उज्जैन

प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को समझना है तो उज्जैन के सांदीपनि आश्रम आएं: गुरु पूर्णिमा पर सीएम डॉ. मोहन यादव

Ujjain Maharshi Sandipani Ashram Guru Purnima

गुरु पूर्णिमा के अति-पावन और शुभ अवसर पर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में श्रद्धा, अध्यात्म और भारतीय ज्ञान परंपरा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर में मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग और त्रिवेणी संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गुरु परंपरा का लोकपर्व श्रद्धा समारोह” में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि पूरे विश्व में किसी भी व्यक्ति को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, सनातन संस्कारों और गुरुकुल पद्धति को गहराई से समझना हो, तो उसे एक बार उज्जैन के सांदीपनि आश्रम जरूर आना चाहिए।

1. “जहाँ स्वयं ईश्वर भी शिक्षा ग्रहण करने आए”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा की ऐतिहासिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारी परंपरा में गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा दर्जा दिया गया है।

सांदीपनि आश्रम की अलौकिक महिमा: उज्जैन वह पावन और ऐतिहासिक नगर है जहाँ स्वयं भगवान श्री कृष्ण, बलराम और सुदामा विद्या अध्ययन करने आए थे। महर्षि सांदीपनि ने जो दिव्य शिक्षा और यथार्थ कर्मवाद का ज्ञान श्री कृष्ण को दिया, उसी के बल पर वे ‘जगतगुरु’ कहलाए। हमारी सरकार अतीत की इसी गौरवशाली और समृद्ध विरासत को सहेजने का काम कर रही है।

2. तीन महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन और वेदपाठियों को ‘गीता’ का उपहार

गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने साहित्य और संस्कृति से जुड़ी तीन प्रमुख पुस्तकों का अनावरण किया:

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विमोचित पुस्तकों की सूची और खास बातें

पुस्तक का नामलेखक / विवरणविशेष महत्व
महर्षि गुरु सांदीपनिसंस्कृति विभाग प्रकाशनसांदीपनि आश्रम के इतिहास और महिमा पर आधारित।
महर्षि सांदीपनि: भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पीस्वयं डॉ. मोहन यादव द्वारा लिखितप्राचीन गुरुकुल शिक्षा प्रणाली का वैज्ञानिक और व्यावहारिक विश्लेषण।
सर्वांगसांस्कृतिक संदर्भ ग्रन्थभारतीय ज्ञान और दर्शन के विविध आयामों का संकलन।

पुस्तक विमोचन के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित वेदपाठी बटुकों (छात्रों) को सम्मानपूर्वक श्रीमद्भगवद्गीता की प्रतियां भी वितरित कीं।

3. ‘सांदीपनि लोक’ और ‘काल भैरव लोक’ की जल्द मिलेगी सौगात

समारोह में उज्जैन उत्तर के विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व में उज्जैन का चौमुखी विकास हो रहा है।

  • नए ‘लोक’ का निर्माण: महाकाल लोक की तर्ज पर ही उज्जैन में जल्द ही भव्य ‘सांदीपनि लोक’ और ‘काल भैरव लोक’ का निर्माण किया जाएगा।

  • आयुर्वेद यूनिवर्सिटी: उज्जैन में आयुर्वेद चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनाने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।

  • सिंहस्थ 2028 की तैयारी: आगामी सिंहस्थ 2028 महापर्व को ध्यान में रखते हुए उज्जैन के साहित्य, कला, स्थापत्य और इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास कार्य सर्वधर्म समभाव के साथ पूरे किए जा रहे हैं।

4. कुण्डेश्वर व सर्वेश्वर महादेव के किए दर्शन, ‘गुरु दत्तात्रेय की पाठशाला’ का मंचन

सांदीपनि आश्रम पहुँचकर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले महर्षि सांदीपनि गुरुदेव का विधि-विधान से पूजन-अर्चन और आरती की। इसके पश्चात उन्होंने आश्रम परिसर में स्थित प्राचीन कुण्डेश्वर महादेव एवं सर्वेश्वर महादेव मंदिर में माथा टेका और प्रदेशवासियों की समृद्धि व अच्छी वर्षा की कामना की।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में त्रिवेणी संग्रहालय द्वारा भक्ति संगीत एवं नाट्य प्रस्तुति “गुरु दत्तात्रेय की पाठशाला” का सुंदर मंचन किया गया, जिसे उपस्थित संतों और नागरिकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, श्री संजय अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

अंतिम विचार

उज्जैन का सांदीपनि आश्रम केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह वह पवित्र वेद-भूमि है जहाँ से ज्ञान और कर्मयोग की धारा पूरी दुनिया में बही। गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पुस्तकों का विमोचन और सांदीपनि लोक बनाने का संकल्प यह दर्शाता है कि मध्य प्रदेश अपनी प्राचीन जड़ों को मजबूती से थामे हुए आधुनिक विकास की ओर बढ़ रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. सांदीपनि आश्रम में गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री द्वारा किन पुस्तकों का विमोचन किया गया?

मुख्यमंत्री ने “महर्षि गुरु सांदीपनि”, डॉ. मोहन यादव द्वारा स्वयं लिखित “महर्षि सांदीपनि: भारतीय गुरुकुल परंपरा के शिल्पी” और “सर्वांग” नामक तीन पुस्तकों का विमोचन किया।

Q2. उज्जैन में महाकाल लोक की तर्ज पर कौन से नए ‘लोक’ बनाने की योजना है?

उज्जैन में श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जल्द ही ‘सांदीपनि लोक’ और ‘काल भैरव लोक’ का निर्माण किया जाएगा।

Q3. सांदीपनि आश्रम का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व क्या है?

उज्जैन स्थित महर्षि सांदीपनि का आश्रम वह पवित्र स्थान है जहाँ स्वयं भगवान श्री कृष्ण, बलराम और सुदामा ने 64 कलाओं और वेदों की शिक्षा ग्रहण की थी।

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