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जल संरक्षण बना समृद्धि का आधार: मन की बात में छाया सीधी का कमाल!

Sidhi Jal Sanrakshan Model

दोस्तों, जब इरादे पक्के हों और सरकार के साथ-साथ जनता भी हाथ मिला ले, तो बड़े से बड़ा बदलाव चुटकियों में हो जाता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मध्यप्रदेश के सीधी जिले ने!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सीधी जिले में पानी बचाने और जनभागीदारी से किए गए बेहतरीन कामों की दिल खोलकर तारीफ की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ ने सीधी की पूरी तस्वीर ही बदलकर रख दी है।

1. 12 हजार से ज्यादा जल काम और 1,489 खेत तालाब

सीधी जिले में पानी की बूंद-बूंद सहेजने के लिए बड़े पैमाने पर काम हुआ है। अकेले इस अभियान के तहत 1,489 खेत तालाब बनकर तैयार हो चुके हैं।

बदलाव का आंकड़ा: जिले में अब तक कुल 12,983 जल संरक्षण के काम पूरे किए गए हैं। इससे जिले की पानी रोकने की क्षमता में 44 लाख 82 हजार घनमीटर से ज्यादा का जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसका सीधा फायदा यह हुआ कि करीब 896 हेक्टेयर अतिरिक्त जमीन पर सिंचाई हो सकेगी और 1 लाख लोगों को रोज का पानी आसानी से मिल पाएगा।

2. नदियों को मिला नया जीवन, ऊँचाई पर बसे आदिवासियों तक पहुँचा पानी

पानी को लंबे टाइम तक रोकने के लिए जिले की पाँचों जनपद पंचायतों में नदियाँ पुनर्जीवित की गईं। चेकडैम, स्टॉपडैम और गैबियन स्ट्रक्चर बनाए गए, जिससे भीषण गर्मी में भी नदियाँ सूखी नहीं।

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  • लिफ्ट सिंचाई से फायदा: सिहावल ब्लॉक के व्यवहार खांड, कुंनझुनकला, बहरी, अमराही और पोड़ी जैसे इलाकों में लिफ्ट सिंचाई की मदद से ऊँचाई पर रहने वाले आदिवासी किसानों के खेतों तक नदी का पानी पहुँचाया गया।

  • कमाई में बढ़ोतरी: अब किसान सिर्फ बारिश वाली फसल (खरीफ) पर निर्भर नहीं हैं, वे रबी की फसलें और सब्जियां भी उगा रहे हैं। इससे किसानों की सालाना कमाई 40 से 50 हजार रुपये तक बढ़ गई है।

3. पानी से सिर्फ सिंचाई नहीं, आजीविका भी चमकी

सीधी जिले का यह मॉडल सिर्फ पानी बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कमाई के नए रास्ते भी खुले हैं।

कमाई और आजीविका का हिसाब-किताब

गतिविधिविस्तार / कामआर्थिक फायदा / अनुमानित आय
मत्स्य पालन व सिंघाड़ा211 तालाबों में मछली और 178 में सिंघाड़ासमूहों और पालकों को ~80 लाख रुपये का फायदा
फलदार पौधे (हरित मॉडल)18,600 फलदार पौधे लगाए गएभविष्य में ~3.59 करोड़ रुपये सालाना आय
बेलहा डैम प्रोजेक्टडैम का पुनर्जीवनकृषि आय में ~4.75 करोड़ रुपये/वर्ष की बढ़ोतरी

दिल की बात (अंतिम विचार)

सीधी जिले की यह कामयाबी साबित करती है कि जब सरकारी नीतियां, प्रशासनिक लगन और जनता का साथ एक साथ मिलते हैं, तो सूखी जमीन भी सोना उगलने लगती है।

पीएम मोदी द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सीधी का जिक्र किया जाना जिले के हर नागरिक, किसान और स्व-सहायता समूह की मेहनत का असली सम्मान है। सीधी का यह ‘वॉटर मॉडल’ आज पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुका है!

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. सीधी जिले की तारीफ पीएम मोदी ने किस कार्यक्रम में की?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने प्रसिद्ध मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में सीधी जिले में जल संरक्षण के लिए हुए कामों की तारीफ की।

Q2. सीधी जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कुल कितने खेत तालाब बने?

अभियान के तहत जिले में 1,489 खेत तालाबों का निर्माण पूरा कराया गया है।

Q3. जल संरक्षण से किसानों की आय पर क्या असर पड़ा है?

सिंचाई की सुविधा और लिफ्ट सिंचाई से किसान अब दोहरी फसलें और सब्जियां उगा रहे हैं, जिससे उनकी आय में 40 से 50 हजार रुपये सालाना तक की बढ़ोतरी हुई है।

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