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भोपाल को मिला चौथा रेलवे स्टेशन: निशातपुरा से रवाना हुई मालवा एक्सप्रेस, सिंहस्थ 2028 के लिए बड़ी सौगात!

Nishatpura Railway Station Bhopal

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के रेल यात्रियों और आने वाले सिंहस्थ 2028 (Simhastha 2028) के श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक और बहुत बड़ी खुशखबरी आई है! राजधानी भोपाल को अब निशातपुरा के रूप में चौथा मुख्य रेलवे स्टेशन मिल गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को 14 करोड़ रुपये की लागत से नव-विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर दो प्रमुख ट्रेनों का नया स्टॉपेज शुरू किया। इस दौरान उन्होंने डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा ‘मालवा एक्सप्रेस’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस का ठहराव भी अब निशातपुरा स्टेशन पर शुरू हो गया है।

1. नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की यात्रा होगी आसान और तेज

अब तक नई दिल्ली से आने वाली जिन ट्रेनों को उज्जैन या इंदौर जाना होता था, उन्हें भोपाल के मुख्य रेलवे स्टेशन पर जाकर इंजन की दिशा बदलने (इंजन रिवर्सल) और पटरियाँ बदलने में काफी समय गँवाना पड़ता था।

यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा: निशातपुरा स्टेशन के एक्टिव होने से अब ट्रेनें भोपाल मुख्य स्टेशन पर जाए बिना सीधे बाईपास रूट से निकल सकेंगी। इससे यात्रियों का काफी समय बचेगा और उन्हें स्टेशन पर लंबे इंतज़ार से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री ने भी कहा कि निशातपुरा पर रुकने वाली ट्रेनें एक तरह से ‘शिव’ (उज्जैन) और ‘शक्ति’ (वैष्णोदेवी) का सुंदर संगम हैं।

2. सिंहस्थ 2028 की महा-तैयारियों का हिस्सा

2028 में उज्जैन में होने जा रहे भव्य सिंहस्थ महाकुंभ में दुनिया भर से लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के मध्य प्रदेश आने का अनुमान है। इतनी विशाल भीड़ को अकेले उज्जैन या भोपाल का एक स्टेशन संभाल नहीं सकता था।

  • भीड़ का दबाव होगा कम: भोपाल में अब 4 बड़े स्टेशन उपलब्ध हैं—रानी कमलापति, भोपाल मुख्य स्टेशन, संत हिरदाराम नगर और निशातपुरा। यह नेटवर्क सिंहस्थ के दौरान यात्रियों के दबाव को आसानी से बांट सकेगा।

  • सीधा कनेक्टिविटी का लाभ: उत्तर भारत और दिल्ली की तरफ से आने वाले यात्री अब सीधे निशातपुरा होकर उज्जैन पहुँच सकेंगे।

3. मध्य प्रदेश में रेलवे का ऐतिहासिक कायाकल्प (24 गुना बढ़ा बजट)

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि बीते एक दशक में मध्य प्रदेश के रेल बजट और विकास में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी हुई है।

MP रेलवे विकास का लेखा-जोखा:

प्रमुख बिंदु / प्रोजेक्टआंकड़े और विवरण
रेल बजट में बढ़ोतरीवर्ष 2009-14 में जहाँ रेल बजट केवल ₹632 करोड़ था, वह 2026-27 में बढ़कर ₹15,288 करोड़ हो गया है (24 गुना वृद्धि)।
जारी विकास कार्यवर्तमान में प्रदेश में ₹1,18,000 करोड़ के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
नई रेलवे लाइनेंवर्ष 2014 के बाद से प्रदेश में 2,800 किलोमीटर नई रेल लाइनें बिछाई गई हैं (जो डेनमार्क देश की सीमा से भी अधिक है)।
100% इलेक्ट्रिफिकेशनमध्य प्रदेश में सभी रेलवे ट्रैक्स के शत-प्रतिशत बिजलीकरण (Electrification) का काम पूरा हो चुका है।
ट्रैक बिछाने की रफ्तारदेश में पहले जहाँ रोजाना 4 किमी ट्रैक बिछता था, अब औसतन 34 किमी प्रतिदिन की रफ्तार से पटरियां बिछ रही हैं।

