MP Cabinet Decisions 2026 : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़े फैसले, विकास और पुनर्वास के लिए करोड़ों की मंजूरी

MP Cabinet Decisions 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद (Cabinet) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के अधोसंरचनात्मक (Infrastructure) विकास, डिजिटल गवर्नेंस, शिक्षा, पर्यावरण और डूब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 2,300 करोड़ रुपये से अधिक के बजट को हरी झंडी दिखाई है।
आइए विस्तार से जानते हैं कि इस कैबिनेट बैठक में आम जनता और प्रदेश के विकास के लिए क्या-क्या खास घोषणाएं की गई हैं।
1. डिजिटल मध्यप्रदेश: स्टेट डाटा सेंटर 3.0 के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर
मध्यप्रदेश को डिजिटल क्षेत्र में आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। एमपीएसईडीसी (MPSEDC) द्वारा संचालित राज्य डाटा सेंटर के आधुनिकीकरण और डेटा सेंटर 3.0 परियोजना के लिए 800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
उद्देश्य: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाना।
तीन चरणों में होगा काम:-
प्रथम चरण: कोर आईटी और नॉन-आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूटर स्टोरेज और नेटवर्क का विकास।
द्वितीय चरण: डिजास्टर रिकवरी (DR) साइट का निर्माण और सुरक्षा सुदृढ़ीकरण ताकि आपात स्थिति में भी सरकारी डाटा सुरक्षित रहे।
तृतीय चरण: आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर का आगामी विस्तार।
नोट: भोपाल में स्थित यह स्टेट डाटा सेंटर 12 दिसंबर 2012 से लगातार काम कर रहा है, जो सभी विभागों की ऑनलाइन नागरिक सेवाओं को 24 घंटे चालू रखता है।
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2. मुख्यमंत्री स्कूटी योजना: अब 2031 तक मिलेगी मुफ्त स्कूटी
मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने वाली ‘मुख्यमंत्री स्कूटी योजना’ को सरकार ने अगले 5 वर्षों यानी वर्ष 2031 तक निरंतर रखने का फैसला किया है। इसके लिए 495 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।
पात्रता: स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूलों में जो छात्र-छात्राएं (बालक एवं बालिका दोनों) पहले प्रयास में नियमित रूप से न्यूनतम 70% अंक लाकर अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करेंगे, उन्हें इस योजना का लाभ मिलेगा।
3. विज्ञान, खगोल और जैव प्रौद्योगिकी (Biotech) के लिए 123 करोड़ रुपये
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के तहत तीन बड़ी परियोजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 123 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं:
विज्ञान पार्क और अत्याधुनिक वेधशाला (उज्जैन): उज्जैन के आचार्य वराह मिहिर न्यास परिसर में अत्याधुनिक तारामंडल और खगोलीय वेधशाला बनाई जा रही है। यहाँ 1 मीटर ऑप्टिकल टेलीस्कोप और 4.5 मीटर रेडियो टेलीस्कोप लगाया जाएगा, जिससे छात्र और शोधकर्ता खगोल विज्ञान पर रिसर्च कर सकेंगे। (बजट: 39.39 करोड़ रुपये)
एकल नागरिक डेटाबेस (Single Citizen Database): प्रदेश के नागरिकों का एक ही एकीकृत डेटाबेस तैयार हो रहा है, जिससे बार-बार अलग-अलग विभागों में रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। ‘परिचय’ पोर्टल के माध्यम से आधार ई-केवाईसी (e-KYC) होगी और “सिंगल क्लिक” पर सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खाते में आएगा। (बजट: 75 करोड़ रुपये)
मध्यप्रदेश बॉयो टेक्नोलॉजी पार्क: स्टार्टअप और छोटे उद्योगों (MSMEs) को बढ़ावा देने और इन्क्यूबेशन की सुविधा देने के लिए 8.59 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
4. डूब प्रभावितों के लिए बड़ी राहत: पुनर्वास पैकेज में भारी बढ़ोतरी
