FAITH Conclave 2026 में मध्य प्रदेश की जोरदार प्रस्तुति: एक साल में आए 13 करोड़ पर्यटक, सिंहस्थ-2028 के लिए ₹30,000 करोड़ का बड़ा विज़न
FAITH Conclave 2026
देश के पर्यटन और आतिथ्य (Hospitality) क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित वार्षिक सम्मेलन “फेथ कॉन्क्लेव-2026” (FAITH Conclave-2026) में मध्य प्रदेश ने अपनी एक बेहद दमदार और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है. नई दिल्ली में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिरकत की और देश-विदेश के निवेशकों व टूर ऑपरेटर्स के सामने मध्य प्रदेश के पर्यटन, इतिहास, प्राकृतिक सौंदर्य और निवेश की असीम संभावनाओं का एक सजीव खाका प्रस्तुत किया.
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस प्रसिद्ध प्रेरणा वाक्य का उल्लेख किया जो राज्य की असली आत्मा को दर्शाता है—“एमपी अजब है, सबसे गजब है”. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मूल मंत्र पर चलते हुए मध्य प्रदेश आज वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित हो रहा है.
1. रिकॉर्ड तोड़ आंकड़े: 1 साल में 13 करोड़ से अधिक पहुंचे पर्यटक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव के विशेष सत्र “मध्यप्रदेश: द हार्ट ऑफ इन्क्रेडिबल इंडिया” में राज्य की पर्यटन प्रगति के कुछ बेहद चौंकाने वाले और ऐतिहासिक आंकड़े साझा किए:
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पर्यटकों का तांता: पिछले महज एक वर्ष के भीतर रिकॉर्ड 13 करोड़ से अधिक देशी-विदेशी पर्यटक मध्य प्रदेश के विभिन्न धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थलों पर पहुँचे हैं, जिसने राज्य की स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती दी है.
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श्री महाकाल लोक का जादू: उज्जैन में जब से ‘श्री महाकाल लोक’ का निर्माण हुआ है, तब से बाबा महाकाल की नगरी में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व उछाल आया है. सिर्फ एक साल में लगभग 8 करोड़ लोग बाबा महाकालेश्वर के दर्शन कर चुके हैं.
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धार्मिक सर्किट का विस्तार: भारत में पाए जाने वाले 12 ज्योतिर्लिंगों में से 2 मध्य प्रदेश में हैं. अब राज्य सरकार भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के जीवनकाल से जुड़े प्रदेश के सभी पावन स्थलों को बड़े धार्मिक तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित कर रही है.
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2. सिंहस्थ-2028 की महातैयारी: ₹30,000 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट
उज्जैन में वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व को लेकर मुख्यमंत्री ने वैश्विक मंच पर राज्य का भव्य विज़न साझा किया:
सिंहस्थ का दिव्य रूप: मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ-2028 को वैश्विक स्तर पर भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ₹30,000 करोड़ की भारी-भरकम लागत से इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रही है. इसके तहत मां क्षिप्रा के पावन जल से स्नान की उत्तम व्यवस्था के लिए 30 किलोमीटर लंबे नए घाटों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है, ताकि दुनिया भर से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को एक अलौकिक अनुभव मिल सके.
3. वाइल्डलाइफ और ईको-टूरिज्म के नए ठिकाने
मध्य प्रदेश केवल किलों और महलों का राज्य नहीं है, बल्कि यह देश का ‘टाइगर स्टेट’ और वन्यजीव संपदा का वास्तविक हृदय है. कॉन्क्लेव में मध्य प्रदेश के आधुनिक पर्यटन मॉडलों की देश भर के राज्यों (जैसे गुजरात, आंध्र प्रदेश और उत्तराखंड) ने भी सराहना की.
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नवाचार: राज्य के वाइल्डलाइफ टूरिज्म, रूरल (ग्रामीण) टूरिज्म और ‘हेरिटेज होमस्टे’ जैसी योजनाओं को उद्योग जगत ने खूब सराहा.
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कुकरू (हिल स्टेशन): प्रदेश में ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए बैतूल जिले के खूबसूरत हिल स्टेशन ‘कुकरू’ (जिसे कॉफी वैली के नाम से भी जाना जाता है) को एक बड़े टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में तेजी से विकसित किया जा रहा है.
4. वैश्विक साझेदारी और निवेश पर रणनीतिक मंथन
कॉन्क्लेव के दौरान मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. और पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री दिलीप कुमार यादव ने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय टूर ऑपरेटर्स के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं.
| चर्चा के मुख्य बिंदु | भविष्य की रणनीति |
| प्राइवेट इन्वेस्टमेंट | होटल्स, रिसॉर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स में निजी निवेश को बढ़ावा देना. |
| हवाई संपर्क का विस्तार | प्रमुख पर्यटन स्थलों को देश के बड़े महानगरों से सीधे एयर कनेक्टिविटी से जोड़ना. |
| ग्लोबल ब्रैंडिंग | मध्य प्रदेश के ग्रामीण और आदिवासी सांस्कृतिक पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाना. |
इस दो दिवसीय आयोजन में फेडरेशन ऑफ एसोसिएशंस इन इंडियन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (FAITH) के चेयरपर्सन श्री पुनीत छतवाल सहित पर्यटन जगत के 11 प्रमुख संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और मध्य प्रदेश में निवेश के प्रति भारी उत्साह दिखाया.
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. ‘फेथ कॉन्क्लेव-2026’ में मध्य प्रदेश के पर्यटन क्षेत्र से जुड़ा क्या बड़ा आंकड़ा सामने आया है?
उत्तर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार, पिछले एक साल के भीतर 13 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने मध्य प्रदेश का दौरा किया है, जिसमें से केवल उज्जैन के ‘श्री महाकाल लोक’ में ही करीब 8 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे हैं.
Q2. उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए मध्य प्रदेश सरकार का क्या बजट और योजना है?
उत्तर: सरकार सिंहस्थ-2028 की अधोसंरचना और सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने के लिए लगभग ₹30,000 करोड़ खर्च कर रही है, जिसमें मां क्षिप्रा के किनारे 30 किलोमीटर लंबे घाटों का निर्माण भी शामिल है.
Q3. मध्य प्रदेश में ‘कॉफी वैली’ के नाम से प्रसिद्ध नया पर्यटन स्थल कौन सा है?
उत्तर: बैतूल जिले में स्थित ‘कुकरू’ हिल स्टेशन को मध्य प्रदेश की ‘कॉफी वैली’ कहा जाता है, जिसे राज्य सरकार अब एक प्रमुख ईको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित कर रही है.
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