गुरु पूर्णिमा पर मध्य प्रदेश में मनाया जाएगा ‘महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व’: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
Maharshi Sandipani Shraddha Parv
भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि आगामी गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई 2026) के पावन अवसर पर पूरे प्रदेश में व्यापक स्तर पर ‘महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व’ आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु ही हमें ‘गु’ (अज्ञान के अंधकार) से ‘रु’ (ज्ञान-विज्ञान के प्रकाश) की ओर ले जाते हैं, और गुरु पूर्णिमा अपने गुरुजनों की सेवा, वंदना तथा उनका शुभाशीष प्राप्त करने का प्रमुख उत्सव है।
विधानसभा के समिति कक्ष में गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के उद्देश्यों के तहत पुरातन भारतीय ज्ञान परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा के आदर्शों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
1. प्रमुख निर्देश एवं घोषणाएं
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सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण: प्रदेश में निर्मित जिन सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण शेष है, उनका लोकार्पण गुरु पूर्णिमा से पहले ही सुनिश्चित किया जाए।
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महर्षि सांदीपनि पर लघु पुस्तिका: योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के जीवन चरित्र, राष्ट्रभक्ति और गुरुकुल शिक्षा पद्धति में उनके योगदान पर केंद्रित 10 से 20 पृष्ठों की एक लघु पुस्तिका प्रकाशित कर सभी विद्यालयों में वितरित की जाए।
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व्यापक सहभागिता: इस पर्व में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, जनजातीय कार्य विभाग के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थानों और कला, संगीत व खेल संस्थानों को भी जोड़ा जाए।
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मित्रता दिवस पर श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग: विद्यालयों में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले ‘मित्रता दिवस’ (Friendship Day) के अवसर पर विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा के जीवन चरित्र एवं आदर्शों के बारे में जानकारी दी जाए।
2. गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) के दिन होने वाले आयोजन
अपर मुख्य सचिव (संस्कृति एवं पर्यटन) श्री शिवशेखर शुक्ला के अनुसार, 29 जुलाई को प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों तथा आईटीआई (ITI) में निम्नलिखित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:
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माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं सरस्वती वंदना।
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गुरुजनों का स्वागत, सत्कार एवं सम्मान समारोह (स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में)।
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व्याख्यान, उद्बोधन तथा छात्र-शिक्षक संवाद।
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विद्यार्थियों द्वारा साहित्यिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं।
3. सांस्कृतिक जन-आंदोलन का रूप
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस आयोजन को केवल सरकारी कार्यक्रम न बनाकर जनभागीदारी का उत्सव और सांस्कृतिक-शैक्षणिक जन-आंदोलन बनाया जाए, जिससे युवा पीढ़ी में अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्था मजबूत हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. मध्य प्रदेश में गुरु पूर्णिमा को किस नाम से मनाया जाएगा?
उत्तर: मध्य प्रदेश में गुरु पूर्णिमा को प्रदेशव्यापी स्तर पर ‘महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व’ के रूप में मनाया जाएगा।
Q2. महर्षि सांदीपनि पर प्रकाशित होने वाली पुस्तिका में क्या खास होगा?
उत्तर: यह 10-20 पृष्ठों की एक लघु पुस्तिका होगी, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि के जीवन चरित्र, गुरुकुल शिक्षा पद्धति तथा उनके राष्ट्रभक्तिपूर्ण योगदान का वर्णन होगा।
Q3. क्या निजी शिक्षण संस्थानों में भी गुरु पूजन का आयोजन होगा?
उत्तर: जी हाँ, मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय (निजी) विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और आईटीआई में गुरु पूजन का आयोजन किया जाएगा।
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