Simhastha 2028 Preparations
दिनांक 22.04.2026 को आगामी सिंहस्थ 2028 उज्जैन की व्यापक, सुनियोजित एवं बहु-आयामी तैयारियों के क्रम में पुलिस सामुदायिक भवन, उज्जैन में “Training of Trainers” (प्रशिक्षक प्रशिक्षण) कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश कैलाश मकावाना के करकमलों द्वारा किया गया।
इस गरिमामय अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें ए. साई मनोहर (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, इंटेलिजेंस), राजाबाबु सिंह (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, प्रशिक्षण), राकेश गुप्ता (अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, उज्जैन जोन), नवनीत भसीन (उप पुलिस महानिरीक्षक, उज्जैन रेंज), पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण एवं विभिन्न जिलों से आए प्रशिक्षणार्थी अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रारंभ नवनीत भसीन, डीआईजी उज्जैन द्वारा सभी अतिथियों एवं अधिकारियों के स्वागत उद्बोधन के साथ किया गया । इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा द्वारा आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के संबंध में अत्यंत विस्तृत एवं तथ्यात्मक प्रस्तुतीकरण दिया गया।
यह भी पढ़े –
उन्हेल में ‘सफेद जहर’ के खिलाफ खाकी का प्रहार: MD ड्रग्स बेचते दो आरोपी पुलिस के जाल में फंसे
प्रस्तुतीकरण में वर्ष 2016 के सिंहस्थ के अनुभवों एवं आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए आगामी सिंहस्थ 2028 में संभावित श्रद्धालुओं की संख्या में होने वाली वृद्धि, व्यवस्थागत चुनौतियों एवं उनके प्रभावी निराकरण हेतु बनाई गई रणनीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
प्रस्तुतीकरण के दौरान निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई
- पुलिस बल की तैनाती योजना – सिंहस्थ अवधि के दौरान लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की आवश्यकता, विभिन्न सेक्टरों में तैनाती एवं रिजर्व फोर्स की व्यवस्था।
- यातायात एवं ट्रैफिक प्रबंधन- शहर में प्रवेश एवं निकास मार्गों का वैज्ञानिक निर्धारण, रूट डायवर्जन प्लान, पार्किंग स्थलों का चयन एवं रीयल-टाइम ट्रैफिक मॉनिटरिंग।
- भीड़ प्रबंधन (Crowd Management)- घाटों, मंदिरों एवं प्रमुख स्थलों पर भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने हेतु बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया एवं चरणबद्ध प्रवेश व्यवस्था।
- रेलवे भीड़ प्रबंधन- उज्जैन रेलवे स्टेशन सहित अन्य प्रमुख स्टेशनों पर यात्री दबाव को नियंत्रित करने हेतु विशेष सुरक्षा एवं मार्गदर्शन व्यवस्था।
- आवागमन मार्गों की जानकारी- उज्जैन आने वाले प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों का चिन्हांकन, आपातकालीन मार्ग (Emergency Routes) एवं वैकल्पिक मार्गों की योजना।
- होल्ड-अप एवं डायवर्जन सिस्टम- अत्यधिक भीड़ की स्थिति में श्रद्धालुओं को नियंत्रित एवं सुरक्षित रखने हेतु होल्ड-अप पॉइंट्स की स्थापना एवं चरणबद्ध मूवमेंट।
- पुलिस बल के लिए लॉजिस्टिक व्यवस्था- बाहर से आने वाले पुलिस बल के लिए आवास, भोजन, पेयजल, चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की विस्तृत योजना।
- आधुनिक तकनीक का उपयोग- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), फेस रिकग्निशन, ड्रोन सर्विलांस एवं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करना।
- इसके उपरांत पुलिस महानिदेशक कैलाश मकावाना द्वारा “सिंहस्थ साइबर वारियर्स योजना पोर्टल” का विधिवत अनावरण किया गया। यह पोर्टल डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से साइबर मॉनिटरिंग, अफवाह नियंत्रण एवं त्वरित सूचना आदान-प्रदान को सुनिश्चित करेगा।
कार्यक्रम में तरूण नायक, डीआईजी (कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा) द्वारा “Training of Trainers” कार्यक्रम का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य स्तर पर कुशल “मास्टर ट्रेनर्स” तैयार करना है।
- इस कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों से चयनित पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- प्रशिक्षण पूर्ण करने के पश्चात ये अधिकारी अपने-अपने जिलों में जाकर अन्य पुलिस बल को प्रशिक्षित करेंगे।
- प्रशिक्षण में कुल 48 विषयों पर लगभग 110 व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।
- साथ ही फील्ड आधारित प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी, जिससे वास्तविक परिस्थितियों में कार्य करने की क्षमता विकसित हो सके।
इसके पश्चात राकेश गुप्ता, एडीजी उज्जैन जोन द्वारा अपने उद्बोधन में विगत सिंहस्थ के दौरान आई व्यावहारिक चुनौतियों जैसे भीड़ का अचानक बढ़ना, यातायात दबाव एवं समन्वय संबंधी मुद्दों का उल्लेख करते हुए आगामी आयोजन हेतु बेहतर योजना एवं समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया।
राजाबाबु सिंह, एडीजी प्रशिक्षण द्वारा भी प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता, उसकी संरचना एवं पुलिस बल की दक्षता बढ़ाने में उसकी भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।
अंत में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकावाना द्वारा अपने उद्बोधन में विगत सिंहस्थ में अपने अनुभव साझा करते हुए उज्जैन पुलिस द्वारा की जा रही तैयारियों की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ जैसा विशाल आयोजन केवल प्रभावी योजना, समन्वय एवं सतत प्रशिक्षण के माध्यम से ही सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकता है। साथ ही उन्होंने पुलिस बल को हर प्रकार की आपात स्थिति के लिए सदैव तैयार रहने, तकनीक का अधिकतम उपयोग करने एवं जनसहयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षणार्थियों के आवास हेतु निर्मित “विशेष सिंहस्थ प्रशिक्षणार्थी आवासीय भवन” का भी लोकार्पण पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा किया गया, जिससे प्रशिक्षण के दौरान बाहर से आने वाले अधिकारियों को सुव्यवस्थित एवं उच्च स्तरीय आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
उज्जैन पुलिस द्वारा सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां चरणबद्ध एवं पेशेवर तरीके से की जा रही हैं, जिसमें प्रशिक्षण, तकनीक एवं संसाधनों का समुचित समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है।
जुड़िये हमारे व्हॉटशॉप अकाउंट से-