4. निशातपुरा और भोपाल को मिलने वाली नई सुविधाएं

स्थानीय विधायक और मंत्रियों की मौजूदगी में निशातपुरा क्षेत्र के लिए कई और बड़ी अधोसंरचना (Infrastructure) योजनाओं की भी बात की गई:

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  • 6-लेन रेलवे ओवरब्रिज (ROB): निशातपुरा स्टेशन के पास ही द्वारका नगर से खेड़ापति हनुमान मंदिर तक 6 पटरियों के ऊपर से गुजरने वाला एक बड़ा ओवरब्रिज बनाया जाएगा, जिससे आसपास की जनता को ट्रैफिक से मुक्ति मिलेगी।

  • ट्रेनों के आधुनिक कोच का निर्माण: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब भोपाल के पास ही आधुनिक रेलवे कोच तैयार करने की यूनिट्स पर भी काम चलेगा।

  • तीसरी और चौथी लाइन का काम: इटारसी-भोपाल-बीना और वडोदरा-रतलाम रेल रूट पर तीसरी और चौथी पटरियां बिछाने का काम तेजी से जारी है।

  • 13 नए अमृत स्टेशन: राज्य में 13 बड़े स्टेशनों को वर्ल्ड-क्लास ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में जीर्णोद्धार कर लिफ्ट, एस्केलेटर और आधुनिक एफओबी (FOB) से लैस किया गया है।

5. रेलवे के विस्तार से व्यापार और रोजगार को पंख

जब भी किसी क्षेत्र में नए रेलवे स्टेशन का विस्तार होता है, तो उससे सिर्फ रेलयात्रियों को ही फायदा नहीं पहुँचता। निशातपुरा जैसे नए स्टेशन के बनने से आसपास के इलाकों में छोटे व्यापारियों, ऑटो-टैक्सी चालकों, होटल उद्योग और स्थानीय दुकानों के लिए नए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे।

पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक श्री दिलीप कुमार सिंह ने भी आश्वासन दिया कि निशातपुरा स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा, आधुनिक वेटिंग हॉल और सुगम आवाजाही के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।

दिल की बात (अंतिम विचार)

विरासत और विकास का यह अनोखा मेल मध्य प्रदेश को एक नई पहचान दे रहा है। निशातपुरा रेलवे स्टेशन सिर्फ एक नया स्टेशन नहीं है, बल्कि यह भोपाल की बढ़ती आबादी, सिंहस्थ 2028 की दूरदर्शी तैयारियों और यात्रियों के समय की बचत का एक बहुत बड़ा माध्यम साबित होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. भोपाल में निशातपुरा को मिलाकर अब कुल कितने मुख्य रेलवे स्टेशन हो गए हैं?

भोपाल में अब कुल 4 मुख्य रेलवे स्टेशन हो गए हैं—भोपाल मुख्य स्टेशन, रानी कमलापति (हबीबगंज), संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) और निशातपुरा स्टेशन।

Q2. निशातपुरा स्टेशन पर कौन-कौन सी दो ट्रेनों का नया स्टॉपेज चालू हुआ है?

निशातपुरा स्टेशन पर ‘डॉ. अंबेडकर नगर-श्रीमाता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस’ और ‘वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस’ का ठहराव शुरू हुआ है।

Q3. निशातपुरा स्टेशन के निर्माण में कितनी लागत आई है और इससे यात्रियों को क्या फायदा होगा?

यह स्टेशन लगभग ₹14 करोड़ की लागत से विकसित हुआ है। इससे दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली ट्रेनों को भोपाल मेन स्टेशन जाकर इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रियों के समय की बड़ी बचत होगी।

Q4. मध्य प्रदेश में रेल बजट कितना बढ़ाया गया है?

मध्य प्रदेश के लिए रेल बजट 2009-14 के ₹632 करोड़ से बढ़ाकर वर्ष 2026-27 में ₹15,288 करोड़ (24 गुना अधिक) कर दिया गया है।

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