
MP Skill Development
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कौशल विकास और रोजगार विभाग के कार्यों की अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में युवाओं को रोजगार से जोड़ने, पर्यटन और उद्योगों के अनुरूप कौशल विकास करने और विभाग की प्रमुख उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि रोजगार के क्षेत्र में लगातार नए प्रयोग (Innovations) किए जाने चाहिए, ताकि राज्य के युवा आत्मनिर्भर बन सकें।
विभाग की प्रमुख उपलब्धियां (एक नज़र में)
| विवरण | आंकड़े / महत्वपूर्ण जानकारी |
| कुल आईटीआई (ITI) एडमिशन (2025) | 49,402 (अब तक का सर्वाधिक) |
| सीटों में वृद्धि (पिछले 2 वर्षों में) | 5,840 नई सीटें बढ़ाई गईं |
| रोजगार / प्लेसमेंट (पिछले 2 वर्षों में) | 18,403 युवाओं को रोजगार मिला |
| महिलाओं के लिए आरक्षण (2025 से) | 30% से बढ़ाकर 35% किया गया |
| दिव्यांग प्रशिक्षणार्थी (2025) | 490 दिव्यांगों को संस्थाओं में प्रवेश |
1. मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश एवं विजन
बैठक में मुख्यमंत्री ने रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कई दूरगामी निर्देश दिए:
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पर्यटन और कौशल विकास में तालमेल: प्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक और पुरातात्विक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए ‘गाइड प्रशिक्षण’ और ‘पाक कला (Culinary Arts)’ को प्राथमिकता दी जाए।
इंडस्ट्री-रेडी युवा: औद्योगिक संस्थानों की जरूरत (Industry Demand) के हिसाब से कोर्स डिजाइन किए जाएं। यहां तक कि फैक्ट्री परिसर के अंदर ही प्रशिक्षण संस्थाएं संचालित की जाएं।
कुटीर और लघु उद्योग: गुना जिले में ‘जैकेट निर्माण’ को एक आदर्श मॉडल मानते हुए युवाओं को घर से संचालित होने वाले लघु उद्योगों से जोड़ा जाए।
रेशम और उद्यानिकी: कोसा वस्त्रों के निर्माण और शहतूत उत्पादन जैसे कार्यों के लिए उद्यानिकी विभाग के सहयोग से युवाओं को जोड़ा जाए।
2. विभाग के प्रमुख नवाचार और महिला सशक्तिकरण
कौशल विकास विभाग ने युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए कई नए कदम उठाए हैं:
परम फाउंडेशन का सहयोग: इसके तहत 10 आधुनिक आईटीआई (ITI) का संचालन किया जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही, यूएन वूमेन (UN Women) के सहयोग से 12 जनजातीय बहुल जिलों की 2,127 महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
विदेशी भाषा और युवा संगम: रोजगार की संभावनाएं बढ़ाने के लिए युवाओं को विदेशी भाषाएं सिखाई जा रही हैं। ‘युवा संगम’ के माध्यम से सवा तीन लाख आवेदकों को लाभ मिला है।
3. वैश्विक स्तर पर मध्य प्रदेश का डंका
राज्य के युवा अब कौशल के मामले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं:
फ्रांस में मिली सफलता: वर्ष 2024 में फ्रांस में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय वर्ल्ड स्किल स्पर्धा’ में मध्य प्रदेश के छात्र संस्कार शर्मा ने ‘सायबर सिक्योरिटी स्किल’ में “मेडालियन ऑफ एक्सीलेंस” हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।
राष्ट्रीय स्तर पर चमक: राज्य को क्षेत्रीय स्पर्धाओं में 44 और राष्ट्रीय स्पर्धा में 8 पदक हासिल हुए हैं।
ग्लोबल स्किल पार्क: भोपाल स्थित ‘संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क’ में रोबोटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे 9 अत्याधुनिक लॉन्ग-टर्म कोर्स संचालित हो रहे हैं। वर्ष 2026-27 के लिए यहां 3,000 सर्टिफिकेशन का लक्ष्य रखा गया है।
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