MP Tech Growth Conclave 3.0: मध्यप्रदेश में ₹40,000 करोड़ के निवेश की बौछार, युवाओं को मिलेंगे 34 हजार से अधिक रोजगार
MP Tech Growth Conclave 3.0
भोपाल: मध्यप्रदेश अब केवल कृषि और वनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह देश का अगला बड़ा टेक्नोलॉजी और इंडस्ट्रियल हब बनने की राह पर तेजी से अग्रसर है। भोपाल में आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 (MP Tech Growth Conclave 3.0) के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने वाले कई बड़े ऐलान किए।
इस कॉन्क्लेव में लगभग 40,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुआ है, जिससे राज्य में 34,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
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कुल निवेश: ₹40,000 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त।
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रोजगार सृजन: 34,000 से ज्यादा युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर।
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विदेशी निवेश: 8 देशों की 10 प्रमुख कंपनियों द्वारा ₹28,200 करोड़ की योजनाएं धरातल पर उतरीं।
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मेगा प्रोजेक्ट: स्पेन का सबमर ग्रुप (Submer Group) भोपाल में ₹20,000 करोड़ की लागत से AI-Ready डेटा सेंटर स्थापित करेगा।
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इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास: भोपाल और इंदौर में अत्याधुनिक आईटी पार्क तथा ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब की स्थापना।
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नया एमओयू: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल स्किलिंग के लिए गूगल प्ले (Google Play) के साथ ऐतिहासिक समझौता।
धरातल पर उतरा ₹28,200 करोड़ का विदेशी निवेश (FDI)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश अब केवल कागजी समझौतों (MoUs) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हकीकत में बदल रहा है। स्पेन, कनाडा, अमेरिका, यूके, जापान, दक्षिण कोरिया, आयरलैंड और जर्मनी जैसे 8 देशों की बड़ी कंपनियां राज्य में काम शुरू कर चुकी हैं:
| कंपनी / देश | परियोजना का प्रकार | निवेश राशि (करोड़ रुपये में) |
| सबमर इंडिया (स्पेन) | AI-Ready डेटा सेंटर (भोपाल) | ₹20,000 करोड़ ($2 Billion) |
| मैक्केन फूड (कनाडा) | फूड प्रोसेसिंग इकाई | ₹3,800 करोड़ |
| हेलियन – GSK (यूके) | फार्मास्यूटिकल्स परियोजना | ₹3,000 करोड़ |
| टोपान स्पेशियलिटी फिल्म्स (जापान) | स्पेशियलिटी फिल्म्स इकाई | ₹1,100 करोड़ |
| ट्रूयर स्पिलट वाटर्स (अमेरिका) | रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट | ₹500 करोड़ |
इसके अलावा दक्षिण कोरिया की बू यंग स्कीकॉर्प (लेदर व फुटवियर) और आयरलैंड की फेलिक्स जेनेरिक्स (फार्मा) जैसी कंपनियां भी राज्य में तेजी से अपने कदम बढ़ा रही हैं।
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स्पेन का सबमर ग्रुप भोपाल में लाएगा डिजिटल क्रांति
कॉन्क्लेव की सबसे बड़ी उपलब्धि स्पेन के सबमर ग्रुप (Submer Group) द्वारा भोपाल के हज्जामपुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाला AI-Ready डेटा सेंटर है। सबमर इंडिया के सीईओ श्री पैट्रिक स्मेल्ट्स ने राज्य सरकार की त्वरित कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए बताया:
“हमने भूमि आवंटन के लिए आवेदन किया और मात्र 6 दिनों के भीतर एमपीआईडीसी (MPIDC) द्वारा हमें 60,619 वर्ग मीटर भूमि की लीज मंजूरी मिल गई। यह निवेशकों के प्रति सरकार के अनुकूल रुख का बेहतरीन उदाहरण है।”
इस डेटा सेंटर के निर्माण से क्षेत्र के लगभग 5,000 युवाओं को सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणाएं
मध्यप्रदेश को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित घोषणाएं की हैं:
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इंदौर सुपर कॉरिडोर: यहाँ 3 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक आईटी पार्क विकसित किया जाएगा, जो ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) और डिजिटल सेवा कंपनियों के लिए विश्वस्तरीय स्पेस प्रदान करेगा।
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भोपाल आईटी पार्क: भोपाल के कोलार और आईटी पार्क परिसर में नए प्लग-एंड-प्ले आईटी टॉवर बनाए जाएंगे।
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सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: राज्य में चिप डिजाइनिंग, अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए इस विशेष केंद्र की स्थापना होगी।
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एवीजीसी-एक्सआर सेंटर: एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) सेक्टर को रफ्तार देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा।
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पारस सेमीकंडक्टर्स का बड़ा निवेश: कंपनी के सीईओ संतोष कुमार के अनुसार, मध्यप्रदेश में भारत की पहली एडवांस्ड हेटेरोजीनियस पैकेजिंग ओसेट (OSAT) इकाई के लिए ₹6,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है।
उद्योग-मित्र नीतियों का दिख रहा है असर
मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रमुख सचिव श्री एम. सेल्वेंद्रन ने साझा किया कि राज्य सरकार की नीतियां निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार संशोधित की जा रही हैं। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति, प्रचुर लैंड बैंक, निर्बाध बिजली आपूर्ति और देश की सबसे सस्ती ग्रीन एनर्जी (सौर ऊर्जा) निवेशकों को आकर्षित करने के प्रमुख कारण हैं।
कॉन्क्लेव के दौरान 20 नई औद्योगिक व तकनीकी इकाइयों का लोकार्पण भी किया गया, जिससे इंदौर, भोपाल और जबलपुर के आईटी पार्कों में ₹178 करोड़ से अधिक का निवेश और 1,200 से अधिक रोजगार सृजित होंगे। साथ ही, भोपाल में ₹422 करोड़ की लागत वाले पीसीबी (Printed Circuit Board) मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई है।
निष्कर्ष
एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 ने यह साबित कर दिया है कि मध्यप्रदेश अब देश में ‘फ्यूचर ग्रोइंग सेक्टर्स’ जैसे कि AI, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर्स का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार का यह विजन आने वाले समय में राज्य के युवाओं के लिए सुनहरे भविष्य के द्वार खोलेगा।
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