धार्मिक नगरी के साथ अब वन्यजीव पर्यटन का केंद्र बनेगा उज्जैन: 200 हेक्टेयर में आकार ले रहा है विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू

Ujjain World Class Forest Zoo
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 से पहले 200 हेक्टेयर में बनेगा देश का सबसे आधुनिक वर्ल्ड क्लास फॉरेस्ट जू। जानिए 35 मीटर चौड़े ग्रीन ओवरब्रिज, ड्राइव-थ्रू सफारी और विदेशी वन्यजीवों की इस अनूठी परियोजना के बारे में।
महाकाल की नगरी उज्जैन की पहचान अब केवल एक पवित्र धार्मिक और आध्यात्मिक केंद्र तक सीमित नहीं रहने वाली है। वर्ष 2028 में होने वाले भव्य सिंहस्थ महापर्व से पहले, उज्जैन एक बेहद अनूठी और भव्य सौगात के लिए तैयार हो रहा है। शहर के नवलखी आरक्षित वन क्षेत्र की करीब 200 हेक्टेयर भूमि पर एक विश्वस्तरीय (World-Class) फॉरेस्ट जू विकसित किया जाने वाला है।
वन विभाग के अनुसार, यह आधुनिक सुविधाओं से लैस देश का सबसे अनोखा और आधुनिक फॉरेस्ट जू होगा, जहाँ पर्यटक पिंजरों के बजाय वन्यजीवों को उनके बिल्कुल प्राकृतिक वातावरण में बहुत करीब से निहार सकेंगे।
1. केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से मिली हरी झंडी
उज्जैन वन मंडल के डीएफओ (DFO) अनुराग तिवारी के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रस्ताव को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority) से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। वर्तमान में इसके प्रशासनिक और वित्तीय आवंटन के लिए फाइल राज्य शासन के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेजी गई है।
इस जू को इस तरह डिजाइन किया गया है कि पर्यटकों को किसी कृत्रिम पार्क में घूमने जैसा नहीं, बल्कि वास्तविक घने जंगल के बीच सफारी करने जैसा रोमांचक अनुभव प्राप्त होगा।
2. दो चरणों में सजेगी देश-विदेश के वन्यजीवों की दुनिया
इस विशाल वर्ल्ड-क्लास फॉरेस्ट जू को कुल दो चरणों (Phases) में चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा, जिसमें देश के साथ-साथ विदेशी वन्यजीवों का भी बसेरा होगा:
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प्रथम चरण: ‘इंडिया ज़ोन’ (India Zone)
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पहले चरण में लगभग 60 हेक्टेयर के दायरे में भारत की भौगोलिक परिस्थितियों और जंगलों में पाए जाने वाले वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक बाड़े तैयार किए जाएंगे।
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यहाँ पर्यटकों के लिए ड्राइव-थ्रू सफारी (Drive-through Safari) शुरू की जाएगी, जहाँ लोग बंद वाहनों में सुरक्षित रहकर खुले घूमते हुए जानवरों को देख सकेंगे।
द्वितीय चरण: ‘फॉरेस्ट ऑफ द वर्ल्ड’ (Forest of the World)
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दूसरे चरण में इसे अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया जाएगा। इसकी मुख्य थीम वैश्विक जंगलों पर आधारित होगी।
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यहाँ अफ्रीका के घने जंगलों, दक्षिण अमेरिका के अमेज़न और दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न दुर्लभ और आकर्षक वन्यजीवों को लाकर बसाया जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा।
3. परियोजना की मुख्य विशेषताएं: ग्रीन ओवरब्रिज और अंडरपास
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे आधुनिक और आकर्षक तकनीकी हिस्सा इसका 35 मीटर चौड़ा ‘ग्रीन ओवरब्रिज’ (Green Overbridge) और अंडरपास है।
| विशेषता | विवरण |
| चौड़ाई | 35 मीटर (विशाल ग्रीन कॉरिडोर) |
| फ्लोरा और फौना | ब्रिज के ऊपर घने पेड़-पौधे और प्राकृतिक हरियाली विकसित की जाएगी। |
| यातायात | पैदल चलने वाले पर्यटकों के लिए अलग पाथवे और बैटरी चालित इलेक्ट्रिक सफारी गाड़ियों के लिए विशेष मार्ग। |
| वन्यजीव सुरक्षा | इस तकनीक से वन्यजीव बिना किसी व्यवधान या शहरी शोर-शराबे के कॉरिडोर का अनुभव कर सकेंगे। |
4. आर्थिक और पर्यटन विकास को मिलेगी नई उड़ान
उज्जैन में हर साल करोड़ों श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन करने आते हैं। विशेषकर सिंहस्थ के दौरान यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है। वन विभाग और राज्य सरकार का मानना है कि इस जू के बनने से:
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धार्मिक और इको-टूरिज्म का संगम: धार्मिक यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु अब उज्जैन में वन्यजीव पर्यटन और प्रकृति का भी आनंद ले सकेंगे।
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स्थानीय रोजगार: गाइड, सफारी चालक, होटल व्यवसाय और हस्तशिल्प से जुड़े स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
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सिंहस्थ 2028 का मुख्य आकर्षण: सिंहस्थ-2028 में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह आस्था के साथ-साथ प्रकृति को करीब से जानने का एक बेहतरीन ठहराव स्थल बनेगा।
निष्कर्ष
उज्जैन का यह आगामी वर्ल्ड-क्लास फॉरेस्ट जू आधुनिक विकास और प्रकृति संरक्षण का एक बेहतरीन उदाहरण बनने जा रहा है। कंक्रीट के जंगलों के बीच हमारे वन्यजीवों को एक सुरक्षित और प्राकृतिक आवास देना और इंसानों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना ही इस प्रोजेक्ट का मूल उद्देश्य है। आने वाले समय में, यह न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के पर्यटन मानचित्र पर एक चमकते हुए सितारे की तरह उभरेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. उज्जैन में यह विश्वस्तरीय फॉरेस्ट जू कहाँ और कितने बड़े क्षेत्र में बनाया जा रहा है?
उत्तर: यह फॉरेस्ट जू उज्जैन के नवलखी आरक्षित वन क्षेत्र (Navlakhi Reserved Forest Area) में करीब 200 हेक्टेयर (लगभग 500 एकड़) की विशाल भूमि पर विकसित किया जा रहा है।
Q2. इस जू की मुख्य विशेषताएं या आकर्षण क्या हैं जो इसे दूसरों से अलग बनाते हैं?
उत्तर: इस जू की सबसे बड़ी खासियत यहाँ की ‘ड्राइव-थ्रू सफारी’, विदेशी वन्यजीवों के लिए बनने वाला ‘फॉरेस्ट ऑफ द वर्ल्ड’ ज़ोन और दो वन क्षेत्रों को आपस में जोड़ने वाला 35 मीटर चौड़ा प्राकृतिक ‘ग्रीन ओवरब्रिज’ है, जिस पर घने पेड़-पौधे लगाए जाएंगे।
Q3. यह फॉरेस्ट जू आम जनता और पर्यटकों के लिए कब तक खुलकर तैयार हो जाएगा?
उत्तर: वन विभाग की योजना के अनुसार, इस फॉरेस्ट जू को वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले उज्जैन सिंहस्थ महापर्व से पहले पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि यहाँ आने वाले करोड़ों श्रद्धालु इसका आनंद ले सकें।
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