भोपाल

पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश का बड़ा कदम: सीएम मोहन यादव की उपस्थिति में MP टूरिज्म बोर्ड और ‘टाटा स्ट्राइव’ के बीच MoU, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार!

Madhya Pradesh Tourism Board

मध्य प्रदेश में ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे इकोसिस्टम और युवाओं के कौशल उन्नयन (Skill Development) को एक नई और अंतरराष्ट्रीय स्तर की दिशा मिलने जा रही है। गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (MP Tourism Board) और ‘टाटा स्ट्राइव’ (Tata STRIVE) के बीच 2 वर्ष की अवधि के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस एमओयू पर मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की ओर से डायरेक्टर (कौशल) श्री डी.पी. सिंह और टाटा स्ट्राइव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) श्री अमेया वंजारी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर पर्यटन सचिव एवं प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

1. समझौते का मुख्य उद्देश्य: होम-स्टे संचालकों की आय और युवाओं को रोजगार

इस रणनीतिक साझेदारी का मूल उद्देश्य राज्य के सुदूर और ग्रामीण अंचलों में संचालित होम-स्टे (Homestays) की सेवा गुणवत्ता को विश्वस्तरीय आतिथ्य (Hospitality) मानकों के अनुरूप बनाना है।

मुख्य लक्ष्य:

ग्रामीण होम-स्टे संचालकों की आय में वृद्धि करना, विदेशी व घरेलू पर्यटकों को बेहतरीन आतिथ्य अनुभव देना, और स्थानीय स्तर पर हजारों ग्रामीण युवाओं को आतिथ्य एवं पर्यटन क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना।

2. पहले चरण में 1,000 हितग्राहियों को मिलेगा एडवांस ट्रेनिंग मॉडल

एमओयू के प्रथम चरण में ग्रामीण पर्यटन इकोसिस्टम से जुड़े लगभग 1,000 हितग्राहियों को ‘पूर्व अधिगम की मान्यता’ (Prior Learning Recognition) और अपस्किलिंग (Skill Upgradation) का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल प्रमुख विषय और कौशल

प्रशिक्षण का दायराप्रैक्टिकल विषय व मॉड्यूलसंभावित लाभ
डिजिटल टेक्नोलॉजीडिजिटल बुकिंग, ऑनलाइन ट्रैवल एजेंसी (OTA) प्लेटफॉर्म का उपयोग।ग्रामीण होम-स्टे की ऑनलाइन विजिबिलिटी और सीधी बुकिंग बढ़ेगी।
हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंटफ्रंट ऑफिस ऑपरेशन्स, हाउसकीपिंग और रूम सर्विस।पर्यटकों को होटलों जैसा पेशेवर अनुभव मिलेगा।
खाद्य व व्यंजन कलास्थानीय पारंपरिक व्यंजन, फूड एंड बेवरेज (F&B) सर्विस।पर्यटकों को शुद्ध व हाइजीनिक स्थानीय भोजन का स्वाद मिलेगा।
सुरक्षा व राजस्वपर्यटक सुरक्षा, स्वच्छता मानक, गाइडिंग और रेवेन्यू मैनेजमेंट।होम-स्टे संचालकों की व्यावसायिक साख और कमाई में बढ़ोतरी।

आगामी चरणों में मध्य प्रदेश स्टेट टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSTDC) के होटलों और रिसॉर्ट्स के कर्मचारियों के लिए रिफ्रेशर कोर्स भी आयोजित किए जाएंगे।

3. राज्य सरकार के लिए 100% शून्य-वित्तीय बोझ (Zero Financial Burden)

यह अनुबंध वित्तीय दृष्टिकोण से मध्य प्रदेश सरकार के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि प्रशिक्षण संचालन के लिए एमपी टूरिज्म बोर्ड द्वारा टाटा स्ट्राइव को किसी भी प्रकार का वित्तीय भुगतान नहीं किया जाएगा।

  • टाटा स्ट्राइव का योगदान: प्रशिक्षकों का मानदेय, प्रशिक्षकों की उपलब्धता और पूरे ट्रेनिंग मॉड्यूल विकास का संपूर्ण खर्च टाटा स्ट्राइव वहन करेगा।

  • टूरिज्म बोर्ड का योगदान: एमपी टूरिज्म बोर्ड केवल प्रशिक्षण स्थल और प्रशिक्षुओं व प्रशिक्षकों के लिए रहने व खाने की व्यवस्था उपलब्ध कराएगा।

  • उद्योग-मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट: कोर्स सफलतापूर्वक पूरा करने वाले युवाओं और संचालकों को IHCL-टाटा स्ट्राइव एवं MP टूरिज्म बोर्ड द्वारा संयुक्त रूप से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा, जो देश-विदेश के होटल उद्योग में मान्य होगा।

4. ग्रामीण पर्यटन इकोसिस्टम को मिलेगी नई ताकत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों और वन्यजीवों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। अब जब ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे संस्कृति को ‘टाटा स्ट्राइव’ जैसी प्रतिष्ठित संस्था के जरिए पेशेवर प्रशिक्षण मिलेगा, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी और युवाओं को गांव में ही रोजगार के साधन प्राप्त होंगे।

अंतिम विचार

मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और टाटा स्ट्राइव का यह एमओयू राज्य के पर्यटन क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। मुफ्त कौशल प्रशिक्षण, वैश्विक मानकों की सीख और संयुक्त प्रमाण-पत्र के जरिए न केवल मध्य प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि ‘अतिथि देवो भव:’ का संदेश भी दुनिया भर में नए स्वरूप में पहुंचेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. एमपी टूरिज्म बोर्ड और टाटा स्ट्राइव के बीच यह समझौता कितने वर्षों के लिए हुआ है?

यह एमओयू प्रारंभिक रूप से 2 वर्ष की अवधि के लिए निष्पादित किया गया है, जिसे पारस्परिक सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।

Q2. इस एमओयू के तहत पहले चरण में कितने लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी?

प्रथम चरण में लगभग 1,000 ग्रामीण होम-स्टे संचालकों, स्थानीय युवाओं और पर्यटन सेवा प्रदाताओं को डिजिटल बुकिंग, हाउसकीपिंग और फ्रंट ऑफिस जैसे व्यावहारिक विषयों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Q3. क्या इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार पर कोई वित्तीय खर्च आएगा?

नहीं, इस प्रशिक्षण का संपूर्ण व्यय टाटा स्ट्राइव द्वारा वहन किया जाएगा। एमपी टूरिज्म बोर्ड केवल प्रशिक्षण स्थल और आवास-भोजन की सुविधा प्रदान करेगा।

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