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Delhi car blast : डॉ. शाहीन के संपर्कों की तलाश तेज, देशभर में करीब 100 डॉक्टरों के आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका

avantikatimesnews November 15, 2025 (Last updated: November 15, 2025)
Delhi car blast

Delhi car blast : गणेश शंकर विद्यार्थी मेमोरियल (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज में 2006 से 2013 तक फार्माकोलॉजी की लेक्चरर रहीं डॉ. शाहीन और लक्ष्मीपत सिंघानिया इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में डॉक्टरेट ऑफ मेडिसिन (डीएम) की पढ़ाई कर रहे सीनियर रेजिडेंट डॉ. मोहम्मद आरिफ मीर के आतंकी संबंधों का पता चलने के बाद ‘सफेदपोश आतंक’ की जाँच शुरू हो गई है।

देशभर में आतंकी नेटवर्क में करीब 100 डॉक्टरों के शामिल होने की आशंका है। डॉ. शाहीन और डॉ. आरिफ के संपर्कों की तलाश में एनआईए-एटीएस की टीम मेडिकल कॉलेज और कार्डियोलॉजी के 400 से ज़्यादा डॉक्टरों का ब्योरा खंगाल रही है।

जांच एजेंसियों ने शुक्रवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में डॉ. शाहीन की तैनाती के समय के फैकल्टी, सीनियर, जूनियर, इंटर्न डॉक्टर और कर्मचारियों का ब्योरा लिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 55 क्लर्क, 240 फैकल्टी, 525 रेजीडेंट और करीब 1200 एमबीबीएस छात्रों समेत 275 कर्मचारियों की जानकारी जुटाई है, ताकि मांगने पर एजेंसियों को दी जा सके।

कार्डियोलॉजी में एजेंसियां ​​जम्मू-कश्मीर मूल के छह सीनियर रेजीडेंट की भी जांच कर रही हैं। उनके नाम, पते, मोबाइल नंबर के साथ ही उनकी गतिविधियां, पिछला काम, पैतृक गांव से लेकर शहर आने और उनसे मिलने वालों के रहन-सहन की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। कार्डियोलॉजी निदेशक प्रो. राकेश वर्मा ने बताया कि सभी फैकल्टी, सीनियर, जूनियर और इंटर्न के साथ ही संस्थान परिसर से बाहर रहने वाले डॉक्टरों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।

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शुक्रवार को एटीएस की टीम जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के न्यू मैरिड हॉस्टल पहुंची। वहां डॉ. शाहीन और 2021 में बर्खास्त किए गए छह अन्य डॉक्टरों से पूछताछ की। कॉलेज के अभिलेख अनुभाग में सभी के रिकॉर्ड चेक किए गए।

डॉ. शाहीन और डॉ. आरिफ के आतंकी केबल मिलने के बाद, तकनीकी और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ने वाले 66 कश्मीरी मूल के छात्र भी संदेह के घेरे में हैं, जिनमें हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) के 52 और छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी (सीएसजेएमयू) के 4 छात्र शामिल हैं।

डॉ. शाहीन 2009 से 2010 के बीच कन्नौज के सरकारी मेडिकल कॉलेज में छह महीने के लिए तैनात थीं। इसलिए, वहाँ के नेटवर्क पर भी नज़र रखी जा रही है। प्रयागराज में भी डॉ. शाहीन के सहपाठियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।

खुफिया एजेंसी प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस और एमडी की पढ़ाई के दौरान डॉ. शाहीन के महिला और पुरुष मित्रों का ब्योरा खंगाल रही है। उनके सहपाठी कौन थे और कहाँ रहते थे? गर्ल्स हॉस्टल में उनकी सहपाठी कौन थी? मेडिकल कॉलेज प्रशासन से नियमित डॉक्टरों, उनके मूल निवास, पारिवारिक पृष्ठभूमि समेत अन्य बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी भी मांगी गई है। खुफिया एजेंसी ने डॉ. शाहीन के शैक्षिक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज मांगे हैं, जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

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