श्रावण मास में प्लास्टिक मुक्त बनेगी महाकाल की नगरी उज्जैन, भंडारों के लिए नगर निगम ने जारी किए सख्त निर्देश

प्लास्टिक मुक्त श्रावण मास
पवित्र श्रावण मास (सावन महीने) के दौरान धार्मिक नगरी उज्जैन में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए नगर निगम ने विशेष स्वच्छता अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार सावन में शहर के धार्मिक आयोजनों, भंडारों और होटलों को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त (Single-Use Plastic Free) बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देशों पर स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के तहत एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल ने की। इस बैठक में आगामी श्रावण मास के लिए स्वच्छता की ठोस कार्ययोजना तैयार की गई।
भंडारों में थर्माकोल और प्लास्टिक पर पाबंदी, इको-फ्रेंडली बर्तनों का होगा इस्तेमाल
बैठक के दौरान उपायुक्त योगेंद्र सिंह पटेल ने निर्देश दिए कि शहर में आयोजित होने वाले सभी भंडारों, कांवड़ शिविरों और सामुदायिक आयोजनों में सिंगल यूज प्लास्टिक और थर्माकोल के डिस्पोजेबल बर्तनों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
आयोजकों से अपील की गई है कि वे भोजन वितरण के लिए बायोडिग्रेडेबल (जैव-अपघटनीय) बर्तन, दोने-पत्तल या धातुओं के बर्तनों का ही उपयोग करें। नगर निगम का उद्देश्य धर्म के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना है।
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प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ रहने वाले होटल व प्रतिष्ठान होंगे सम्मानित
नगर निगम प्रशासन ने शहर के होटल, भोजनालयों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को भी इस अभियान से जोड़ने का फैसला किया है।
जो होटल और व्यावसायिक संस्थान परिसर को 100% प्लास्टिक फ्री रखेंगे और उत्कृष्ट सफाई व्यवस्था का पालन करेंगे, उन्हें महापौर एवं निगम अध्यक्ष द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
शहर के प्रवेश द्वारों पर दिखेगी स्वच्छता ब्रांडिंग
सावन के महीने में देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ उज्जैन का संदेश देने के लिए शहर की सीमाओं और मुख्य प्रवेश मार्गों पर स्वच्छता संबंधी आकर्षक स्लोगन और ब्रांडिंग की जाएगी।
इसके साथ ही, स्कूली छात्रों को जागरूक करने के लिए स्लोगन, निबंध, चित्रकला प्रतियोगिताएं और मैराथन दौड़ जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
100% कचरा पृथक्करण पर जोर
उपायुक्त ने सफाई अमले को निर्देश दिए हैं कि:
शहर में स्रोत स्तर पर ही (गीला और सूखा) 100% कचरा पृथक्करण (Segregation) सुनिश्चित किया जाए।
मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास 24 घंटे सफाई की व्यवस्था रहे।
शहर में कहीं भी कचरे के ढेर (GVP – Garbage Vulnerable Points) न बनने दिए जाएं।
नगर निगम ने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं से आह्वान किया है कि वे “प्लास्टिक मुक्त भंडारा, स्वच्छ उज्जैन हमारा” के संकल्प को जनआंदोलन बनाएं।
(इस बैठक में स्वच्छ भारत मिशन के सहायक आयुक्त रविकांत मगरदे, आईईसी प्रमुख, सुपरवाइजर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।)
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