भोपाल

बहनों की शक्ति से समृद्ध हो रहा मध्य प्रदेश: थांदला में सीएम मोहन यादव ने स्व-सहायता समूहों को दिए ₹300 करोड़ के ऋण, झाबुआ को मिली ₹283 करोड़ की सौगात!

बहनों की शक्ति से समृद्ध हो रहा मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण अब केवल भाषणों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गाँव-गाँव में सामाजिक और आर्थिक क्रांति का रूप ले चुका है। शुक्रवार (31 जुलाई 2026) को झाबुआ जिले के थांदला स्थित शासकीय महाविद्यालय ग्राउंड पर आयोजित भव्य “स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम” में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की बहनों को सशक्त बनाने के लिए कई ऐतिहासिक सौगातें दीं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के आशीर्वाद और शक्ति से मध्य प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। सरकार और समाज दोनों मिलकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

1. स्व-सहायता समूहों को ₹300 करोड़ का ऋण वितरण और लखपति दीदी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक और मंच के माध्यम से राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश के स्व-सहायता समूहों (SHGs) को ₹300 करोड़ रुपये की ऋण राशि वितरित की। इसमें से अकेले झाबुआ जिले के 215 समूहों को ₹10.8 करोड़ का लोन मिला है।

दीदियों का नया कीर्तिमान:

  • 10 हज़ार महीने की कमाई: आजीविका मिशन से जुड़कर प्रदेश की बहनें अब हर महीने ₹10,000 तक की सीधी आय अर्जित कर रही हैं।

  • दीदी कैफे व आजीविका पुस्तकालय: प्रदेश में 196 दीदी कैफे (झाबुआ में 4) और 85 आजीविका पुस्तकालयों का सफल संचालन बहनें कर रही हैं।

  • ड्रोन दीदी और कृषि सखी: प्रदेश में 89 ‘ड्रोन दीदियां’ खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं, जबकि पशुपालन, बैंक और कृषि सखियां गाँव-गाँव में आर्थिक बदलाव ला रही हैं।

  • 64 हज़ार लखपति दीदियां: अकेले जनजातीय क्षेत्रों में 64,000 से अधिक बहनें ‘लखपति दीदी’ बनकर अपने परिवारों को गरीबी से बाहर निकाल चुकी हैं।

2. झाबुआ को ₹283.81 करोड़ के 57 विकास कार्यों की सौगात

थांदला की पावन धरा से मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹283 करोड़ से अधिक के विकास प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन किया:

झाबुआ जिले में स्वीकृत प्रमुख विकास परियोजनाएं

विकास कार्य का प्रकारसंख्याकुल लागत (₹ करोड़ में)मुख्य विवरण / क्षेत्र
भूमि-पूजन (शिलान्यास)29 कार्य₹174.64 करोड़आयुर्वेदिक कॉलेज, स्कूल, स्टेडियम व सड़क निर्माण।
लोकार्पण (उद्घाटन)28 कार्य₹109.17 करोड़स्वास्थ्य केंद्र, पक्के पुल व अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर।
आयुर्वेदिक चिकित्सा कॉलेज1₹70.00 करोड़झाबुआ में सर्वसुविधायुक्त आयुष अस्पताल व कॉलेज।
सांदीपनि विद्यालय1₹35.29 करोड़आधुनिक सुविधाओं से लैस नया सांदीपनि स्कूल भवन।

3. श्रृंगेश्वर तीर्थ पर बनेगा सुंदर घाट, पलायन रोकने उद्योगों का जाल

मुख्यमंत्री ने झाबुआ अंचल के धार्मिक और पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी कई बड़ी घोषणाएं कीं:

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  • श्रृंगेश्वर तीर्थ स्थल घाट: माही नदी के तट पर स्थित महर्षि श्रृंगी की पावन तपोभूमि श्रृंगेश्वर तीर्थ पर श्रद्धालुओं के लिए सुंदर और पक्का घाट बनाया जाएगा। इसके अलावा पद्मावती नदी और छोटी काशी पर भी घाटों का निर्माण होगा।

  • पलायन पर लगेगी रोक: झाबुआ, धार और अलीराजपुर के युवाओं को अब काम के लिए गुजरात या अन्य राज्यों में पलायन (Migration) नहीं करना पड़ेगा। धार के पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क (3 लाख नौकरियां) और स्थानीय उद्योगों से घर के पास ही रोजगार मिलेगा।

  • थांदला में ट्रेन व पक्का हेलीपैड: थांदला से अब नई रेलगाड़ियां गुजरेंगी। साथ ही थांदला में पक्का हेलीपैड और हर विधानसभा में नया खेल स्टेडियम बनाया जाएगा।

4. धर्म परिवर्तन और महिला अपराधों पर सख्त संदेश

अपने ओजस्वी भाषण में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में सामाजिक सुरक्षा और सख्त कानून-व्यवस्था का संदेश दिया:

  1. धर्मांतरण पर कड़ा कानून: जनजातीय बहुल इलाकों में निश्छल आदिवासियों का अवैध धर्मांतरण कराने वाली किसी भी मिशनरी या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

  2. दुराचार करने वालों को फांसी: महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर ज़ीरो टॉलरेंस नीति है। महिला सुरक्षा डेस्क स्थापित किए गए हैं और महिला से दुराचार करने वालों को सीधे फांसी के फंदे तक पहुँचाया जाएगा।

  3. नक्सलवाद का खात्मा: सरकार के मजबूत इरादों के कारण बालाघाट, मंडला और डिंडोरी जिलों से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म हो चुका है।

अंतिम विचार

झाबुआ के थांदला में आयोजित यह भव्य कार्यक्रम केवल घोषणाओं का पुलिंदा नहीं था, बल्कि यह जनजातीय बहनों के चेहरे पर आई आत्मनिर्भरता की मुस्कान का गवाह बना। ₹300 करोड़ के लोन, ₹70 करोड़ का आयुर्वेदिक कॉलेज, आधुनिक सांदीपनि स्कूल और स्थानीय रोजगार के अवसर यह साबित करते हैं कि मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ‘नारी शक्ति’ और ‘अंतिम व्यक्ति के उत्थान’ के संकल्प को पूरी ईमानदारी से ज़मीन पर उतार रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. थांदला में स्व-सहायता समूहों को कितनी वित्तीय सहायता दी गई?

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश के स्व-सहायता समूहों को ₹300 करोड़ का ऋण वितरित किया, जिसमें झाबुआ जिले के 215 समूहों को ₹10.8 करोड़ शामिल हैं।

Q2. माही नदी पर किस पौराणिक स्थल पर नए घाट का निर्माण किया जाएगा?

माही नदी के तट पर स्थित महर्षि श्रृंगी की ऐतिहासिक तपोभूमि ‘श्रृंगेश्वर तीर्थ स्थल’ पर श्रद्धालुओं के लिए एक नया सुंदर घाट बनाया जाएगा।

Q3. झाबुआ में कितने की लागत से नया आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज बनेगा?

झाबुआ में ₹70 करोड़ की लागत से एक नया और अत्याधुनिक आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय बनाया जाएगा।

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