हरित ऊर्जा में मध्यप्रदेश का डंका: 7वें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में सीएम मोहन यादव ने प्रस्तुत किया ‘एमपी का ग्रीन एनर्जी मॉडल’!

Madhya Pradesh Renewable Energy Model
मध्य प्रदेश आज केवल देश का हृदय प्रदेश ही नहीं, बल्कि ‘स्वच्छ और हरित ऊर्जा’ (Green & Clean Energy) के क्षेत्र में भी पूरे भारत का नेतृत्व कर रहा है। नई दिल्ली में आयोजित 7वें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी-2026 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सफल हरित ऊर्जा मॉडल और भविष्य की दूरदर्शी योजनाओं का एक अत्यंत प्रभावी प्रेजेंटेशन दिया।
सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुँचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एयरपोर्ट से दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन से यात्रा की। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन और सौर ऊर्जा से चलने वाली मेट्रो का उपयोग कर पूरे देश को स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली का एक सशक्त संदेश दिया।
1. 2030 तक 500 गीगावॉट राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध मध्य प्रदेश
अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2030 तक देश की 500 गीगावॉट (GW) गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
12 वर्षों की अभूतपूर्व छलांग:
पिछले 12 वर्षों में मध्य प्रदेश की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता 438 मेगावॉट से बढ़कर 11,000 मेगावॉट (11 GW) पहुँच चुकी है, जो लगभग 25 गुना ऐतिहासिक वृद्धि है।
समारोह में केंद्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी, भूटान के ऊर्जा मंत्री एच.ई. ल्योनपो जेम त्शेरिंग और श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री श्री अनुरा करुणाथिलका सहित वैश्विक नीति-निर्माता मौजूद रहे।
2. रीवा सोलर से लेकर ओंकारेश्वर फ्लोटिंग तक: एमपी के ऐतिहासिक माइलस्टोन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की उन बड़ी सौर परियोजनाओं का उल्लेख किया जिनकी चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है:
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मध्य प्रदेश की प्रमुख नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाएँ और उपलब्धियाँ
| परियोजना / योजना | क्षमता व विशेषता | राष्ट्रीय व वैश्विक पहचान |
| रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर | 750 मेगावॉट क्षमता | कोयला बिजली से भी कम टैरिफ स्थापित किया। इसे वर्ल्ड बैंक प्रेसिडेंट्स अवार्ड मिला, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में केस स्टडी पढ़ाई जाती है। |
| आगर-शाजापुर-नीमच प्रोजेक्ट | 1,500 मेगावॉट क्षमता | ₹2.14 प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम टैरिफ प्राप्त हुआ; 8 राज्यों में भारतीय रेलवे को हरित ऊर्जा दी जा रही है। |
| ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर | 278 मेगावॉट क्षमता | देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना, जिसका लोकार्पण 25 दिसंबर 2025 को पीएम मोदी ने किया। |
| मुरैना बीईएसएस प्रोजेक्ट | 440 MW सौर + 880 MWh बैटरी | प्रदेश की पहली प्रतिस्पर्धी दर वाली सौर-सह-बैटरी ऊर्जा भंडारण (BESS) परियोजना। |
| सूर्य मित्र कृषि फीडर | 14,900 मेगावॉट के प्रस्ताव | किसानों और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र की भागीदारी से कृषि फीडरों का सौरीकरण। |
3. चौबीसों घंटे 24×7 बिजली के लिए ‘बैटरी स्टोरेज मॉडल’ पर बड़ा काम
ग्रिड की स्थिरता और रात के समय भी निर्बाध हरित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मध्य प्रदेश बैटरी ऊर्जा भंडारण (BESS) परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रहा है।
4 घंटे और 6 घंटे स्टोरेज: सायंकालीन पीक डिमांड (Peak Demand) के समय सौर ऊर्जा का उपयोग ग्रिड को संतुलित करने में किया जा रहा है।
24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा: सौर ऊर्जा और दीर्घकालिक ऊर्जा भंडारण के संगम से उद्योगों, डेटा सेंटरों और बड़े उपभोक्ताओं को चौबीसों घंटे बिना किसी रुकावट के विश्वसनीय हरित बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
इसके अलावा, ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के तहत मध्य प्रदेश के लगभग 1.5 लाख घरों में 566 मेगावॉट क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 1,300 सरकारी भवनों में 48 MW की सौर ऊर्जा विकसित की जा रही है।
4. रूम्सल (RUMSL) और एनआरईडी (NRED) की मुख्य भूमिका
राज्य में इस हरित क्रांति को गति देने में मध्य प्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (MPEVDCL) और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (RUMSL) की मुख्य भूमिका रही है। रूम्सल नोडल एजेंसी के रूप में बड़े पैमाने पर फ्लोटिंग सोलर, हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स और बैटरी स्टोरेज का क्रियान्वयन कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने भी मध्य प्रदेश सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों और त्वरित फैसलों की जमकर सराहना की।
अंतिम विचार
7वें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में मध्य प्रदेश की उपलब्धियों का यह प्रभावी प्रस्तुतिकरण यह साबित करता है कि राज्य केवल बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं हुआ है, बल्कि उसने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास (Sustainable Development) का एक ऐसा वैश्विक मॉडल तैयार कर दिया है, जिसे दुनिया के अन्य देश भी अपना रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. 7वां अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन 2026 कहाँ आयोजित किया गया?
यह सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के हरित ऊर्जा मॉडल का प्रेजेंटेशन दिया।
Q2. रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना (750 MW) की क्या विशेष उपलब्धि है?
रीवा सौर परियोजना ने पहली बार कोयला बिजली से भी कम टैरिफ स्थापित किया। इसे वर्ल्ड बैंक ग्रुप प्रेसिडेंट्स अवार्ड मिला है और इसकी केस स्टडी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जाती है।
Q3. देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना मध्यप्रदेश में कहाँ स्थित है?
278 मेगावॉट क्षमता की देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर (खंडवा) में स्थित है।
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