एमपी में पर्यटन को नई रफ्तार: होमस्टे को बढ़ावा देने साथ आए पर्यटन और वन विभाग, भगोरिया का होगा नेशनल लेवल पर प्रचार!

Homestay Protsahan Paryatan Vibhag MP
मध्य प्रदेश को देश का नंबर-1 पर्यटन राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में ‘मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम’ (MPSTDC) की एक बेहद महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई बड़े और दूरदर्शी फैसले लिए गए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण और वनांचल (जंगल से सटे) इलाकों में ‘होमस्टे’ (Homestays) को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग, वन विभाग और संस्कृति विभाग आपस में तालमेल बनाकर काम करें। इससे न केवल पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति का अनूठा अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर भी प्राप्त होंगे।
1. कांवड़ यात्रियों के लिए हर 15-20 किमी पर होगी भोजन और प्रसादी की व्यवस्था
श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही प्रदेश भर में निकलने वाली पवित्र ‘कांवड़ यात्रा’ को लेकर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष निर्देश दिए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम:
भोजन और प्रसादी केंद्र: कांवड़ यात्रा के सभी प्रमुख मार्गों पर हर 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर श्रद्धालुओं के लिए मुफ़्त भोजन, चाय-पानी और प्रसादी की व्यवस्था की जाएगी।
सुविधा केंद्र व मेडिकल हेल्प: कांवड़ यात्रियों के विश्राम के लिए मार्ग में सुविधा केंद्र बनाए जाएंगे।
जनभागीदारी से होगा काम: इस पूरी व्यवस्था में धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम जनता के सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
2. भगोरिया उत्सव को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान
झाबुआ, अलीराजपुर और मालवा-निमाड़ अंचल के विश्व प्रसिद्ध जनजातीय उत्सव ‘भगोरिया’ को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा विज़न पेश किया है।
अग्रिम तिथियां होंगी जारी: अगले वर्ष आने वाले भगोरिया उत्सव की तारीखें बहुत पहले ही घोषित कर दी जाएंगी।
यह भी पढ़े–
राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग: मध्य प्रदेश के इस विलक्षण और अद्भुत सांस्कृतिक पर्व का प्रचार-प्रसार पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर पर किया जाएगा, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक जनजातीय परंपराओं और संस्कृति को करीब से देख सकें।
3. हाइवे पर मिलेंगे हॉस्पिटल, पेट्रोल पंप और चार्जिंग स्टेशन
पर्यटकों और आम यात्रियों के सफर को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मार्गों पर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मार्ग सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का नया मॉडल
| योजना / क्षेत्र | नया फैसला और दिशा-निर्देश | फायदा और प्रभाव |
| मार्ग सुविधा केंद्र (Way-side Amenities) | नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और ग्रीनफील्ड के पास अस्पताल, ट्रामा सेंटर, पेट्रोल पंप और EV चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। | दुर्घटना की स्थिति में तुरंत इलाज और यात्रियों को लंबी दूरी में सहूलियत। |
| PPP मॉडल पर संचालन | इन सुविधा केंद्रों का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर करने का विचार। | बेहतर रख-रखाव और प्राइवेट सेक्टर का निवेश। |
| बड़े शहरों में कन्वेंशन सेंटर | प्रदेश के सभी बड़े शहरों में निजी निवेश को बढ़ावा देकर आधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनेंगे। | बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स और बिजनेस टूरिज्म (MICE) को बढ़ावा। |
4. प्राइवेट इन्वेस्टमेंट में न हो देरी, पर्यटन को ‘उद्योग’ का दर्जा
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सख्त हिदायत दी कि पर्यटन क्षेत्र में निजी निवेश (Private Investment) को आकर्षित करने के लिए दी जाने वाली अनुमतियों (Clearances) में बिल्कुल भी देरी नहीं होनी चाहिए। प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुगम और त्वरित बनाया जाए।
साथ ही, बैठक में बताया गया कि मध्य प्रदेश में पर्यटन को ‘उद्योग’ (Industry Status) का दर्जा देने की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलते ही प्रदेश में नए रिसॉर्ट्स, होटल्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और होमस्टे बनाने वाले निवेशकों को बिजली दरों, टैक्स और वित्तीय सब्सिडी में भारी राहत मिलेगी।
दिल की बात (अंतिम विचार)
चाहे जंगलों के बीच बने होमस्टे में ठहरकर गाँव का जीवन जीना हो, भगोरिया की ढोलक पर थिरकना हो या धार्मिक यात्राओं पर निकले श्रद्धालुओं की सेवा करना हो—मध्य प्रदेश सरकार की यह नीति पर्यटन को सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि संस्कृति और रोजगार का माध्यम बना रही है। जब वन, संस्कृति और पर्यटन विभाग एक साथ मिलकर काम करेंगे, तो यकीनन एमपी टूरिज्म की चमक पूरी दुनिया में बिखरेगी!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. होमस्टे (Homestays) को बढ़ावा देने के लिए किन विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं?
ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में होमस्टे को प्रोत्साहित करने के लिए पर्यटन विभाग, वन विभाग और संस्कृति विभाग को आपस में समन्वय बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
Q2. कांवड़ यात्रा के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्या विशेष निर्देश दिए हैं?
कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए प्रत्येक 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर भोजन, प्रसादी और विश्राम सुविधा केंद्रों की व्यवस्था जनभागीदारी के साथ करने के निर्देश दिए गए हैं।
Q3. भगोरिया उत्सव के प्रचार-प्रसार को लेकर क्या योजना बनाई गई है?
मध्य प्रदेश के इस अनूठे जनजातीय उत्सव की तिथियां काफी पहले से जारी कर इसका राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि टूरिज्म को बढ़ावा मिले।
Q4. हाइवे पर बनने वाले नए मार्ग सुविधा केंद्रों में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
हाईवे के पास बनने वाले सुविधा केंद्रों में पेट्रोल पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन के साथ-साथ इमरजेंसी के लिए अस्पताल और ट्रामा सेंटर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जुड़िये हमारे व्हॉटशॉप अकाउंट से-




