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अब रात की गश्त पर रहेगी ‘प्रहरी’ की नजर, शहर की तंग गलियों तक पहुंचेगी पुलिस

कंट्रोल रूम से होगी पेट्रोलिंग टीमों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग, हर सुबह बनेगा रिपोर्ट कार्ड; मुस्तैद पुलिसकर्मियों को इनाम, लापरवाहों पर होगी कार्रवाई

शाजापुर प्रहरी नाइट पेट्रोलिंग एप

शाजापुर। जिले में रात के समय होने वाली पुलिस गश्त को और प्रभावी बनाने के लिए अब तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। शाजापुर पुलिस ने ‘प्रहरी’ नाइट पेट्रोलिंग एप्लीकेशन की शुरुआत की है, जिसके माध्यम से पेट्रोलिंग टीमों की गतिविधियों की कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी।

पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला की पहल पर शनिवार से शुरू हुई इस व्यवस्था के तहत रात में गश्त करने वाली पुलिस टीमों की लोकेशन और मूवमेंट पर नजर रखी जाएगी। इससे यह भी पता लगाया जा सकेगा कि पेट्रोलिंग टीम निर्धारित रूट और पॉइंट्स तक पहुंची या नहीं।

कंट्रोल रूम से होगी पल-पल की निगरानी

अब रात की गश्त केवल कागजों में दर्ज होने वाली कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी। ‘प्रहरी’ एप के माध्यम से पेट्रोलिंग टीमों की गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।

किस टीम ने रात में किस इलाके में गश्त की, कौन से रूट को कवर किया और निर्धारित स्थानों तक पहुंची या नहीं, इन तमाम जानकारियों की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी।

इस व्यवस्था से पेट्रोलिंग टीमों की वास्तविक सक्रियता का आकलन किया जा सकेगा।

शहर की तंग गलियों और अंदरूनी इलाकों तक पहुंचेगी पुलिस

रात की गश्त के दौरान कई बार पुलिस वाहन मुख्य सड़कों और प्रमुख चौराहों तक ही सीमित रह जाते हैं। ऐसे में शहर के अंदरूनी और संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी कम दिखाई देती है।

‘प्रहरी’ सिस्टम के जरिए अब पेट्रोलिंग पार्टियों को शहर की तंग गलियों और संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाएगा।

इससे उन इलाकों में भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने का प्रयास होगा, जहां रात के समय लोगों की आवाजाही कम रहती है।

हर सुबह तैयार होगा पेट्रोलिंग का रिपोर्ट कार्ड

‘प्रहरी’ एप की खास बात यह है कि रातभर की पेट्रोलिंग का डेटा अगले दिन सुबह देखा और उसका विश्लेषण किया जाएगा।

इसके आधार पर यह पता चलेगा कि किस टीम ने कितनी सक्रियता से ड्यूटी की और किन निर्धारित स्थानों को कवर किया।

पुलिस विभाग इसी रिपोर्ट के आधार पर पेट्रोलिंग टीमों के प्रदर्शन का आकलन करेगा।

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मुस्तैद पुलिसकर्मियों को मिलेगा इनाम

अच्छी और प्रभावी पेट्रोलिंग करने वाली टीमों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की व्यवस्था भी की गई है।

वहीं, निर्धारित पॉइंट्स पर नहीं पहुंचने या गश्त में लापरवाही बरतने वाली टीमों को डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर चिन्हित किया जाएगा। ऐसी टीमों के खिलाफ सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इससे रात की ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण के जरिए समझाया एप का इस्तेमाल

‘प्रहरी’ एप के शुभारंभ के अवसर पर पुलिस कंट्रोल रूम में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को एप के इस्तेमाल, पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग से जुड़ी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारी और पुलिस स्टाफ भी प्रशिक्षण से जुड़े।

ये अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला, एएसपी घनश्याम मालवीय, एसडीओपी शाजापुर कीर्ति बघेल, एसडीओपी (अजाक) अजय मिश्रा, रक्षित निरीक्षक वंदना सिंह, लालघाटी टीआई अर्जुन मुजाल्दे, यातायात प्रभारी मोनिका ठाकुर, महिला थाना प्रभारी आशा सोलंकी और रेडियो प्रभारी एसआई अंतर सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे।

जिले के अन्य थानों के प्रभारी और पुलिस स्टाफ ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।

रात की सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलेगा?

