
Mann Ki Baat Governor Mangubhai Patel
दोस्तों, जब देश के सबसे बड़े मंच से समाज के आम लोगों की असाधारण कहानियों की बात होती है, तो हर सुनने वाले में एक नया जोश भर जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को भोपाल के ‘कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय’ में देखने को मिला।
मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने यहाँ स्कूल की छात्राओं, शिक्षकों और अधिकारियों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण किया। इस दौरान उन्होंने जो बातें कहीं, वे हर युवा और छात्र के दिल को छू जाने वाली थीं।
1. “गागर में सागर” जैसा है यह कार्यक्रम
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ ज्ञान, संस्कार और प्रेरणा का एक लगातार बहने वाला झरना है। यह कार्यक्रम कम समय में बड़ी और काम की बातें सिखा देता है।
दिल को छू लेने वाली बात: राज्यपाल ने छात्राओं से कहा, “आप सिर्फ देश का आज ही नहीं, बल्कि आने वाला कल भी हैं। इस कार्यक्रम को रोज़मर्रा की आदत में शामिल करें और दूसरों को भी इसके प्रेरक किस्से सुनाएं। इससे हमें जीवन को सरल, सफल और सार्थक बनाने का तरीका मिलता है।”
2. छोटे-छोटे प्रयासों को मिलती है राष्ट्रीय पहचान
‘मन की बात’ की सबसे खास बात यही है कि यह दूर-दराज के गाँवों में बैठकर बिना किसी प्रचार के काम कर रहे लोगों के संघर्ष को पूरे देश के सामने लाता है।
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नया विश्वास और लक्ष्य: कार्यक्रम को सुनने से जीवन की कठिन से कठिन समस्याओं को पॉजिटिव सोच और जन-भागीदारी से सुलझाने की प्रेरणा मिलती है।
हर इंसान से सीखें: राज्यपाल ने बच्चों को सलाह दी कि वे हमेशा सीखने का भाव रखें, समाज के हर छोटे-बड़े व्यक्ति का सम्मान करें और जरूरतमंदों के प्रति दिल में दया रखें।
3. प्रदर्शनी देखकर हैरान रह गए राज्यपाल
कार्यक्रम से पहले राज्यपाल श्री पटेल ने छात्राओं द्वारा बनाई गई एक शानदार प्रदर्शनी का जायजा भी लिया।
स्कूल में हुए खास पल
| गतिविधि | विवरण |
| प्रदर्शनी का मुआयना | छात्राओं ने विज्ञान, इतिहास, कला और संस्कृति पर मॉडल्स बनाए थे। |
| खास स्वागत | भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने पौधा भेंट कर राज्यपाल का स्वागत किया। |
| स्मृति चिन्ह | लोक शिक्षण संचालक डी.एस. कुशवाहा ने छात्राओं द्वारा बनाई गोंडी पेंटिंग गिफ्ट की। |
विद्यालय की प्राचार्य संगीता सक्सेना ने स्कूल की उपलब्धियों के बारे में बताया और सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विधायक भगवान दास सबनानी भी मौजूद थे।
दिल की बात (अंतिम विचार)
‘मन की बात’ वास्तव में यह सिखाती है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता। अगर नीयत साफ हो और इरादे मजबूत हों, तो एक आम नागरिक भी समाज में बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। हमारे बच्चों और युवाओं को ऐसे कार्यक्रमों से जुड़कर देश के नव-निर्माण में अपना योगदान ज़रूर देना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम कहाँ सुना?
राज्यपाल ने भोपाल के कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय की छात्राओं और शिक्षकों के साथ बैठकर ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया।
Q2. राज्यपाल ने छात्राओं को क्या खास सलाह दी?
उन्होंने छात्राओं को ‘मन की बात’ नियमित सुनने की आदत डालने, हर व्यक्ति का सम्मान करने, समाज के प्रति संवेदनशील रहने और लगातार सीखते रहने की सलाह दी।
Q3. कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल को क्या स्मृति चिन्ह दिया गया?
उन्हें स्कूल की छात्राओं द्वारा बनाई गई एक सुंदर गोंडी पेंटिंग (Gondi Painting) स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट की गई।
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