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Navjeevan Abhiyan Ujjain
उज्जैन पुलिस द्वारा संचालित “नवजीवन” अभियान, जो कि “मुस्कान” अभियान का अगला चरण है, के अंतर्गत आज दिनांक 03.05.2026 को पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में एक विशेष काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उक्त अभियान का मुख्य उद्देश्य विभिन्न कारणों से अपने परिवार से दूर हुए बालक-बालिकाओं को मार्गदर्शन, जीवन कौशल एवं भावनात्मक सहयोग प्रदान कर उन्हें पुनः परिवार एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके आत्मविश्वास का पुनर्निर्माण करते हुए उन्हें शिक्षा एवं उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना है।
“नवजीवन” अर्थात “नया जीवन” की अवधारणा पर आधारित इस अभियान के अंतर्गत उज्जैन पुलिस द्वारा दस्तयाब किए गए बालक-बालिकाओं को सम्मान, स्नेह एवं आत्मीयता के साथ पुनः समाज में स्थापित करने के सतत प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे आत्मसम्मान के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर सकें।
समर्पित टीम द्वारा वर्षभर किया गया सतत कार्य
पुलिस अधीक्षक उज्जैन के निर्देशन में “प्रयास-नवजीवन” अभियान के तहत एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने वर्षभर में दस्तयाब बालक-बालिकाओं की सूची तैयार कर घर-घर एवं गांव-गांव जाकर उनके परिवारों से संपर्क स्थापित किया।
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टीम द्वारा माता-पिता एवं बच्चों की पृथक-पृथक काउंसलिंग करते हुए आपसी संवाद एवं विश्वास को पुनः स्थापित करने का प्रयास किया गया तथा उन्हें यह भरोसा दिलाया गया कि उज्जैन पुलिस हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है।
92 बालक-बालिकाओं की सहभागिता (जनवरी से अप्रैल 2026 तक के आंकडे अनुसार )
आज आयोजित कार्यक्रम में ऐसे 92 बालक-बालिकाएं, जो किसी कारणवश अपने परिवार से अलग हो गए थे अथवा अन्य व्यक्तियों के प्रभाव, प्रेम प्रसंग या गलत मार्गदर्शन के चलते घर छोड़कर चले गए थे, उन्हें पूर्व में दस्तयाब कर उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया था।
उक्त सभी बालक-बालिकाएं अपने परिजनों के साथ कार्यक्रम में उपस्थित हुए, जहां उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन एवं काउंसलिंग
कार्यक्रम में नगर पुलिस अधीक्षक, अनुभाग नानाखेड़ा श्रीमती श्वेता गुप्ता द्वारा उपस्थित बालक-बालिकाओं एवं उनके परिजनों को संबोधित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इसके पश्चात पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा सभी बच्चों एवं उनके अभिभावकों की काउंसलिंग की गई। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शिक्षा, कौशल विकास एवं विभिन्न क्षेत्रों में करियर निर्माण हेतु प्रेरित किया। साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
पुलिस अधीक्षक द्वारा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई, जिससे बालक-बालिकाएं अपने भविष्य के प्रति जागरूक होकर उचित दिशा में प्रयास कर सकें।
वर्ष 2025 की उपलब्धियों की जानकारी
अपने संबोधन में पुलिस अधीक्षक उज्जैन द्वारा वर्ष 2025 की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि उज्जैन पुलिस द्वारा वर्ष 2025 में कुल 291 गुमशुदा बालक-बालिकाओं को दस्तयाब कर उनके परिजनों से मिलाया गया।
उक्त 291 बालक-बालिकाओं में से 166 बालिकाओं को विशेष रूप से शिक्षा के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु प्रेरित किया गया तथा उनके शैक्षणिक विकास को बढ़ावा दिया गया। इसके अतिरिक्त 57 से अधिक कम आयु के बालक-बालिकाओं को उनके रुचि एवं हुनर के अनुरूप विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यशालाओं जैसे खेलकूद, सिलाई, पार्लर, दिशा लर्निंग एवं अन्य कौशल विकास कार्यक्रमों से अवगत कराते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता एवं सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित किया गया।
अभिभावकों को दी गई समझाइश
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों को यह समझाइश दी गई कि वे अपने बच्चों पर कम उम्र में विवाह हेतु दबाव न बनाएं तथा उनकी शिक्षा एवं मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दें। बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना एवं उनकी समस्याओं को समझना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी बालक-बालिकाओं एवं उनके परिजनों के लिए पुलिस द्वारा स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। इस दौरान भी पुलिस अधीक्षक द्वारा कई बच्चों एवं अभिभावकों से व्यक्तिगत चर्चा कर उनका मार्गदर्शन किया गया।
उज्जैन पुलिस का यह “नवजीवन” अभियान समाज के प्रति संवेदनशील पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसके माध्यम से न केवल बच्चों को उनके परिवार से जोड़ा जा रहा है, बल्कि उनके जीवन को नई दिशा देने का सार्थक प्रयास भी किया जा रहा है।
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