
MP Cabinet Decisions
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की एक अहम बैठक संपन्न हुई। राज्य के सर्वांगीण विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक गौरव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस बैठक में 5,960 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं को मंजूरी दी गई। इसमें महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, कृषि और जनजातीय विकास से जुड़े कई बड़े और क्रांतिकारी फैसले शामिल हैं।
कैबिनेट बैठक के मुख्य निर्णय (एक नज़र में)
| योजना/प्रोजेक्ट का नाम | स्वीकृत राशि/बजट | मुख्य उद्देश्य |
| कन्या/कल्याणी विवाह सहायता योजना | 1,740.57 करोड़ रुपये | अगले 5 वर्षों (2026-31) तक योजना का निरंतर संचालन। |
| सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) | 3,580.07 करोड़ रुपये | परिवहन और कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति (2026-31)। |
| शासकीय विद्यालयों का उन्नयन | 635.24 करोड़ रुपये | 225 माध्यमिक और 300 हाई स्कूलों का अपग्रेडेशन। |
| नवीन विधि महाविद्यालय (शुजालपुर) | 2.39 करोड़ रुपये | नए कॉलेज की स्थापना और 17 नए पदों का सृजन। |
1. महिला सशक्तिकरण: कन्या एवं कल्याणी विवाह योजना
महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना’ और ‘कल्याणी विवाह सहायता योजना’ को 1 अप्रैल 2026 से आगामी 5 वर्षों तक निरंतर जारी रखने का फैसला किया है।
आर्थिक सहायता: इस योजना के तहत गरीब, निराश्रित और निर्धन परिवारों की कन्याओं/विधवाओं के सामूहिक विवाह के लिए प्रति कन्या 55,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह भी पढ़े – प्रधानमंत्री श्री मोदी की विकास दृष्टि और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई गति
अब तक का लाभ: वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार से अधिक हितग्राहियों को इसका लाभ मिल चुका है।
2. शिक्षा में बड़ा कदम: स्कूलों का अपग्रेडेशन
विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुँच बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर (Drop-out rate) को कम करने के लिए स्कूलों के उन्नयन (Upgradation) को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।
लक्ष्य: आगामी 3 वर्षों (2026 से 2029) में हर साल 75 माध्यमिक शालाओं को हाई स्कूल और 100 हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी में बदला जाएगा।
विकसित मध्यप्रदेश@2047: इस विजन के तहत वर्ष 2029 तक स्कूलों में 100% सकल नामांकन दर (GER) हासिल करने का लक्ष्य है।
सांदीपनि विद्यालय: सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में आने वाले स्कूलों का उन्नयन नहीं होगा, बल्कि उन छात्रों का प्रवेश सीधे सांदीपनि विद्यालयों में कराया जाएगा।
3. किसानों को बड़ी राहत: 0% ब्याज पर फसल ऋण
किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण की नई शर्तों को मंजूरी दी गई है।
नया नियम: अब खरीफ और रबी सीजन के लिए अलग-अलग ‘देय तिथि’ (Due Date) नहीं होगी। इसके स्थान पर ‘वार्षिक एकल ऋण सीमा’ लागू की जाएगी, जिसकी मियाद प्रथम आहरण से 12 महीने होगी।
प्रोत्साहन: निर्धारित समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को राज्य शासन द्वारा 4% का अतिरिक्त ब्याज अनुदान (इंसेंटिव) दिया जाएगा।
4. शिक्षा और न्याय: नवीन विधि महाविद्यालय की स्थापना
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप सत्र 2026-27 से शुजालपुर (शाजापुर) में एक नया शासकीय विधि (Law) महाविद्यालय शुरू किया जाएगा।
इसके लिए शैक्षणिक और अशैक्षणिक वर्ग के कुल 17 नए पद सृजित किए गए हैं।
यह कदम बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत विधि पाठ्यक्रमों को एक पृथक कॉलेज के रूप में संचालित करने के लिए उठाया गया है।
5. जनजातीय विकास और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)
PDS संचालन: 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) के लिए लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत परिवहन और कमीशन व्यय के लिए 3,580 करोड़ रुपये से अधिक की निरंतरता को मंजूरी दी गई।
जनजातीय विद्युतीकरण: ‘पीएम जनमन’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत जनजातीय क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के कार्य के लिए केंद्र के अंश पर लगने वाली SGST की राशि अब राज्य सरकार खुद वहन करेगी।
जुड़िये हमारे व्हॉटशॉप अकाउंट से-





