सांस्कृतिक पटल पर मध्य प्रदेश का डंका: ‘विक्रमोत्सव 2026’ को मिला प्रतिष्ठित बीटा गोल्ड अवार्ड, इस साल का तीसरा बड़ा राष्ट्रीय सम्मान
Vikramotsav 2026 BITA Gold Award
मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी और गौरवशाली पहचान मिली है। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा आयोजित होने वाले विश्वप्रसिद्ध ‘विक्रमोत्सव 2026’ को इस वर्ष का तीसरा बड़ा राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।
इंटरनेशनल कन्वेंशन ऑफ इवेंट इंडस्ट्री की ओर से देहरादून में आयोजित ‘हिन्दुस्तान 2.0 नेशनल चिंतन शिविर एवं एक्सपो’ के दौरान विक्रमोत्सव 2026 को बीटा गोल्ड अवार्ड (BITA Awards 2026) के तहत ‘Government Event of the Year (Gold Award)’ के प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया है। इस गौरवशाली उपलब्धि की खास बात यह है कि बीटा की कोर टीम जल्द ही भोपाल आकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को स्वयं यह सम्मान सौंपेगी।
1. इस साल मिल चुके हैं तीन बड़े राष्ट्रीय पुरस्कार
उज्जैन की पावन धरा पर आयोजित होने वाला विक्रमोत्सव वर्तमान में दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला अनूठा सांस्कृतिक और व्यापारिक (बिजनेस) समागम बन चुका है। इस वर्ष मिली इस बड़ी कामयाबी से पहले भी विक्रमोत्सव अपनी सफलता का परचम लहरा चुका है:
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शो ऑफ इंडिया कॉन्क्लेव 2026 (नई दिल्ली): यहाँ विक्रमोत्सव को ‘सांस्कृतिक लाइव इवेंट ऑफ द ईयर’ श्रेणी में गोल्ड मेडल मिला था.
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लाइव इवेंट गवर्नेंस श्रेणी: इसी आयोजन में शासकीय सहभागिता के उत्कृष्ट तालमेल के लिए विक्रमोत्सव को सिल्वर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था.
2. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विज़न को वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्री श्रीराम तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दूरदर्शी सोच और अनूठी पहल के कारण ही उज्जैन का यह पारंपरिक उत्सव आज एक भव्य राष्ट्रीय आयोजन का रूप ले चुका है। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विरासत से विकास’ के संकल्प को जमीन पर उतारने का काम कर रहा है
मुख्यमंत्री डॉ.यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मिल रही नई ऊंचाई
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विगत वर्षों में मिले अन्य प्रमुख पुरस्कार:
यह सिलसिला केवल इसी वर्ष का नहीं है, बल्कि पिछले सालों में भी विक्रमोत्सव ने कई अंतरराष्ट्रीय खिताब अपने नाम किए हैं:
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वर्ष 2025: ईमैक्स ग्लोबल अवार्ड द्वारा ‘लांगस्टैंडिंग आईपी ऑफ द ईयर’ और वाउ अवार्ड्स एशिया द्वारा शासकीय समारोह की विशेष श्रेणी में गोल्ड मेडल.
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वर्ष 2024: एशिया का सबसे बड़ा धार्मिक सम्मान यानी ‘बिगेस्ट रिलिजियस अवार्ड’ विक्रमोत्सव के नाम रहा था.
3. डिजिटल आउटरीच: 17.72 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंची गूंज
तकनीक और सोशल मीडिया के इस दौर में विक्रमोत्सव 2026 ने लोगों को जोड़ने (कम्युनिटी एंगेजमेंट) के मामले में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है. आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार:
| डिजिटल माध्यम | लोगों तक पहुंच (Reach) |
| सोशल मीडिया और लाइव स्ट्रीम | 47.85 लाख से अधिक लोग |
| पब्लिक कंटेंट और हैशटैग्स ट्रेंड्स | 17.24 करोड़ से अधिक की डिजिटल रीच |
| ★ कुल डिजिटल आउटरीच (Total Reach) | 17.72 करोड़ से अधिक लोग |
4. 139 दिनों का महा-आयोजन और ‘जल गंगा संवर्धन’ का संदेश
सृष्टि निर्माण के पावन दिवस वर्ष प्रतिपदा से शुरू होकर यह पूरा महा-उत्सव कुल 139 दिनों तक निरंतर चलता रहा. यह भव्य आयोजन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक चेतना का एक अद्भुत केंद्र बना.
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पहला चरण (महाशिवरात्रि): सुप्रसिद्ध बॉलीवुड संगीतकार प्रीतम चक्रवर्ती द्वारा प्रस्तुत ‘शिवोऽहम’ संगीत संध्या से इस उत्सव का भव्य आगाज हुआ था.
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दूसरा चरण (जल गंगा संवर्धन अभियान): यह चरण पूरी तरह से प्रकृति और जल तत्वों के संरक्षण को समर्पित था. इसमें 41 से अधिक बहुआयामी गतिविधियों में देश भर के 4,000 से अधिक कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया.
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काशी में महानाट्य का मंचन: उज्जैन के न्यायप्रिय और महान सम्राट विक्रमादित्य के सुशासन की गाथा को जन-जन तक पहुँचाने के लिए वाराणसी (काशी) की पवित्र धरती पर भव्य ‘महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य’ का तीन दिवसीय मंचन भी किया गया.
FAQs
Q1. ‘विक्रमोत्सव 2026’ को हाल ही में कौन सा प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला है?
उत्तर: विक्रमोत्सव 2026 को देहरादून में आयोजित एक राष्ट्रीय समारोह में बीटा अवार्ड्स (BITA Awards 2026) के अंतर्गत ‘Government Event of the Year (Gold Award)’ का प्रतिष्ठित सम्मान मिला है.
Q2. इस पूरे सांस्कृतिक उत्सव की अवधि कितने दिनों की थी?
उत्तर: यह दुनिया का सबसे लंबी अवधि तक चलने वाला सांस्कृतिक आयोजन है, जो इस वर्ष 139 दिनों तक (12 फरवरी से 30 जून) लगातार संचालित हुआ.
Q3. इस वर्ष विक्रमोत्सव के दौरान कौन सा विशेष सामाजिक अभियान चलाया गया?
उत्तर: इस उत्सव के दूसरे चरण के दौरान पर्यावरण और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ का आयोजन किया गया, जिसमें 4 हजार से अधिक कलाकारों ने हिस्सा लिया.
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