उज्जैन की आंगनबाड़ियों में ‘टेक होम राशन’ व्यवस्था में बड़ा बदलाव: अब स्थानीय स्व-सहायता समूह बांटेंगे ‘रेडी टू ईट’ पोषण आहार!

Ujjain Take Home Ration Swasahayata Samuh
मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बांटे जाने वाले ‘टेक होम राशन’ (Take Home Ration – THR) की व्यवस्था में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उज्जैन कलेक्टर श्री रोशन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में आजीविका मिशन के तहत टीएचआर (THR) की जिम्मेदारी अब स्थानीय स्तर पर उन स्व-सहायता समूहों (Self-Help Groups) को सौंप दी गई है, जो पहले से ही आंगनबाड़ियों में गर्म-पका ताजा भोजन प्रदाय कर रहे हैं।
इस नई वैकल्पिक व्यवस्था के सुचारु संचालन और ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ की तैयारियों की समीक्षा के लिए जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सह उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई।
1. नई ‘रेडी टू ईट’ (RTE) व्यवस्था और SOP के निर्देश
कार्यशाला के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) श्री बृजेश कुमार त्रिपाठी ने जिले के सभी परियोजना अधिकारियों (CDPO) और पर्यवेक्षकों को शासन के नए निर्देशों पर अमल करने के सख्त निर्देश दिए।
प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु:
महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक संचालक श्रीमती रीना शर्मा द्वारा सभी अधिकारियों व पर्यवेक्षकों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।
SOP का कड़ाई से पालन: टीएचआर की वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में ‘रेडी टू ईट फूड’ (Ready to Eat Food) पूरक पोषण आहार की आपूर्ति के लिए विभाग द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन अनिवार्य किया गया है।
पोषण ट्रैकर से निगरानी: पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker) ऐप के माध्यम से नामांकित लाभार्थियों को तय रेसिपी के अनुसार ही पौष्टिक आहार का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
2. ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ पर विशेष जोर
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री बृजेश कुमार त्रिपाठी ने ‘मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान’ के तहत विभागीय प्राथमिकताओं को तय समय सीमा में पूरा करने पर बल दिया:
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जन विश्वास अभियान व शिकायतों के निराकरण का खाका
| प्राथमिकता का क्षेत्र | दिए गए निर्देश व समय-सीमा | मुख्य उद्देश्य |
| हेल्पलाइन शिकायतें | सीएम हेल्पलाइन की सभी लंबित शिकायतों का शत-प्रतिशत संतुष्टिपूर्वक समाधान। | आम जनता की समस्याओं का त्वरित निवारण। |
| जनसुनवाई आवेदन | जनसुनवाई व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का 3 दिनों के भीतर निराकरण। | प्रशासनिक पारदर्शिता और गतिशीलता। |
| हितग्राही योजनाएं | सभी लाभार्थीमूलक योजनाओं (Beneficiary Schemes) की पेंडेंसी खत्म करना। | पात्र महिलाओं व बच्चों को तुरंत लाभ देना। |
3. लगातार ए-ग्रेड में शामिल है उज्जैन का महिला एवं बाल विकास विभाग
उज्जैन जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रदर्शन प्रदेश भर में मिसाल बना हुआ है:
2,127 आंगनबाड़ी केंद्र: जिले की 14 बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से कुल 2,127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं।
72 पर्यवेक्षकों की टीम: हर केंद्र में एक-एक कार्यकर्ता व सहायिका कार्यरत हैं, जिनकी लगातार निगरानी 72 सेक्टर पर्यवेक्षकों (Sector Supervisors) द्वारा की जाती है।
टॉप-10 जिलों में शामिल: विभाग पिछले 1 वर्ष से लगातार ‘ए-ग्रेड’ (A-Grade) हासिल करते हुए मध्य प्रदेश के टॉप-10 प्रदर्शन करने वाले जिलों में अपनी जगह बनाए हुए है।
4. कार्यशाला में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
जिला स्तरीय इस महत्वपूर्ण उन्मुखीकरण कार्यशाला में सहायक संचालक श्रीमती रीना शर्मा, परियोजना अधिकारी श्री मनोज कुमार जाट, सुश्री प्रियंका जायसवाल, श्रीमती अर्चना दलाल, श्रीमती प्रीति कटारा, श्रीमती ज्योत्सना दीक्षित, सांख्यिकी अन्वेषक श्री सुमित सोनी सहित जिले के सभी सेक्टर पर्यवेक्षक मौजूद रहे।
अंतिम विचार
‘टेक होम राशन’ की जिम्मेदारी स्थानीय स्व-सहायता समूहों को सौंपने का राज्य सरकार का यह फैसला न केवल आंगनबाड़ियों के पोषण आहार की गुणवत्ता में सुधार लाएगा, बल्कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र की महिला स्व-सहायता समूहों को सीधे रोजगार और आर्थिक मजबूती प्रदान करेगा। उज्जैन जिले में समय-सीमा के भीतर इस व्यवस्था को लागू करने और जन विश्वास अभियान को गति देने की यह पहल बेहद सराहनीय है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. उज्जैन में टेक होम राशन (THR) बांटने की जिम्मेदारी अब किसे सौंपी गई है?
आंगनबाड़ियों में टेक होम राशन (रेडी टू ईट पूरक पोषण आहार) बांटने की नई जिम्मेदारी अब स्थानीय स्व-सहायता समूहों (SHGs) को सौंपी गई है, जो पहले से गर्म-पका भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।
Q2. जनसुनवाई की शिकायतों के निराकरण के लिए कितना समय तय किया गया है?
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जनसुनवाई और अन्य माध्यमों से प्राप्त सभी शिकायतों का समाधान अधिकतम 3 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए हैं।
Q3. उज्जैन जिले में कुल कितने आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं?
उज्जैन में 14 बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 2,127 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं।
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