ऐतिहासिक फैसला: मध्य प्रदेश कैबिनेट ने ‘समान नागरिक संहिता विधेयक 2026’ को दी मंजूरी, जगदीशपुर दुर्ग में हुए कई बड़े निर्णय
Madhya Pradesh Uniform Civil Code Bill 2026
मध्य प्रदेश के प्रशासनिक और विधायी इतिहास में रविवार, 19 जुलाई 2026 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी पहल के तहत, सत्ता को मंत्रालय से बाहर जन-जन के करीब ले जाने के नवाचार में आठवीं ‘डेस्टिनेशन कैबिनेट’ की बैठक आयोजित की गई। यह ऐतिहासिक बैठक गोंड वंश के वैभवशाली और ऐतिहासिक दुर्ग जगदीशपुर के प्रसिद्ध चमन महल में संपन्न हुई।
समानता, न्याय और लोक-कल्याण की भावना को समर्पित इस बैठक में राज्य सरकार ने एक युगांतकारी कदम उठाते हुए “मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026” के ड्राफ्ट (विधेयक) को कैबिनेट में सर्वसम्मति से अनुमोदित कर दिया। इसके साथ ही आगामी विधानसभा सत्र में पेश करने के लिए 8 अन्य अत्यंत महत्वपूर्ण विधेयकों को भी हरी झंडी दी गई। साथ ही, प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹898 करोड़ से अधिक के बड़े बजट को मंजूरी दी गई।
1. मध्य प्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) और 8 अन्य प्रमुख विधेयकों का अनुमोदन
चमन महल की प्राचीर के साए में हुई इस बैठक में विधि और विधायी कार्य विभाग को सभी आवश्यक संवैधानिक और प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी कर ‘समान नागरिक संहिता विधेयक, 2026’ को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है।
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इसके अलावा जिन 8 अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी मिली है, उनका आधिकारिक विवरण इस प्रकार है:
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मध्यप्रदेश निरसन विधेयक, 2026: पुराने, अप्रासंगिक और विसंगतिपूर्ण कानूनों को समाप्त (निरस्त) करने के उद्देश्य से विधि विभाग द्वारा इसे विधानसभा में लाया जाएगा।
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मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026: प्रदेश के राजमार्गों के बुनियादी ढांचे के विकास, प्रबंधन और सुधारीकरण की गति तेज करने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को अधिकृत किया गया।
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मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026: शहरी और आवासीय क्षेत्रों में सुरक्षा व आपदा प्रबंधन को और अधिक हाई-टेक व त्वरित बनाने के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग इस विधेयक को पेश करेगा।
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मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026: उच्च शिक्षा क्षेत्र में निवेश और विकास को बढ़ावा देने के लिए नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु भूमि, निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) और विन्यास निधि (Endowment Fund) के कड़े प्रावधानों में विशेष छूट देने का रास्ता साफ किया गया है।
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स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़े दो बड़े विश्वविद्यालय विधेयक: चिकित्सा शिक्षा में बड़े सुधार के लिए ‘मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026’ और पारंपरिक व आधुनिक चिकित्सा प्रणालियों के विकास के लिए ‘मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026’ को मंजूरी दी गई है।
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मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता 2026: कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और श्रमिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से ‘मध्यप्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज, 2026’ को श्रम विभाग द्वारा आगामी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
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मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस विधेयक, 2026: सूबे में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने और नए स्टार्टअप्स व उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाने के लिए औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग को इसके लिए अधिकृत किया गया।
2. स्वास्थ्य क्षेत्र में महा-क्रांति: 73 चिकित्सा संस्थाओं का होगा कायाकल्प
प्रदेश के नागरिकों तक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कैबिनेट ने एक बहुत बड़ा और संवेदनशील निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने ग्रामीण और अर्ध-शहरी अंचलों के अस्पतालों के उन्नयन (Upgradation) के लिए 898.96 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत को मंजूरी दी है, जिसमें से तात्कालिक रूप से 776 करोड़ 13 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
अस्पतालों के इस कायाकल्प और नए बेड (बिस्तर) की क्षमता का पूरा गणित नीचे दी गई तालिका के माध्यम से समझा जा सकता है:
| वर्तमान स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति | उन्नयन (Upgradation) के बाद नई स्थिति | स्वीकृत संस्थाओं की संख्या |
| उप स्वास्थ्य केंद्र (Sub-Health Centre) | 6-बिस्तरों वाला सर्वसुविधाजनक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र | 29 |
| प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) | पूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) | 19 |
| सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) | 50-बिस्तरों वाला आधुनिक सिविल अस्पताल | 18 |
| सिविल अस्पताल/अन्य बड़ी संस्थाएं | 100-बिस्तरों वाला सर्वसुविधाजनक जिला स्तरीय अस्पताल | 07 |
| ★ कुल उन्नत होने वाली स्वास्थ्य संस्थाएं | 73 |
3. रोजगार के नए अवसर और वित्तीय भार
अस्पतालों की केवल इमारतें या बेड नहीं बढ़ेंगे, बल्कि वहां मरीजों की देखभाल के लिए बड़े पैमाने पर डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियां भी की जाएंगी।
कैबिनेट ने इसके लिए मानव संसाधन (Human Resource) के नए पदों के सृजन को हरी झंडी दे दी है:
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नियमित पद (Regular Posts): 1600 नए नियमित सरकारी पदों का सृजन किया जाएगा।
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संविदा पद (Contractual Posts): 71 नए संविदा आधारित पदों को मंजूरी दी गई है।
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आउटसोर्सिंग (Outsourcing): 560 कर्मचारियों को मान्यता प्राप्त आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से सहायकों और सुरक्षा कार्यों पर रखा जाएगा।
इस बड़े स्वास्थ्य अमले और सुविधाओं के सुचारू संचालन के लिए मध्य प्रदेश सरकार के खजाने पर प्रति वर्ष 122.83 करोड़ रुपये का नियमित वित्तीय व्यय आएगा, जिसे कैबिनेट ने सहर्ष मंजूरी प्रदान कर दी है। इस ऐतिहासिक कदम से सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. ‘मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026’ का क्या महत्व है?
उत्तर: यह विधेयक राज्य के सभी नागरिकों के लिए, चाहे वे किसी भी धर्म या जाति के हों, विवाह, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे नागरिक मामलों में समान कानून सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और कानूनी कदम है। इसे आगामी विधानसभा सत्र में पारित कराया जाएगा।
Q2. 19 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक किस ऐतिहासिक स्थान पर आयोजित की गई थी?
उत्तर: यह बैठक भोपाल के नजदीक स्थित गोंड वंश के ऐतिहासिक और वैभवशाली दुर्ग जगदीशपुर के प्रसिद्ध ‘चमन महल’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी।
Q3. निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026 में क्या विशेष छूट दी गई है?
उत्तर: इस संशोधन के तहत अब राज्य में नए निजी विश्वविद्यालयों (Private Universities) की स्थापना को गति देने के लिए आवश्यक भूमि के नियमों, निर्मित क्षेत्र (Built-up Area) की अनिवार्यताओं और विन्यास निधि (Endowment Fund) के कड़े वित्तीय प्रावधानों में विशेष नियमों के तहत छूट दी जाएगी।
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