आयुर्वेद का वरदान: उज्जैन में असाध्य रोगों का महा-शिविर, प्राचीन जड़ी-बूटियों से होगा जड़ से उपचार!

Free Ayurveda Camp
उज्जैन। भागदौड़ भरी जिंदगी में उत्पन्न होने वाली गंभीर और असाध्य बीमारियों के उपचार के लिए महाकाल की नगरी उज्जैन में एक विशेष निःशुल्क आयुर्वेद शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जाने-माने आयुर्वेद विशेषज्ञ और नाड़ी वैद्य संतोष आनंद जायसवाल 20 से 24 अप्रैल तक युवराज द्वार क्षीर सागर स्थित प्रकाश टॉकीज की गली में मौजूद जायसवाल धर्मशाला में अपनी निःशुल्क सेवाएं दे रहे हैं।
मरीजों की सुविधा के लिए इस शिविर का समय सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक निर्धारित किया गया है। वैद्य जायसवाल विगत कई वर्षों से अपनी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों के माध्यम से मरीजों का सफल उपचार करते आ रहे हैं और इससे पूर्व भी वे लगातार महाकाल वन मेला उज्जैन के साथ-साथ भोपाल, इंदौर, जबलपुर तथा ग्वालियर में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
नाड़ी परीक्षण से बिना बताए बीमारी पहचानने का दावा
इस शिविर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वैद्य जी नाड़ी परीक्षण कर मरीज के बिना बताए ही उसका रोग पहचान लेते हैं। एक ही छत के नीचे मिर्गी, साइनस, माइग्रेन, दमा, भगंदर, बवासीर, पथरी, साइटिका, टीबी, थायराइड, लकवा, गठिया, जोड़ों का दर्द और गुप्त रोगों का इलाज किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कैंसर, किडनी की समस्या, सफेद दाग, पीलिया, हृदय रोग, हाई बीपी, अल्सर, प्रोस्टेट, गैंग्रीन, चर्म रोग, मोटापा, संतानहीनता और हाथी पांव जैसी गंभीर बीमारियों का भी जड़ी-बूटियों के माध्यम से सटीक उपचार उपलब्ध है।
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मरीजों को मिला नया जीवन, सामने आए चमत्कारी प्रभाव
वैद्य संतोष आनंद जायसवाल के उपचार से कई मरीजों को नया जीवन मिला है और शिविर में जड़ी-बूटियों के चमत्कारी प्रभाव के अनुभव भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। भोपाल की प्राइड सिटी कटारा हिल्स निवासी नेत्राम धाकड़ की आंख में नाखूना की गंभीर समस्या थी, जिसके लिए डॉक्टरों ने उन्हें बिना गारंटी वाले ऑपरेशन की सलाह दी थी। लेकिन, तीन साल पहले वैद्य जी द्वारा दी गई एक निःशुल्क जड़ी से उनकी आंख बिना ऑपरेशन के 90 प्रतिशत तक ठीक हो गई।
इसी तरह ग्वालियर के पिंटू पार्क निवासी 13 वर्षीय बालक राजन राणा का कोलेस्ट्रॉल 624 तक पहुंच गया था। शरीर में अत्यधिक सूजन के कारण उसका वजन 46 किलो हो गया था और उसे आईसीयू में भर्ती तक करना पड़ा था। लॉकडाउन के दौरान वैद्य जी के उपचार से वह मात्र एक हफ्ते में पूर्णतः स्वस्थ हो गया।
वहीं, वर्तमान शिविर में उज्जैन के पान दरीबा निवासी 80 वर्षीय कन्हैयालाल धाकड़ भी पहुंचे, जो लंबे समय से गंभीर कब्ज, पेशाब रुकने की समस्या और पूरे शरीर में खुजली से परेशान थे। वैद्य जी ने उन्हें निःशुल्क दवाइयां देकर मात्र दो दिन में पूर्ण समाधान का आश्वासन दिया है।
इस पांच दिवसीय चिकित्सा शिविर में मरीजों को परामर्श के साथ-साथ दवाइयां भी निःशुल्क प्रदान की जा रही हैं। शिविर के माध्यम से वैद्य जायसवाल ने आम नागरिकों से इस दुर्लभ अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। अधिक जानकारी या संपर्क के लिए मरीज उनके मोबाइल नंबर 9755703571 और 9300644113 पर संपर्क कर सकते हैं।
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