मानसून सत्र 2026: “अंतरिक्ष से हरित क्रांति तक असीमित है युवाओं का सामर्थ्य”, संसद सत्र के पहले दिन बोले पीएम मोदी
Monsoon Session 2026 PM Modi Statement
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र 2026 के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया को संबोधित करते हुए देश की नई दिशा और सामर्थ्य की एक सशक्त झलक पेश की। नए सत्र के प्रारंभ पर उपस्थित सभी लोगों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री ने प्रकृति के मौसम और विधायी उत्पादकता के बीच एक बहुत ही सार्थक और दूरदर्शी तुलना प्रस्तुत की। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि जिस प्रकार सक्रिय मानसून फसलों और जीवन को नया संबल देता है, उसी प्रकार यह मानसून सत्र भी देश के हित में अत्यंत सकारात्मक, उत्पादक और परिणामदायक सिद्ध होगा।
“हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय रहे और संसद का यह मानसून सत्र भी पूरी तरह उत्पादक हो।”
— नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
1. अंतरिक्ष में युवा भारत का झंडा: स्काईरूट की सफलता की सराहना
प्रधानमंत्री ने पिछले कुछ समय में हासिल की गई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से स्वदेशी निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप ‘स्काईरूट’ (Skyroot) की ऐतिहासिक सफलता का उल्लेख करते हुए देश के युवाओं के नेतृत्व की सराहना की।
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युवाओं की शक्ति: पीएम मोदी ने रेखांकित किया कि मात्र 28 वर्ष की औसत आयु वाली एक युवा टीम ने देश को निजी अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए और अत्याधुनिक युग में सफलतापूर्वक प्रवेश कराया है।
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वैश्विक साख: उन्होंने कहा कि इन युवाओं द्वारा संचालित स्टार्टअप्स ने अंतरिक्ष की ऊंचाइयों में भारत का ध्वज मजबूती से गाड़ा है, जिससे वैश्विक पटल पर देश की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है।
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सुधारों का परिणाम: प्रधानमंत्री ने इस सफलता का श्रेय सरकार के त्वरित और साहसिक नीतिगत सुधारों को दिया, जिसने देश के नवप्रवर्तकों को बड़े जोखिम उठाने और अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल करने का निर्भीक वातावरण प्रदान किया है।
2. बुनियादी ढांचा और हरित क्रांति: तीन बड़े ऐतिहासिक मील के पत्थर
राष्ट्र की असीम तकनीकी क्षमताओं का विवरण देते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में देश को समर्पित की गई तीन अत्याधुनिक राष्ट्रीय संपत्तियों और परियोजनाओं का उल्लेख किया:
प्रधानमंत्री ने इन सभी मील के पत्थरों का श्रेय देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, उद्यमियों और श्रमिकों के एकजुट समर्पण और अथक परिश्रम को दिया।
3. वैश्विक संकटों के बीच 7.7% की मजबूत विकास दर
पश्चिम एशिया में जारी गंभीर सैन्य संघर्षों और तनावों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल, डीजल, एलपीजी, उर्वरक (Fertilizers) और रसायनों की आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित हुई है। यह स्थिति ऊर्जा पर निर्भर किसी भी देश के लिए बड़ी चुनौती उत्पन्न करती है।
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हालांकि, इन भारी अंतरराष्ट्रीय बाधाओं और व्यवधानों के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की शानदार आर्थिक विकास दर (GDP Growth Rate) हासिल की है। पीएम मोदी ने इसे भारत के लचीलेपन, आंतरिक क्षमता और मजबूत आर्थिक नीतियों का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया।
4. संसद में सार्थक विमर्श का आह्वान: “शोर नहीं, तथ्यों से बने बात”
संसदीय एजेंडे की ओर बढ़ते हुए प्रधानमंत्री ने सभी अनुभवी सांसदों से देश की इस तीव्र राष्ट्रीय गति का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के सुबह के स्वागत संदेश का समर्थन करते हुए कहा कि सदन में राजनीतिक तूफानों या व्यवधानों के स्थान पर रचनात्मक और तथ्य-आधारित बहस होनी चाहिए।
पीएम मोदी का सांसदों के लिए संदेश:
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देशभक्ति को प्राथमिकता: दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा जाए।
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तथ्य आधारित विमर्श: जहाँ ठोस तथ्य और मजबूत तर्क होते हैं, वहाँ गतिरोध या हंगामे के लिए कोई स्थान नहीं होता।
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सकारात्मक संवाद: शांत मन से उठाई गई सशक्त आवाज भी राष्ट्र को आत्मविश्वास के साथ आगे ले जाने में पूरी तरह सक्षम होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. मानसून सत्र 2026 के पहले दिन पीएम मोदी ने किन मुख्य परियोजनाओं का उल्लेख किया?
उत्तर: प्रधानमंत्री ने राजस्थान की नई तेल रिफाइनरी, भारत के तीसरे सेमीकंडक्टर संयंत्र और दुनिया की सबसे लंबी व शक्तिशाली स्वदेशी हरित हाइड्रोजन ट्रेन का विशेष रूप से उल्लेख किया।
Q2. वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की विकास दर क्या दर्ज की गई है?
उत्तर: पश्चिम एशिया के तनावों और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के बावजूद भारत ने 7.7 प्रतिशत की मजबूत विकास दर हासिल की है।
Q3. ‘स्काईरूट’ की सफलता पर प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
उत्तर: पीएम मोदी ने कहा कि मात्र 28 वर्ष की औसत आयु वाली स्काईरूट टीम ने भारत को निजी अंतरिक्ष क्रांति में आगे बढ़ाया है, जो यह साबित करता है कि भारत के युवाओं की क्षमताएं अंतरिक्ष की तरह ही असीमित हैं।
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