवेंद्र को सुरक्षा और निष्पक्ष मध्यस्थता का भरोसा देकर वापस गांव बुलाया। इस विवाद को सुलझाने के लिए ग्रामीणों ने एक बैठक भी रखी, लेकिन दबंगई दिखाते हुए सरपंच धर्मेंद्र सिंह गुर्जर उस बैठक में नहीं पहुंचा।

सैकड़ों ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचा पीड़ित, पुलिस ने दिया आश्वासन

सरपंच के बैठक में न आने से नाराज सैकड़ों ग्रामीण पीड़ित देवेंद्र के समर्थन में उतर आए। ग्रामीणों के हुजूम के साथ देवेंद्र सबसे पहले थाना लालघाटी पहुंचा और पुलिस को लिखित आवेदन दिया, जहां पुलिस ने मामले में उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। इसके बाद शिकायत थाना बेरछा में भी दर्ज कराई गई, जहां के अधिकारियों ने भी मामले की गहन जांच कर पूरा न्याय करने का आश्वासन दिया है।

वर्तमान स्थिति और न्याय की गुहार

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित की पत्नी फिलहाल कहीं और रह रही है, जबकि मासूम बच्चा अपने पिता देवेंद्र के साथ है। देवेंद्र ने जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि आरोपी सरपंच पर सख्त से सख्त धाराओं में मामला दर्ज किया जाए और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। पीड़ित ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में उसके या उसके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसका पूरा जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सरपंच धर्मेंद्र सिंह गुर्जर होगा।

नोट: इस लेख में प्रकाशित सभी तथ्य और जानकारियां लेखक के निजी स्रोतों पर आधारित हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी लेखक की है, इससे वेबसाइट या वेबसाइट के मालिक का कोई संबंध नहीं है।

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