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विरासत से कोई समझौता नहीं: उज्जैन के ‘वीर भारत संग्रहालय’ का सीएम मोहन यादव ने किया औचक निरीक्षण, पुरानी पद्धति से होगा जीर्णोद्धार!

Veer Bharat Sangrahalaya Ujjain Jirnoddhar

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के लिए मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार (30 जुलाई) को उज्जैन के ऐतिहासिक कोठी महल परिसर पहुँचकर निर्माणाधीन ‘वीर भारत संग्रहालय’ (Veer Bharat Museum) का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने जीर्णोद्धार में इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री (Construction Material) को खुद परखा, निर्माण कार्य की बारीकियों को समझा और वहाँ दिन-रात मेहनत कर रहे कारीगरों व श्रमिकों से बातचीत कर उनका हाल-चाल जाना।

1. “इमारत की मौलिकता और मूल स्वरूप से न हो कोई छेड़छाड़”

कोठी महल स्थित इस संग्रहालय के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को सख्त हिदायत दी है।

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश: जीर्णोद्धार (Renovation) के दौरान पुरानी और पारंपरिक निर्माण पद्धतियों का ही कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि इस ऐतिहासिक इमारत की मौलिकता और प्राचीन सुंदरता पूरी तरह बरकरार रहे। इसके ऐतिहासिक ढाँचे में किसी भी तरह का ऐसा बदलाव न किया जाए जिससे इसकी प्राचीन पहचान प्रभावित हो। गुणवत्ता (Quality) से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

यह जीर्णोद्धार कार्य उज्जैन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कराया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कार्यदायी एजेंसी “दी धरोहर” की अधिकारी श्रीमती संगीता बैस ने मुख्यमंत्री को अब तक की प्रगति का पूरा ब्योरा प्रस्तुत किया।

2. नवंबर 2026 तक पूरा होगा प्रोजेक्ट: जानिए क्या होगा खास?

प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में वीर भारत संग्रहालय का ‘फेस-1’ (प्रथम चरण) का काम अंतिम दौर में है और इसे जल्द ही ‘फेस-2’ में ले जाया जाएगा।

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जीर्णोद्धार परियोजना के प्रमुख चरण व विकास कार्य

चरण / फेजप्रस्तावित निर्माण व जीर्णोद्धार कार्यमुख्य उद्देश्य
प्रथम चरण (Phase-1)मुख्य ऐतिहासिक भवन की नींव, दीवारों का सुदृढ़ीकरण व मरम्मत।पुरानी हेरिटेज बिल्डिंग को मजबूती और सुरक्षा प्रदान करना।
द्वितीय चरण (Phase-2)इंटीरियर डिजाइनिंग, पुराने आर्किटेक्चर का रिवाइवल, साइट डेवलपमेंट।ऐतिहासिक वीरों की गाथाओं का प्रदर्शन व आकर्षण बढ़ाना।
परिसर विकाससुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था और आसपास का लैंडस्केपिंग।देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देना।

यह पूरी परियोजना आगामी नवंबर माह तक पूर्ण कर ली जाएगी, जिसके बाद इसे आम जनता और देश भर से आने वाले पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

3. शूरवीरों की गाथा का केंद्र बनेगा ‘वीर भारत संग्रहालय’

उज्जैन केवल धार्मिक नगरी ही नहीं, बल्कि सम्राट विक्रमादित्य से लेकर भारत के अमर जननायकों और वीरों की कर्मभूमि रही है। कोठी महल में आकार ले रहा ‘वीर भारत संग्रहालय’ आने वाली पीढ़ियों को भारत के गौरवशाली इतिहास, स्वाधीनता संग्राम के वीरों और सांस्कृतिक योद्धाओं के त्याग से परिचित कराने का एक बड़ा केंद्र बनेगा।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, विधायक श्री सतीश मालवीय, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष श्री ओम जैन, यूडीए अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, एडीजी श्री राकेश गुप्ता, संभागायुक्त श्री आशीष सिंह, कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह, निगमायुक्त श्री अभिलाष मिश्रा और एसपी श्री प्रदीप शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अंतिम विचार

आधुनिक तकनीक के दौर में पुरानी निर्माण पद्धतियों और चूने-पत्थर के पारंपरिक शिल्पकला को सहेजते हुए निर्माण कराना वास्तव में सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह पहल उज्जैन के कोठी महल की सदियों पुरानी भव्यता को तो सुरक्षित रखेगी ही, साथ ही ‘वीर भारत संग्रहालय’ के रूप में पर्यटकों को एक ऐसा धरोहर केंद्र सौंपेगी जो नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति के संस्कार बोने का काम करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. उज्जैन में ‘वीर भारत संग्रहालय’ का निर्माण किस ऐतिहासिक भवन में किया जा रहा है?

वीर भारत संग्रहालय का निर्माण उज्जैन स्थित ऐतिहासिक ‘कोठी महल’ परिसर में कराया जा रहा है।

Q2. संग्रहालय का जीर्णोद्धार किस प्रोजेक्ट के तहत और किस तकनीक से हो रहा है?

इसका निर्माण उज्जैन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत हो रहा है। मुख्यमंत्री ने भवन के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखने के लिए पुरानी और पारंपरिक निर्माण पद्धतियों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए हैं।

Q3. वीर भारत संग्रहालय परियोजना का कार्य कब तक पूरा होने की संभावना है?

परियोजना के द्वितीय चरण (Phase-2) के लैंडस्केपिंग और इंटीरियर कार्यों के साथ यह निर्माण कार्य आगामी नवंबर माह तक पूर्ण होने की संभावना है।

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