जबलपुर के लिए ऐतिहासिक दिन: 1 साल में बनेगी ‘मेट्रोपॉलिटन सिटी’, मदन महल पहाड़ी पर बनेगा चिड़ियाघर, ₹397 करोड़ की मिली सौगात!

Jabalpur Metropolitan City Announcement
मध्य प्रदेश की ‘संस्कारधानी’ और ‘पुण्य नगरी’ जबलपुर के विकास को एक नई और ऐतिहासिक उड़ान मिलने जा रही है। शनिवार (1 अगस्त 2026) को जबलपुर के गीता भवन परिसर में आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की कि नगर निगम जबलपुर को आगामी एक वर्ष के भीतर ‘मेट्रोपॉलिटन सिटी’ (Metropolitan City) के रूप में विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंच से ही संभागायुक्त (कमिश्नर), कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को जबलपुर मेट्रोपॉलिटन सिटी का विस्तृत ड्रॉफ्ट प्रपोजल (Draft Proposal) तुरंत तैयार करने के कड़े निर्देश दिए।
1. सेवा और सुशासन ही हमारा मूल विकास मंत्र
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास की सोच साझा करते हुए कहा कि राज्य सरकार के लिए “सेवा दायां हाथ और सुशासन बायां हाथ है”। सरकार ‘सच्चा वादा, पक्का काम’ के सिद्धांत पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री की मुख्य बातें: “हम जो कहते हैं, वही करके दिखाते हैं। समृद्ध मध्य प्रदेश का निर्माण ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है। सहकार का अर्थ परिवार की सहायता करना है और भारत का वसुधैव कुटुंबकम का भाव ही सरकार का आधार है।”
2. जबलपुर को मिलीं 5 बड़ी सौगातें और ₹397 करोड़ के विकास कार्य
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने शहर को स्वच्छ, सुंदर और सर्वसुविधायुक्त बनाने के लिए ₹397 करोड़ की लागत से 5 प्रमुख विकास कार्यों का लोकार्पण और शुभारंभ किया:
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जबलपुर जिले के लिए स्वीकृत प्रमुख प्रोजेक्ट्स
| परियोजना / विकास कार्य | स्वीकृत लागत / विवरण | मुख्य उद्देश्य व लाभ |
| अमृत 1.0 सीवेज प्रोजेक्ट | ₹362.31 करोड़ (लोकार्पण) | कठौंदा, ललपुर और तेवर में 3 बड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू; मां नर्मदा में साफ पानी जाएगा। |
| मत्स्य विक्रय केंद्र (गुरंदी) | ₹2.50 करोड़ (लोकार्पण) | गुरंदी बाजार में आधुनिक और हाइजीनिक अत्याधुनिक मछली बिक्री केंद्र। |
| मॉडर्न लॉन्ड्री एरिया | ₹25.00 लाख (लोकार्पण) | सिविल लाइन्स इलाके में रजक समुदाय के लिए आधुनिक सुविधाओं वाला धोबी घाट। |
| फर्नीचर क्लस्टर | नई घोषणा | स्थानीय लकड़ी उद्योग और कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए क्लस्टर। |
| चिड़ियाघर (Zoo) | मदन महल पहाड़ी | वाइल्ड लाइफ विजिबिलिटी और नेशनल पार्क के पर्यटकों के आकर्षण के लिए विशाल चिड़ियाघर। |
| सांदीपनि विद्यालय | सभी विधानसभाएं | जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आधुनिक और गुणवत्तायुक्त सांदीपनि स्कूल। |
3. मेडिकल यूनिवर्सिटी बनेगी प्रदेश का ‘एम्स’
स्वास्थ्य सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी को अब ‘मध्य प्रदेश के एम्स’ (राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के रूप में विकसित किया जाएगा। यह सर्वसुविधायुक्त मॉडल पूरे प्रदेश के मेडिकल सेक्टर में लागू होगा।
साथ ही, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत डिजिटल क्रेडिट कार्ड्स का वितरण किया गया तथा नगर निगम जबलपुर की स्वच्छता सर्वेक्षण पर केंद्रित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी हुआ।
4. 11 लाख पौधे रोपने का महा-अभियान: जापानी ‘मियावाकी पद्धति’ से बनेंगे सघन वन
पर्यावरण और प्रकृति के साथ रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने जबलपुर से 11 लाख पौधे लगाने के सघन पौधरोपण अभियान की शुरुआत की।
क्या है मियावाकी तकनीक? मुख्यमंत्री ने बताया कि जापानी मियावाकी पद्धति (Miyawaki Method) से 1 एकड़ ज़मीन पर 12 हजार पौधे लगाए जा सकते हैं, जो महज 3 साल से कम समय में एक बेहद घने और प्राकृतिक जंगल का रूप ले लेते हैं।
वन्यजीवों का संरक्षण: मध्य प्रदेश अब न केवल टाइगर स्टेट है, बल्कि एशिया से विलुप्त हो चुका चीता भी अब एमपी में फल-फूल रहा है (संख्या 20 से बढ़कर 52 हो गई है)। भविष्य में असम से जंगली भैंसे, गैंडे और किंग कोबरा लाकर उनके प्राकृतिक आवास में बसाया जाएगा।
5. यूसीसी (UCC) पर बोले सीएम: ‘सब समान-सबको सम्मान’
प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सभी धर्मों के लोगों के लिए एक समान कानून लागू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जनता से 10 लाख से अधिक सुझाव मिले, जिनमें 74% से अधिक मुस्लिम बहनों ने यूसीसी लागू करने का समर्थन किया है।
समारोह को लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, जबलपुर सांसद श्री आशीष दुबे, क्षेत्रीय विधायक डॉ. अभिलाष पांडे और जबलपुर महापौर श्री जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने भी संबोधित किया।
अंतिम विचार
जबलपुर को ‘मेट्रोपॉलिटन सिटी’ बनाने का संकल्प, मेडिकल यूनिवर्सिटी को एम्स का दर्जा, मदन महल पर चिड़ियाघर और ₹362 करोड़ की सीवेज परियोजनाएं यह साबित करती हैं कि संस्कारधानी अब विकास के एक नए स्वर्णिम दौर में प्रवेश कर चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का यह ‘सच्चा वादा और पक्का काम’ जबलपुर को पूरे देश में एक अत्याधुनिक, हरे-भरे और समृद्ध शहर के रूप में स्थापित करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर को कब तक ‘मेट्रोपॉलिटन सिटी’ बनाने के निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने संभागायुक्त और कलेक्टर को आगामी 1 वर्ष के भीतर जबलपुर को मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने का ड्रॉफ्ट प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
Q2. जबलपुर की किस संस्था को ‘एम्स’ (AIIMS) के तर्ज पर विकसित किया जाएगा?
जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी को मध्य प्रदेश के एम्स (राज्यस्तरीय आयुर्विज्ञान संस्थान) के रूप में विकसित किया जाएगा।
Q3. जबलपुर में पौधरोपण के लिए किस विशेष तकनीक का उपयोग किया जा रहा है?
पौधरोपण महा-अभियान (11 लाख पौधे) के तहत कम समय में घने जंगल उगाने के लिए जापानी तकनीक ‘मियावाकी पद्धति’ (Miyawaki Method) का उपयोग किया जा रहा है।
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