Aghori Baba Sadhana
उज्जैन। शिप्रा नदी के समीप स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट पर भीषण गर्मी और 40 डिग्री से अधिक तापमान के बीच चल रही दुर्लभ एवं कठोर “अष्टधूनी तपस्या” इन दिनों श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 21 दिवसीय यह विशेष धार्मिक आयोजन 29 अप्रैल 2026 से प्रारंभ होकर लगातार जारी है, जो 19 मई 2026 तक चलेगा।
वहीं 20 मई को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजन अघोर अखाड़ा एवं श्री सेनापति काल भैरव गौ सेवा संगठन, उज्जैन के तत्वावधान में संपन्न हो रहा है। संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री रवि चौधरी ने बताया कि सनातन धर्म एवं गौ माता की रक्षा के संकल्प के साथ यह 21 दिवसीय यज्ञ एवं तपस्या आयोजित की जा रही है।
प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक साधक अपने चारों ओर आठ दिशाओं में अग्नि धूनियां प्रज्वलित कर कठोर साधना करते हैं, जबकि नौवां स्थान सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। प्रचंड गर्मी के बीच अग्नि के मध्य बैठकर एवं खड़े रहकर की जा रही यह तपस्या अत्यंत कठिन मानी जाती है।
यह भी पढ़े –
तपस्या खड़ेश्वरी अघोरी बाबा योगी बिष्णु नाथ जी महाराज व योगी सोमवार नाथ जी महाराज द्वारा की जा रही है, जो विश्व प्रसिद्ध तांत्रिक अघोरी बाबा श्री योगी बम बम नाथ जी महाराज के शिष्य हैं। योगी बिष्णु नाथ जी महाराज पिछले कई वर्षों से 12 वर्षीय अखंड खड़ेश्वरी अघोर तपस्या में लीन हैं और निरंतर खड़े रहकर साधना कर रहे हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अष्टधूनी तपस्या पंचतत्व अग्नि, जल, पृथ्वी, वायु और आकाश को साक्षी मानकर शरीर एवं मन को साधने, आत्म-साक्षात्कार तथा तांत्रिक सिद्धियों की प्राप्ति के उद्देश्य से की जाती है। यह तपस्या भगवान काल भैरव, अष्टभैरव एवं परम पूज्य योगी बाबा बम बम नाथ जी महाराज को समर्पित है।
आयोजन चक्रतीर्थ श्मशान घाट स्थित गुरुदेव की तपोस्थली पर तपस्या खड़ेश्वरी अघोरी बाबा योगी बिष्णु नाथ जी महाराज एवं योगी सोमवार नाथ जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। इस अनूठे आयोजन को देखने और तपस्या के दर्शन करने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
भीषण गर्मी के बीच गुरु महाराज द्वारा की जा रही कठोर साधना श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आश्चर्य का विषय बनी हुई है। आयोजन में देश-विदेश से साधु-संत, महंत एवं श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है। श्रद्धालु संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर धर्म एवं साधना के इस अद्भुत स्वरूप का अनुभव कर रहे हैं।
जुड़िये हमारे व्हॉटशॉप अकाउंट से-