मेक इन इंडिया का नया इतिहास: ग्वालियर में बनेगा देश का पहला ‘टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन’, ₹3,500 करोड़ के निवेश से 14,000 युवाओं को मिलेगी नौकरी!

मेक इन इंडिया का नया इतिहास
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया’ के दूरदर्शी संकल्प को साकार करने की दिशा में मध्य प्रदेश ने एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है। गुरुवार (30 जुलाई 2026) को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय संचार मंत्रालय और मध्य प्रदेश सरकार के बीच ग्वालियर में देश के पहले ‘ग्लोबल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन’ (TMZ) की स्थापना के लिए एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और केंद्रीय संचार राज्य मंत्री श्री पी.एस. चंद्रशेखरन की उपस्थिति में संपन्न हुए इस कार्यक्रम के दौरान हुई राउंड टेबल मीटिंग में ₹3,500 करोड़ रुपये के निवेश और 14,000 से अधिक रोजगार सृजन के प्रस्तावों पर मुहर लगी।
1. 170 एकड़ में फैलेगा भारत का पहला हाई-टेक टेलीकॉम पार्क
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि अब मध्य प्रदेश की पावन धरा पर निर्मित टेलीकॉम उपकरण केवल भारत में ही उपयोग नहीं होंगे, बल्कि दुनिया भर के देशों में निर्यात (Export) किए जाएंगे।
परियोजना की खास बातें:
170.5 एकड़ में विकास: प्रथम चरण में 170.5 एकड़ भूमि पर प्लग-एंड-प्ले (Plug and Play) मोड में यह विशेष आर्थिक ज़ोन (SEZ) विकसित होगा।
एसपीवी (SPV) मॉडल: परियोजना का निर्माण एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) के जरिए होगा, जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की 51% और केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग की 49% हिस्सेदारी होगी। MPIDC इसका मास्टर डेवलपर बनेगा।
केंद्र से ₹493 करोड़ का अनुदान: केंद्र सरकार ने अत्याधुनिक टेस्टिंग लैब इकोसिस्टम (₹270.24 करोड़), आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर (₹180 करोड़), प्लग-एंड-प्ले शेड (₹34.20 करोड़), टेक्नोलॉजी सेंटर (₹5 करोड़) और निवेश प्रोत्साहन के लिए ₹493 करोड़ की अनुदान राशि स्वीकृत की है।
2. कौन-कौन सी दिग्गज कंपनियां करेंगी ग्वालियर में निवेश?
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन में देश-विदेश की प्रमुख कंपनियों ने भारी-भरकम निवेश की सहमति दी है। आइए देखें प्रमुख कंपनियों की निवेश और रोजगार सूची:
यह भी पढ़े–
ग्वालियर TMZ में प्रमुख कंपनियों का प्रस्तावित निवेश व रोजगार
| क्र. | कंपनी / संस्था का नाम | प्रस्तावित निवेश (₹ करोड़) | सृजित रोजगार | विशेष टिप्पणी / कार्य |
| 1. | HFCL लिमिटेड | ₹700 | 750 | 800% उत्पाद निर्यात होंगे। |
| 2. | VVDN टेक्नोलॉजीज़ प्रा. लि. | ₹500 | 5,000 | सबसे अधिक 5,000 युवाओं को रोजगार। |
| 3. | स्पर्श CCTV | ₹300 | 1,000 | सुरक्षा व सीसीटीवी मैन्युफैक्चरिंग। |
| 4. | IN टेलीकॉम | ₹300 | 300 | टेलीकॉम नेटवर्क डिवाइस। |
| 5. | सिरमा SGS टेक्नोलॉजी लिमिटेड | ₹250 | 2,000 | इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स। |
| 6. | कॉक्स एंड किंग्स | ₹230 | 500 | इंफ्रा व सपोर्ट सर्विसेज। |
| 7. | डिक्सन टेक्नोलॉजीज़ | ₹200 | 1,200+ | मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण। |
| 8. | ब्रांडवर्क टेक्नोलॉजीज़ | ₹200 | 1,000 | टेक मैन्युफैक्चरिंग। |
| 9. | ऑप्टिमस इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड | ₹150 | 400 | इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर। |
| 10. | लावा मोबाइल्स | ₹130 | 170 | 5G स्मार्टफोन व उपकरण। |
| 11. | प्रणव टेक वन | ₹100 | 500 | हार्डवेयर कंपोनेंट्स। |