पन्ना जिले की तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के डूब प्रभावितों के हित में सरकार ने बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया है। कुल 202 करोड़ 50 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है:
5. पर्यावरण संरक्षण: ‘नमो हरित नगर योजना’ को मंजूरी
शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने और हरियाली बढ़ाने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से नमो हरित नगर योजना शुरू की जाएगी।
इसके तहत प्रदेश के 65 नगरीय निकायों और उनके आसपास के वन क्षेत्रों में ‘नगर वन’ विकसित किए जाएंगे।
प्रत्येक निकाय में कम से कम आधा एकड़ क्षेत्र में एक नगर वन विकसित होगा। इसके लिए नगर निकायों को तीन किश्तों में राशि जारी की जाएगी।
6. स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार: विशेषज्ञों की सीधी भर्ती अब हर महीने
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए भर्ती नियमों (2022 के नियम) में बदलाव किया गया है। अब लोक सेवा आयोग (MPSC) के भरोसे न रहकर विभाग सीधे वॉक-इन-इंटरव्यू के जरिए हर महीने भर्ती करेगा।
प्रक्रिया: हर महीने की 1 तारीख को MP Online पर रिक्तियां दिखाई जाएंगी। 15 तारीख तक आवेदन लिए जाएंगे। इसके बाद दूसरे बुधवार को इंटरव्यू होगा और सीधे नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।
शर्त: डॉक्टरों की पोस्टिंग उसी जगह होगी जो रिक्ति में दिखाई गई है। पहले 3 साल तक इनका ट्रांसफर (तबादला) नहीं किया जा सकेगा।
7. अन्य महत्वपूर्ण कैबिनेट निर्णय (एक नज़र में)
मध्यप्रदेश उपार्जित खाद्यान्न निस्तारण नीति 2026: सरकारी स्तर पर खरीदे गए गेहूं, चना, ज्वार और बाजरा के व्यवस्थित विक्रय और किसानों को अधिकतम मूल्य दिलाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय कमेटी बनेगी, जो ई-ऑक्शन/ई-निविदा के जरिए पारदर्शी तरीके से फैसला लेगी।
IT एवं ESMD पॉलिसी 2023 में संशोधन: पुरानी आईटी या डेटा सेंटर कंपनियां अगर अपना विस्तार करना चाहती हैं, तो उन्हें मौजूदा निवेश में 30% अतिरिक्त निवेश या 30% एरिया बढ़ाना होगा, जिससे उन्हें नई कंपनियों की तरह सरकारी लाभ मिल सके। जमीन आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और मेगा प्रोजेक्ट्स को ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर सीधे जमीन मिलेगी।
विधिक सहायता (Legal Aid Defense Council Scheme): कमजोर वर्गों को मुफ्त और प्रभावी कानूनी सहायता देने के लिए 42 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। सरकार 2031 तक इसका 100% खर्च खुद उठाएगी।
स्टांप ड्यूटी से छूट: स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के हस्तांतरण (रजिस्ट्री) पर अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी और उपकर (Cess) से छूट दी गई है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (संशोधन) विधेयक 2026: कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए इस नए संशोधन विधेयक के ड्राफ्ट को कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
NCC और शिक्षा विकास: लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों की समीक्षा और एनसीसी कैडेट्स के प्रशिक्षण व एनसीसी कर्मचारियों के वेतन आदि के सुचारू संचालन के लिए वर्ष 2031 तक के लिए 543 करोड़ 9 लाख रुपये की निरंतरता को स्वीकृति दी गई है।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में लिए गए ये निर्णय साफ दर्शाते हैं कि मध्यप्रदेश सरकार का ध्यान बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के साथ-साथ समाज के गरीब, किसान, छात्र और डूब प्रभावित नागरिकों के कल्याण पर पूरी तरह केंद्रित है।
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