सावन में बाबा महाकाल के भक्तों के लिए रेलवे की बड़ी तैयारी: उज्जैन स्टेशन पर लागू हुई ‘स्पेशल क्राउड मैनेजमेंट स्कीम’, चलेंगी अनारक्षित स्पेशल ट्रेनें!

Ujjain Railway Station Shravan Bheed Prabandhan
पवित्र श्रावण मास और सावन महोत्सव के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के दर्शनों के लिए मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। हर दिन रेलवे स्टेशन पर पहुँचने वाले यात्रियों की भारी तादाद को देखते हुए पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल ने उज्जैन रेलवे स्टेशन पर एक विशेष भीड़ प्रबंधन योजना (Crowd Management Plan) लागू कर दी है।
रेलवे का मुख्य उद्देश्य सावन के पूरे महीने में उज्जैन आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम, आरामदायक और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव देना है। अनुमान के मुताबिक, इस दौरान प्रतिदिन 80 हजार से अधिक यात्री उज्जैन स्टेशन पर आवाजाही कर रहे हैं।
1. अतिरिक्त टिकट काउंटर और टिकट चेकिंग स्टाफ की तैनाती
यात्रियों को लंबे इंतज़ार और लाइनों की झंझट से बचाने के लिए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी श्री मुकेश कुमार द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार कई नई व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं:
टिकट और एंट्री की आसान व्यवस्था:
4 नए UTS काउंटर: यात्रियों की सहूलियत के लिए स्टेशन पर 4 अतिरिक्त अनारक्षित (UTS) टिकट काउंटर चालू किए गए हैं।
PRS काउंटर से भी टिकट: प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर स्थित पीआरएस (PRS) कार्यालय से भी अतिरिक्त अनारक्षित टिकटों की बिक्री की जा रही है।
6 अतिरिक्त टीटीई (TTE): स्टेशन के एंट्री और एग्जिट (प्रवेश व निकास) गेटों पर आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए 6 अतिरिक्त टिकट चेकिंग स्टाफ तैनात किए गए हैं।
2. स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़े और इमरजेंसी रेक तैयार
सावन के महीने में श्रद्धालुओं की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए ट्रेनों के परिचालन में भी बड़े बदलाव किए गए हैं:
5 स्पेशल ट्रेनों का विस्तार: इंदौर से खड़की, मुंबई सेंट्रल, दिल्ली निजामुद्दीन और पटना के बीच चलने वाली 5 प्रमुख स्पेशल ट्रेनों के फेरों (Trips) को आगे बढ़ा दिया गया है।
उज्जैन-भोपाल अनारक्षित ट्रेनें: यात्रियों का दबाव बढ़ते ही उज्जैन से भोपाल के बीच तुरंत अनारक्षित (Unreserved) स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
इमरजेंसी रेक (Emergency Rake): किसी भी आकस्मिक स्थिति, अचानक भीड़ बढ़ने या आपात स्थिति से निपटने के लिए उज्जैन स्टेशन पर एक अतिरिक्त ट्रेन रेक स्टैंडबाय पर रखा गया है।
3. सुरक्षा का सख्त पहरा: 80 अतिरिक्त जवान तैनात
सुरक्षा के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेलवे पुलिस (GRP) मिलकर मोर्चा संभाल रहे हैं।
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स्टेशन पर सुरक्षा एवं ट्रैफिक प्रबंधन की स्थिति
| व्यवस्था का प्रकार | किए गए नए इंतजाम व बदलाव | मुख्य लाभ |
| सुरक्षा बल की तैनाती | 50 अतिरिक्त आरपीएफ (RPF) और 30 अतिरिक्त जीआरपी (GRP) जवान। | जेबकतरों, असामाजिक तत्वों से बचाव व स्टेशन परिसर में शांति। |
| नो-व्हीकल ज़ोन | स्टेशन के बाहर की 3 लेनों को पूरी तरह नो-व्हीकल ज़ोन घोषित किया गया। | पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को बिना रुकावट रास्ता मिलेगा। |
| थ्रू-लेन व्यवस्था | गार्डन की तरफ वाली 1 लेन को थ्रू-लेन (Through Lane) बनाया गया है। | गाड़ियों की आवाजाही बिना ट्रैफिक जाम के सुचारु रहेगी। |
4. 650 वर्गमीटर का ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ और अनाउंसमेंट सिस्टम
भीड़ को एक ही जगह जमा होने से रोकने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बदलाव किए गए हैं:
अस्थायी होल्डिंग एरिया: वर्तमान पार्किंग क्षेत्र के अलावा प्लेटफॉर्म नंबर-1 के मुख्य गेट के बाहर लगभग 650 वर्गमीटर का विशाल अस्थायी ‘क्राउड होल्डिंग एरिया’ तैयार किया गया है, जहाँ यात्री रुक सकते हैं।
ऑटोमैटिक और मैनुअल अनाउंसमेंट: ट्रेनों के समय, प्लेटफॉर्म नंबर और दिशा-निर्देशों की पल-पल जानकारी देने के लिए 24 घंटे लगातार ऑटोमैटिक और मैनुअल माइक अनाउंसमेंट किए जा रहे हैं।
साफ-सफाई और साइनेज: श्रद्धालुओं की सहायता के लिए हिंदी और अंग्रेजी में बड़े-बड़े दिशा-सूचक (Signage Boards) लगाए गए हैं तथा 24 घंटे स्वच्छता बनाए रखने के लिए सफाईकर्मियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
5. जिला प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय
रेलवे प्रशासन ने उज्जैन के स्थानीय जिला प्रशासन, महाकाल मंदिर प्रबंध समिति और मध्य प्रदेश पुलिस के साथ बेहतर तालमेल (Coordination) बनाया है। स्टेशन से निकलकर महाकाल मंदिर जाने वाले कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए बस और ऑटो स्टैंड के रूट भी सुव्यवस्थित किए गए हैं।
अंतिम विचार
सावन के पावन महीने में उज्जैन आने वाले शिवभक्तों की सेवा के लिए पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल द्वारा किया गया यह प्रयास वास्तव में सराहनीय है। 80 हजार से ज्यादा दैनिक यात्रियों के लिए अतिरिक्त ट्रेनें, बड़ा होल्डिंग एरिया, मजबूत सुरक्षा घेरा और चौबीसों घंटे चलने वाले टिकट काउंटर यह सुनिश्चित करेंगे कि हर श्रद्धालु अपनी आस्था और भक्ति का सफर बिना किसी परेशानी के पूरा कर सके।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. सावन के महीने में उज्जैन रेलवे स्टेशन पर रोजाना कितने यात्रियों के पहुँचने का अनुमान है?
श्रावण मास और सावन महोत्सव के दौरान उज्जैन स्टेशन पर प्रतिदिन 80,000 से अधिक श्रद्धालुओं और यात्रियों के पहुँचने का अनुमान है।
Q2. उज्जैन स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए क्या अतिरिक्त इंतज़ाम किए गए हैं?
यहाँ 4 अतिरिक्त UTS टिकट काउंटर, 6 टिकट चेकिंग स्टाफ, 80 सुरक्षा जवान (RPF/GRP), 650 वर्गमीटर का क्राउड होल्डिंग एरिया और आवश्यकतानुसार अनरिजर्व्ड स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
Q3. क्या उज्जैन से भोपाल के बीच कोई विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं?
हाँ, यात्रियों की भीड़ के दबाव को देखते हुए जरूरत के हिसाब से उज्जैन-भोपाल-उज्जैन के बीच अनारक्षित (Unreserved) स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
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