| 12. | ICEA (इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स) | — | — | सेंटर ऑफ स्किल एवं सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना करेगी। |
(इसके अतिरिक्त टेकट्रेंड्स सॉल्यूशंस, आयकासोनिक्स और भंसाली केबल्स जैसी कंपनियां भी इस हब का हिस्सा होंगी)।
3. दुनिया में सर्वश्रेष्ठ: एमपी सरकार देगी बंपर सब्सिडी और छूट
उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने ऐसी नीतियां बनाई हैं, जिन्हें दुनिया में सबसे बेहतरीन माना जा रहा है:
₹1 की लीज़ और 100% स्टाम्प ड्यूटी छूट: उद्योगों को 30 साल के लिए मात्र ₹1 प्रति वर्गमीटर वार्षिक लीज़ पर ज़मीन और स्टाम्प ड्यूटी की 100% प्रतिपूर्ति मिलेगी।
सस्ती बिजली और पानी: शुरुआती 5 सालों के लिए ₹2 प्रति यूनिट की बिजली टैरिफ छूट और ₹25 प्रति KLD की रियायती दर पर पानी मिलेगा।
50% कैपेक्स सब्सिडी (CAPEX Subsidy): उद्योगों को ₹200 करोड़ तक की 50% पूंजीगत सब्सिडी मिलेगी, जिसमें रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) का पूंजीकरण भी शामिल है। R&D के लिए ₹25 करोड़ की अलग सहायता का भी प्रावधान है।
4. साइबर सुरक्षा और 5G/6G उपकरणों की होगी टेस्टिंग
ग्वालियर का यह ज़ोन न केवल मैन्युफैक्चरिंग करेगा, बल्कि उत्तर भारत का सबसे बड़ा टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन सेंटर भी बनेगा।
यहाँ 5G/6G कोर नेटवर्क, सैटेलाइट कम्यूनिकेशन, ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC), सिम (SIM) और राउटर्स की टेस्टिंग के लिए विशेष साइबर सिक्योरिटी लैब्स बनाई जाएंगी। अब भारतीय कंपनियों को टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन के लिए विदेश या दूसरे राज्यों में नहीं भटकना पड़ेगा।
5. मध्य प्रदेश बनेगी देश की नई ‘इंडस्ट्रियल राजधानी’
सीएम डॉ. मोहन यादव ने गर्व जताते हुए बताया कि केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 5 बड़ी औद्योगिक सौगातें दी हैं:
धार जिले में भारत का सबसे बड़ा पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क।
रायसेन जिले में बीईएमएल (BEML) का विशाल रेलवे और मेट्रो कोच प्लांट।
बीना में पेट्रोलियम रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स।
केन-बेतवा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजनाएं।
और अब ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन।
अंतिम विचार
ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन की स्थापना केवल मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित होगी। जिस तरह आईटी सेक्टर ने बैंगलोर और हैदराबाद की किस्मत बदली, उसी तरह यह टेलीकॉम हब ग्वालियर और चंबल अंचल की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह प्रोजेक्ट हमारे युवाओं को उनके अपने ही राज्य में सम्मानजनक, हाई-टेक और लाखों रुपये के पैकेज वाली नौकरियां देगा!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (TMZ) कहाँ स्थापित हो रहा है?
देश का पहला ग्लोबल टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में 170.5 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है।
Q2. ग्वालियर TMZ में कितना निवेश और कितने रोजगार का अनुमान है?
इस परियोजना से लगभग ₹3,500 करोड़ का प्रत्यक्ष निवेश आएगा और 14,000 से अधिक कुशल व अकुशल युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।
Q3. इस परियोजना में केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार का क्या योगदान है?
यह प्रोजेक्ट एक स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) द्वारा संचालित होगा जिसमें मध्य प्रदेश सरकार की 51% और केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग की 49% हिस्सेदारी होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए ₹493 करोड़ की अनुदान राशि मंजूर की है।
जुड़िये हमारे व्हॉटशॉप अकाउंट से-




