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Balram Krishi Mahotsav Barwani 2026 : ‘बड़वानी की लाल मिर्च’ को मिलेगा GI Tag, किसानों को भू-अर्जन पर मिलेगा 4 गुना मुआवजा

Balram Krishi Mahotsav Barwani 2026

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से बड़वानी में आयोजित भव्य ‘बलराम कृषि महोत्सव 2026’ का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी जिले का नामकरण ‘बड़ के वन’ (बरगद के विशाल वृक्षों) से हुआ है। जिस प्रकार बरगद छाया और निरंतर हरियाली का प्रतीक है, उसी प्रकार बड़वानी अपनी माटी के वीर सपूतों, किसान भाइयों की मेहनत और एग्री-नवाचारों के बल पर पूरे देश में कृषि व उद्यमिता का नया मॉडल बन रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेषकर युवा किसानों से अपील की कि वे एग्री-स्टार्टअप्स शुरू करें, आधुनिक तकनीकों को अपनाएं और सरकार की किसान-कल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाएं।

1. बड़वानी की लाल मिर्च को ‘GI Tag’ और केलों को खाड़ी देशों तक वैश्विक पहचान

बड़वानी के किसानों की मेहनत का लोहा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कृषि-उत्पादों के वैश्विक ब्रांडिंग के लिए प्रमुख घोषणाएं कीं:

  • लाल मिर्च को GI Tag का प्रयास: बड़वानी की वैज्ञानिक खेती और ग्रेडिंग से निर्मित लाल मिर्च की मांग वैश्विक बाजारों में बढ़ी है। सरकार इसे जीआई टैग (GI Tag) दिलाने की प्रक्रिया में है, जिससे बड़वानी की मिर्च का अंतरराष्ट्रीय पेटेंट होगा और इसे ग्लोबल ब्रांड की पहचान मिलेगी।

  • खाड़ी देशों में बड़वानी का केला: ड्रिप सिंचाई और ‘टिश्यू कल्चर’ तकनीक के दम पर यहाँ का केला खाड़ी देशों (Gulf Countries) में निर्यात हो रहा है।

  • मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर: राजपुर तहसील के घटवा में ‘मेगा फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर’ स्थापित किया जा रहा है। यहाँ आधुनिक पैकहाउस, कोल्ड चेन और ग्रेडिंग यूनिट्स लगेंगी, जिससे केलों की शेल्फ-लाइफ बढ़ेगी और प्रसंस्कृत उत्पाद सीधे ब्रांड बनकर एक्सपोर्ट होंगे।

2. कपास उत्पादकों के लिए खुशखबरी: ‘खेत से फैक्ट्री’ और PM मित्रा पार्क का लाभ

बड़वानी जिला कपास उत्पादन में नया कीर्तिमान रच रहा है। सेंधवा, राजपुर और पाटी के किसान लगभग 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में ‘हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम’ (HDPS) तकनीक से कपास उगा रहे हैं, जिससे लागत कम और उत्पादन बढ़ा है।

[बड़वानी का कपास खेत] ──► [दक्षिण भारत कपड़ा मिल संघ (SIMA) लिंकेज] ──► [धार का 'PM मित्रा पार्क'] ──► [वैश्विक निर्यात]
  • PM मित्रा पार्क का सीधा लाभ: पड़ोसी जिले धार में बन रहे देश के सबसे बड़े ‘पीएम मित्रा टेक्सटाइल पार्क’ का सीधा लाभ बड़वानी के किसानों को मिलेगा। ‘खेत से फैक्ट्री तक’ (Farm to Factory) विज़न के तहत बड़वानी का कपास इस पार्क की मिलों में जाएगा, जिससे स्थानीय स्तर पर कपास के दाम बढ़ेंगे और युवाओं को रोजगार मिलेगा।

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  • दक्षिण भारत कपड़ा मिल संघ से लिंकेज: किसानों को अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों और निर्यातकों से सीधे जोड़ा गया है ताकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार दर मिल सके।

3. सिंचाई क्रांति और ₹5000 करोड़ की जल परियोजनाएं

फसल की अच्छी पैदावार के लिए टेल-एंड तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से बड़वानी जिले में ₹5,000 करोड़ की लागत से उद्वहन सिंचाई परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है:

