संकट में किसानों के साथ खड़ी सरकार: बुरहानपुर के 8 हजार केला उत्पादक किसानों को मिले ₹107.82 करोड़ की राहत राशि!

Burhanpur Kela Fasal Rahat Rashi
मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि किसानों की हर समस्या का समाधान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मई और जून के महीनों में आई प्राकृतिक आपदा तथा बेमौसम मार के कारण बुरहानपुर जिले में केले की फसल को भारी नुकसान पहुँचा था।
संकट की इस घड़ी में किसानों को संबल देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार (30 जुलाई) को उज्जैन से वर्चुअली जुड़कर बुरहानपुर के 8,115 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में ₹107 करोड़ 82 लाख की राहत राशि सीधे सिंगल क्लिक से ट्रांसफर कर दी।
1. 188 गाँवों के 8 हज़ार से अधिक किसानों को मिला सम्बल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के चेहरों पर दोबारा मुस्कान नहीं आ जाती, तब तक सरकार चैन से नहीं बैठेगी।
राहत राशि का ब्योरा:
प्रभावित क्षेत्र: बुरहानपुर नगर, बुरहानपुर ग्रामीण, नेपानगर और खकनार तहसीलों के 188 गाँव।
लाभान्वित किसान: 8,115 केला उत्पादक किसान।
कुल अंतरित राशि: ₹107 करोड़ 82 लाख (सिंगल क्लिक से डीबीटी के माध्यम से)।
बुरहानपुर से वीसी में शामिल हुईं पूर्व मंत्री व विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने इस संवेदनशील पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और घोषणा की कि रक्षाबंधन पर बुरहानपुर की बहनें मुख्यमंत्री को केले के रेशे (Banana Fiber) से बनी विशेष राखी भेजेंगी।
2. बुरहानपुर का केला और टेक्सटाइल: देश-दुनिया में बनी नई पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ताप्ती मैया के आशीर्वाद से बुरहानपुर जिला अपनी उद्यानिकी फसलों (Horticulture Crops) के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहाँ के स्वादिष्ट केले, हल्दी और कपास की अपनी अलग पहचान है।
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बुरहानपुर के कृषि और औद्योगिक विकास की मुख्य बातें
| क्षेत्र / विषय | सरकार की पहल और उपलब्धि | मुख्य फायदा |
| मंडी टैक्स आधा किया | कपास पर लगने वाला मंडी टैक्स ₹1 से घटाकर आधा कर दिया गया। | बुरहानपुर व खंडवा के कपास उत्पादक किसानों व व्यापारियों को राहत। |
| केला प्रसंस्करण (Banana Processing) | बुरहानपुर को केला प्रसंस्करण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। | केले के रेशे से कपड़े, धागे और सजावटी सामान ई-कॉमर्स पर बिक रहे हैं। |
| पीएम मित्र पार्क (धार) | धार जिले में बन रहे विशाल टेक्सटाइल पार्क से बुरहानपुर जोड़ा जाएगा। | पावरलूम और हैंडलूम कामगारों व कपास किसानों को बड़ा एक्सपोर्ट हब मिलेगा। |
| ताप्ती मेगा रिचार्ज प्रोजेक्ट | महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर जल संरक्षण योजना पर काम जारी। | भू-जल स्तर बढ़ेगा और हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुँचेगा। |
3. कृषक कल्याण वर्ष 2026: 16 विभागों की संयुक्त कार्ययोजना
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मना रही है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने, जैविक व प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के लिए 16 सरकारी विभागों को एक साथ मिलाकर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
जिला स्तर पर आयोजित हो रहे ‘बलराम कृषि महोत्सव’ की शुरुआत इंदौर से की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र, उर्वरक और मूल्य संवर्धन (Value Addition) की जानकारी एक ही छत के नीचे देना है।
4. श्रावण मास की शुभकामनाएँ और कांवड़ यात्रा के लिए सख्त निर्देश
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे प्रदेशवासियों को पवित्र श्रावण मास की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। इसके साथ ही उन्होंने सभी जिला कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
कांवड़ियों के लिए मुकम्मल व्यवस्था: प्रदेश भर में जहाँ-जहाँ से पवित्र कांवड़ यात्राएँ गुजरने वाली हैं, वहाँ कांवड़ियों के लिए पेयजल, विश्राम, भोजन-प्रसादी, चिकित्सा और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम समय रहते पूरे कर लिए जाएँ।
मार्ग सुरक्षा: यात्रा मार्गों पर ट्रैफ़िक व्यवस्था और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
5. ग्वालियर में बनेगा टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग ज़ोन
प्रदेश में औद्योगिक निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्वालियर को देश के ‘टेलीकॉम सेक्टर मैन्यूफैक्चरिंग ज़ोन’ के रूप में विकसित करने के लिए नई दिल्ली में भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के बीच एक ऐतिहासिक एमओयू (MoU) साइन किया जा रहा है। इससे प्रदेश के हजारों युवाओं को हाई-टेक नौकरियों के नए अवसर मिलेंगे।
अंतिम विचार
चाहे प्राकृतिक आपदा के समय किसानों के आंसू पोंछना हो, केले के तने से रेशा बनाकर वैश्विक ई-कॉमर्स बाजार तक पहुँचाना हो, या फिर कपास किसानों के लिए मंडी टैक्स आधा करना हो—मध्य प्रदेश सरकार की नीतियां ज़मीनी हकीकत को बदलकर रख रही हैं। बुरहानपुर के किसानों के खाते में पहुँची यह ₹107.82 करोड़ की राशि केवल मुआवजा नहीं, बल्कि उनके कृषि-भविष्य के प्रति सरकार का पक्का भरोसा है!
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. बुरहानपुर के किसानों को कितनी फसल राहत राशि जारी की गई है?
मई और जून में बेमौसम मार से प्रभावित बुरहानपुर के 8,115 केला उत्पादक किसानों को ₹107 करोड़ 82 लाख की राहत राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की गई है।
Q2. रक्षाबंधन पर बुरहानपुर से मुख्यमंत्री को कौन सी खास राखी भेजी जाएगी?
बुरहानपुर में केले के तने के रेशे (Banana Fiber) से विशेष रूप से तैयार की गई इको-फ्रेंडली राखी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भेजी जाएगी।
Q3. बुरहानपुर के कपास किसानों के लिए सरकार ने क्या बड़ा फैसला लिया है?
कपास उत्पादक किसानों और पावरलूम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को घटाकर आधा कर दिया है।
Q4. कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स को क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टर्स को कांवड़ यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं के लिए भोजन, विश्राम, चिकित्सा और सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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