मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान: अब हर शुक्रवार आपके द्वार होगी सरकार!

Mukhyamantri Jan-Vishwas Abhiyan 2026
दोस्तों, मध्यप्रदेश में जनता की समस्याओं का तुरंत हल निकालने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एक बहुत ही शानदार पहल की शुरुआत होने जा रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ऐलान किया है कि प्रदेश में 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक 6 महीने लंबा ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि इसमें सिर्फ फाइलों पर काम नहीं होगा, बल्कि मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव और आला अफसर सीधे ज़मीन पर उतरकर जनता से संवाद करेंगे और समस्याओं का 100% निराकरण करेंगे।
1. अभियान के 4 बड़े पिलर: संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी
सरकार का मानना है कि यह अभियान सिर्फ शिकायतों को निपटाने के लिए नहीं है, बल्कि जनता और शासन के बीच भरोसा मजबूत करने का जरिया है।
अभियान की सबसे बड़ी बात: हर हफ्ते शुक्रवार का दिन पूरी तरह से ‘मैदानी भ्रमण’ (Field Visit) के लिए तय रहेगा। इस दिन कोई भी रूटीन मीटिंग नहीं होगी। भोपाल से लेकर जिले तक के अधिकारी अपने-अपने इलाकों में घूमकर लोगों की परेशानियाँ सुनेंगे और मौके पर ही उनका हल निकालेंगे।
2. भ्रमण से पहले होगी पेंडिंग मामलों की छंटनी
गाँव या कस्बे में पहुँचने से पहले ही प्रशासन पूरी तैयारी के साथ जाएगा।
हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी: सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और लोक सेवा गारंटी के तहत जितने भी पुराने पेंडिंग केस हैं, पहले उनकी समीक्षा की जाएगी और उन्हें निपटाया जाएगा।
अचानक निरीक्षण: दौरे के दौरान अधिकारी अस्पतालों, स्कूलों, राशन दुकानों, पटवारी कार्यालयों, थाने, खाद-बीज की दुकानों और आंगनवाड़ियों का अचानक जायजा लेंगे।
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जन संवाद और उद्योग संवाद: आम जनता के साथ-साथ छोटे और बड़े उद्योगपतियों (MSME) की समस्याओं को सुलझाने के लिए ‘उद्योग संवाद’ भी आयोजित किए जाएंगे।
3. पहले चरण में इन 4 जिलों से होगी शुरुआत
अगस्त के महीने में अभियान का पहला चरण शुरू होगा, जिसके लिए 4 जिले चुने गए हैं:
प्रथम चरण के जिले और फोकस एरिया
| जिला | मुख्य फोकस |
| बड़वानी, सीधी, श्योपुर और पांढुर्ना | नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, आयुष्मान कार्ड, ई-केवाईसी, पीएम आवास और खाद-बीज की उपलब्धता। |
दौरे के दौरान कानून-व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, दिव्यांग पेंशन और जल जीवन मिशन के प्रोजेक्ट्स की भी बारीक चेकिंग की जाएगी।
4. कोई फिजूलखर्ची नहीं, सादगी से होगा काम
अक्सर बड़े अभियानों में साज-सज्जा और फालतू खर्चों पर सवाल उठते हैं, लेकिन डॉ. मोहन यादव ने साफ निर्देश दिए हैं कि इस अभियान में पूरी तरह सादगी और मितव्ययिता बरती जाएगी।
गाड़ियों की पूलिंग की जाएगी ताकि फालतू गाड़ियाँ न दौड़ें।
बैठकों या संवाद के लिए किसी महंगे टेंट या होटल के बजाय सरकारी भवनों और सार्वजनिक जगहों का ही इस्तेमाल होगा।
दिल की बात (अंतिम विचार)
जब सरकार खुद जनता के दरवाजे पर चलकर आने लगे, तो समझो सुशासन (Good Governance) सही मायनों में ज़मीन पर उतर रहा है। जन-विश्वास अभियान से न सिर्फ लोगों को अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी, बल्कि अफसरों की जवाबदेही भी तय होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान कब से कब तक चलेगा?
यह अभियान 7 अगस्त 2026 से शुरू होकर 8 जनवरी 2027 तक पूरे मध्य प्रदेश में संचालित किया जाएगा।
Q2. इस अभियान के तहत शुक्रवार का दिन क्यों खास रखा गया है?
प्रत्येक शुक्रवार को कोई भी नियमित बैठक नहीं होगी। पूरा दिन सिर्फ फील्ड विजिट, जनसंवाद और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित रहेगा।
Q3. अगस्त महीने के पहले चरण में कौन से जिले शामिल हैं?
पहले चरण में अगस्त माह के लिए बड़वानी, सीधी, श्योपुर तथा पांढुर्ना जिले निर्धारित किए गए हैं।
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