प्रमुख सिंचाई परियोजनाएंलाभान्वित क्षेत्र और गांव
सेंधवा, निवाली, पाटी, नागलवाड़ी उद्वहन योजनाएं319 गांव की 1.21 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि सिंचित होगी।
शहीद भीमा नायक सागर (लोअर गोई) परियोजनाजल स्तर में वृद्धि और टेल-एंड तक पानी की शत-प्रतिशत उपलब्धता।
राज्य का कुल लक्ष्यमध्य प्रदेश की कुल सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना।

इसके अतिरिक्त, खेतिया कृषि उपज मंडी को सर्वसुविधायुक्त ‘आदर्श मंडी’ के रूप में अपग्रेड किया जाएगा और उत्तम क्वालिटी के बीजों के लिए बड़वानी में 50 एकड़ का विशाल ‘आदर्श बीज उत्पादन केंद्र’ स्थापित किया जा रहा है।

4. किसानों के हित में सरकार के 6 बड़े ऐतिहासिक निर्णय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों का विवरण प्रस्तुत किया:

  1. 4 गुना मुआवजा: विकास कार्यों के लिए यदि ग्रामीण क्षेत्रों में किसी किसान की भूमि का अधिग्रहण (भू-अर्जन) किया जाता है, तो उसे बाजार दर से पूरे 4 गुना अधिक मुआवजा मिलेगा।

  2. 12 महीने की अवधि वाला फसल ऋण: अब किसानों को पूरे वर्ष के लिए एक ही फसल ऋण स्वीकृत होगा, जिसे चुकाने के लिए 12 महीने का पर्याप्त समय दिया जाएगा।

  3. भावांतर योजना और बोनस: सरसों और धान को भी भावांतर योजना में शामिल किया गया है। धान उत्पादकों को ₹4,000 प्रति हेक्टेयर अतिरिक्त राशि दी जा रही है। कोदो-कुटकी की एमएसपी पर रिकॉर्ड खरीदी कर ₹1,000 प्रति क्विंटल का बोनस दिया गया है।

  4. डेयरी व्यवसाय पर 33% सब्सिडी: कम से कम 25 दुधारू पशुओं की डेयरी खोलने पर सरकार ₹42 लाख तक का लोन और 33% तक अनुदान (Subsidy) दे रही है। प्रति गाय मिलने वाली राशि ₹20 से बढ़ाकर ₹40 कर दी गई है।

  5. पारदर्शी खाद वितरण (e-Vikas System): खाद वितरण में गड़बड़ी समाप्त करने के लिए ‘ई-विकास प्रणाली’ लागू की गई है। राज्य में खाद-बीज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

  6. रेल कनेक्टिविटी जल्द: बड़वानी जिले को शीघ्र ही रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे व्यापार और परिवहन को अभूतपूर्व गति मिलेगी।

FAQs

Q1. बड़वानी की लाल मिर्च को लेकर सरकार की क्या विशेष योजना है?

उत्तर: बड़वानी की लाल मिर्च की उच्च गुणवत्ता और वैज्ञानिक ग्रेडिंग को देखते हुए राज्य सरकार इसे GI Tag (भौगोलिक संकेत) दिलाने के लिए प्रयासरत है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय पेटेंट और ग्लोबल ब्रांडिंग मिलेगी।

Q2. बड़वानी के कपास उत्पादक किसानों को PM मित्रा पार्क से क्या लाभ होगा?

उत्तर: धार जिले में बन रहे पीएम मित्रा पार्क की मिलों में बड़वानी के खेतों से कपास सीधे पहुंचेगी, जिससे बिचौलियों का खात्मा होगा, कपास के दाम ऐतिहासिक रूप से बढ़ेंगे और स्थानीय युवाओं को टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार मिलेगा।

Q3. ग्रामीण क्षेत्रों में भू-अर्जन पर अब किसानों को कितना मुआवजा दिया जाएगा?

उत्तर: सरकार के नए निर्णय के तहत यदि ग्रामीण क्षेत्र में किसी किसान की कृषि भूमि अधिग्रहित की जाती है, तो उसे वर्तमान बाजार दर (Market Rate) से 4 गुना अधिक मुआवजा दिया जाएगा।

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