पुरानी व्यवस्था‘प्रहरी’ के बाद व्यवस्था
मुख्य सड़कों पर गश्त का फोकसअंदरूनी गलियों तक गश्त
पेट्रोलिंग का सीमित रिकॉर्डडिजिटल डेटा तैयार होगा
गश्त की जांच बाद मेंरियल-टाइम मॉनिटरिंग
टीम की सक्रियता का आकलन मुश्किलपेट्रोलिंग गतिविधियों का विश्लेषण
लापरवाही चिन्हित करना कठिनडेटा के आधार पर कार्रवाई
बेहतर प्रदर्शन के लिए सीमित प्रोत्साहनमुस्तैद टीमों को पुरस्कार

अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक पर बढ़ता जोर

रात के समय पुलिस की मौजूदगी और लगातार गश्त अपराध नियंत्रण की व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में पेट्रोलिंग को केवल रूटीन ड्यूटी के बजाय डेटा और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से जोड़ने का प्रयास पुलिस की कार्यप्रणाली में बदलाव ला सकता है।

अब ‘प्रहरी’ एप के जरिए यह देखना आसान होगा कि रात में पेट्रोलिंग टीम वास्तव में किन इलाकों तक पहुंच रही है और निर्धारित ड्यूटी कितनी प्रभावी तरीके से निभाई जा रही है।

अंतिम विचार

शाजापुर पुलिस की नई ‘प्रहरी’ व्यवस्था का वास्तविक असर आने वाले समय में पेट्रोलिंग के डेटा और जमीनी स्तर पर पुलिस की मौजूदगी से दिखाई देगा। खासतौर पर शहर की तंग गलियों, अंदरूनी इलाकों और संवेदनशील क्षेत्रों तक नियमित गश्त पहुंचती है या नहीं, यह इस सिस्टम की अहम कसौटी होगी।

अगर डिजिटल मॉनिटरिंग के साथ सुबह होने वाला रिपोर्ट विश्लेषण नियमित रूप से किया जाता है, तो पेट्रोलिंग टीमों की जवाबदेही और ड्यूटी की निगरानी पहले से ज्यादा व्यवस्थित हो सकती है।

FAQs

1. शाजापुर पुलिस ने ‘प्रहरी’ एप क्यों शुरू किया है?

‘प्रहरी’ नाइट पेट्रोलिंग एप का उद्देश्य जिले में रात की पुलिस गश्त को अधिक प्रभावी बनाना और पेट्रोलिंग टीमों की गतिविधियों की निगरानी करना है।

2. ‘प्रहरी’ एप से पुलिस की मॉनिटरिंग कैसे होगी?

पेट्रोलिंग टीमों की लोकेशन और मूवमेंट की रियल-टाइम मॉनिटरिंग पुलिस कंट्रोल रूम से की जाएगी। इससे निर्धारित रूट और पॉइंट्स पर टीमों की मौजूदगी की जानकारी मिल सकेगी।

3. क्या लापरवाही करने वाली पेट्रोलिंग टीम पर कार्रवाई होगी?

हां। निर्धारित पॉइंट्स पर नहीं पहुंचने या गश्त में लापरवाही करने वाली टीमों को डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।

4. अच्छी पेट्रोलिंग करने वाली पुलिस टीमों को क्या मिलेगा?

मुस्तैदी से ड्यूटी करने वाली पेट्रोलिंग टीमों को उनके प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा।

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