उज्जैन
Trending

महाकाल लोक से पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा शुरू, मुख्यमंत्री ने खुद बस में किया सफर

27.01 किमी के रूट पर प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ेगी उज्जैन दर्शन सेवा, ₹200 में यात्रा; GPS, CCTV और डिजिटल टिकटिंग की सुविधा

उज्जैन दर्शन ई-बस सेवा 2026

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को विस्तार देते हुए पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को श्री महाकाल लोक के अन्नक्षेत्र पार्किंग परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने स्वयं बस में सफर भी किया और राजाराम रिसोर्ट तक यात्रा की। कार्यक्रम के दौरान वेदपाठी बटुकों ने वेद मंत्रों का वाचन किया तथा डमरू वादन किया गया।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नई परिवहन सुविधा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उज्जैन में सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए नई बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं। नगरीय क्षेत्र में बसों के संचालन के साथ धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए उज्जैन दर्शन सेवा भी शुरू की गई है।

उज्जैन दर्शन सेवा के जरिए शहर के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों को एक ही रूट से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।

₹200 में उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों का सफर

उज्जैन दर्शन सेवा का निर्धारित रूट मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होकर शहर के प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों से गुजरते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पर समाप्त होगा।

इस सेवा का किराया ₹200 निर्धारित किया गया है। यात्री UPI के माध्यम से डिजिटल भुगतान भी कर सकेंगे।

उज्जैन दर्शन रूट की कुल लंबाई 27.01 किलोमीटर है।

ये प्रमुख स्थान होंगे रूट में शामिल

उज्जैन दर्शन बस का रूट कई प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ता है। निर्धारित मार्ग इस प्रकार है:

मेघदूत वन पार्किंग → महाकाल लोक → हरसिद्धि मंदिर → क्षिप्रा नदी → ऋणमुक्तेश्वर महादेव → भर्तृहरि गुफा → गढ़ कालिका माता मंदिर → काल भैरव मंदिर → सिद्धवट मंदिर → अंगारेश्वर मंदिर → मंगलनाथ मंदिर → सांदीपनि आश्रम → भूखी माता मंदिर → चिंतामण गणेश मंदिर → अष्ट विनायक मंदिर → शनि नवग्रह मंदिर → इस्कॉन मंदिर → बस स्टैंड → उज्जैन रेलवे स्टेशन → मेघदूत वन पार्किंग

इससे बाहर से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शहर के कई प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग निजी वाहन की आवश्यकता कम हो सकती है।

एक टिकट से कई जगह उतरने और चढ़ने की सुविधा

उज्जैन दर्शन सेवा में यात्रियों के लिए अलग तरह की सुविधा रखी गई है। यात्री निर्धारित स्टॉप पर उतरकर संबंधित मंदिर या दर्शनीय स्थल के दर्शन कर सकेंगे।

दर्शन के बाद वे उसी स्टॉप से अगली उपलब्ध उज्जैन दर्शन बस में आगे की यात्रा जारी रख सकेंगे। यानी निर्धारित वैधता अवधि के दौरान एक ही टिकट के माध्यम से अलग-अलग स्टॉप से बस में चढ़ने और उतरने की सुविधा रहेगी।

प्रमुख मंदिरों और दर्शनीय स्थलों के आसपास निर्धारित बस स्टॉप बनाए जाएंगे।

बसों में GPS, CCTV और डिजिटल टिकटिंग

उज्जैन दर्शन सेवा की बसों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

इनमें शामिल हैं:

  • लाइव CCTV कैमरे
  • GPS आधारित लाइव ट्रैकिंग
  • डिजिटल टिकटिंग
  • UPI और डिजिटल भुगतान
  • रियल-टाइम बस मॉनिटरिंग
  • डिजिटल असिस्टेंट सह उज्जैन दर्शन गाइड

डिजिटल असिस्टेंट यात्रियों को प्रमुख मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मार्ग और दर्शन से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।

पूरी तरह इलेक्ट्रिक बसों का संचालन

उज्जैन दर्शन सेवा में इस्तेमाल होने वाली बसें इलेक्ट्रिक बसें हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ये जीरो-एमिशन बसें होंगी, यानी इनके संचालन के दौरान पारंपरिक ईंधन से होने वाला स्थानीय उत्सर्जन नहीं होगा।

यह भी पढ़े –

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को गति, उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के लिए लोगों की सहभागिता

चार्जिंग आधारित इन बसों के संचालन से शहर में सार्वजनिक परिवहन के इलेक्ट्रिक विकल्प को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।

प्रमुख मंदिरों को एक ही सेवा से जोड़ने की कोशिश

उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक शहरों में शामिल है और यहां महाकालेश्वर मंदिर सहित कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। नई दर्शन बस सेवा इन स्थानों को एक ही परिवहन नेटवर्क से जोड़ती है।

महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। वहीं महाकाल लोक में शिव से जुड़ी कथाओं और विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों को देखा जा सकता है।

हरसिद्धि मंदिर, काल भैरव मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, चिंतामण गणेश और अन्य धार्मिक स्थल भी इस रूट में शामिल किए गए हैं।

12 अलग-अलग बस मार्गों से जुड़ेगा उज्जैन

उज्जैन शहर में सुगम परिवहन सेवा के तहत कुल 12 मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

क्रमबस मार्ग
1तपोभूमि से पानबिहार
2उज्जैन रेलवे स्टेशन से कालियादेह महल
3कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी
4देवास गेट से तपोभूमि
5देवास गेट से ताजपुर
6देवास गेट से नए आरटीओ कार्यालय
7महाकाल चौराहा से अभिलाषा कॉलोनी
8देवास गेट से नानाखेड़ा
9अवंतिका विश्वविद्यालय से नानाखेड़ा
10देवास गेट से मुरलीपुरा
11तपोभूमि से नजरपुर
12उज्जैन दर्शन मार्ग

इन मार्गों के जरिए शहर के आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षणिक और धार्मिक क्षेत्रों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने की योजना है।

महंगे निजी परिवहन पर निर्भरता कम करने का प्रयास

नई बस सेवा का एक उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शहर में आने-जाने के लिए सुविधाजनक और निर्धारित किराए वाला विकल्प उपलब्ध कराना भी है।

विशेष रूप से पहली बार उज्जैन आने वाले यात्रियों के लिए एक निर्धारित दर्शन रूट उपयोगी हो सकता है, क्योंकि उन्हें अलग-अलग मंदिरों तक पहुंचने के लिए बार-बार स्थानीय परिवहन तलाशने की जरूरत कम हो सकती है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से भी जुड़ी व्यवस्था

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए सड़क, यातायात और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी व्यवस्थाओं को विकसित किया जा रहा है।

नई ई-बस और दर्शन सेवा भी इसी व्यापक परिवहन व्यवस्था का हिस्सा है। आने वाले समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के शहर में आने की स्थिति में सार्वजनिक परिवहन की भूमिका और बढ़ सकती है।

कार्यक्रम में ये अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम में सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ जी महाराज, डॉ. लता वानखेड़े, महापौर मुकेश टटवाल, मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण समिति अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विवेक जोशी, राजेंद्र भारती, जगदीश पांचाल, प्रभुलाल जाटवा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इसके अलावा एडीजी राकेश गुप्ता, डीआईजी नवनीत भसीन, संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, स्मार्ट सिटी सीईओ संदीप सोनी और अधीक्षण यंत्री के. एच. मालवीय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

अंतिम विचार

उज्जैन में पीएम ई-बस सेवा और उज्जैन दर्शन सेवा शुरू होने से शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में एक नया विकल्प जुड़ा है। ₹200 के निर्धारित किराए, 27.01 किमी के दर्शन रूट, डिजिटल टिकटिंग, GPS और CCTV जैसी सुविधाओं के साथ यह सेवा श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए उपयोगी परिवहन विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

खास बात यह है कि दर्शन रूट में महाकाल लोक से लेकर काल भैरव, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, चिंतामण गणेश और रेलवे स्टेशन जैसे कई महत्वपूर्ण स्थान शामिल किए गए हैं। आने वाले समय में इस सेवा का वास्तविक उपयोग और यात्रियों की प्रतिक्रिया इसकी उपयोगिता को और स्पष्ट करेगी।

FAQs

1. उज्जैन दर्शन बस सेवा का किराया कितना है?
उज्जैन दर्शन सेवा का निर्धारित किराया ₹200 है। भुगतान UPI के माध्यम से भी किया जा सकेगा।

2. उज्जैन दर्शन बस का रूट कितना लंबा है?
उज्जैन दर्शन रूट की कुल लंबाई 27.01 किलोमीटर है। यह मेघदूत वन पार्किंग से शुरू होकर प्रमुख धार्मिक स्थलों और उज्जैन रेलवे स्टेशन से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पर समाप्त होगा।

3. उज्जैन दर्शन बस में कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
बसों में CCTV, GPS आधारित लाइव ट्रैकिंग, डिजिटल टिकटिंग, UPI भुगतान और डिजिटल असिस्टेंट सह उज्जैन दर्शन गाइड जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

4. क्या एक टिकट से अलग-अलग जगह उतरकर फिर बस में बैठ सकते हैं?
हां। निर्धारित वैधता अवधि के दौरान यात्री संबंधित स्टॉप पर उतरकर दर्शन कर सकते हैं और दर्शन के बाद उसी स्टॉप से अगली उपलब्ध उज्जैन दर्शन बस में यात्रा जारी रख सकते हैं।

जुड़िये हमारे व्हॉटशॉप अकाउंट से-  

Related Articles

Back to top button