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Simhastha Cyber Security
आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 को सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं प्रभावी रूप से संपन्न कराने के उद्देश्य से उज्जैन पुलिस द्वारा आयोजित TOT (Training of Trainers) प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत आज दिनांक 02.05.2026 को एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उक्त प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक चुनौतियों, विशेषकर साइबर अपराध एवं आपदा प्रबंधन के प्रति सशक्त एवं संवेदनशील बनाना रहा।
साइबर सुरक्षा विषय पर विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षण सत्र के दौरान श्री प्रणय नागवंशी, पुलिस अधीक्षक, साइबर सेल भोपाल द्वारा उपस्थित प्रशिक्षुओं को सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में उत्पन्न होने वाले संभावित डिजिटल खतरों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
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उन्होंने विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला
- सोशल मीडिया के माध्यम से फैलने वाली फेक न्यूज़ एवं अफवाहें
- VIP दर्शन के नाम पर की जाने वाली ठगी
- ऑनलाइन प्रसाद बुकिंग एवं डोनेशन स्कैम
- फर्जी होटल बुकिंग एवं धार्मिक वेबसाइटों के माध्यम से धोखाधड़ी
- मोबाइल गुम/चोरी होने की स्थिति में शिकायतों के त्वरित निराकरण की प्रक्रिया
श्री नागवंशी द्वारा उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को इन साइबर अपराधों की रोकथाम, जागरूकता एवं प्रभावी कार्रवाई हेतु व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही उन्होंने सिंहस्थ के दौरान साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से “सिंहस्थ साइबर वॉरियर योजना” के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आपदा प्रबंधन एवं भीड़ नियंत्रण पर प्रशिक्षण
इसके उपरांत श्रीमती इरमिन शाह, AIG वेलफेयर द्वारा आपदा प्रबंधन (Disaster Management) विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया।
उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष बल देते हुए निम्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला
- AI आधारित भीड़ विश्लेषण (Crowd Analytics)
- स्मार्ट वेदर स्टेशन के माध्यम से मौसम की निगरानी
- रिवर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम
- डिजिटल पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से त्वरित सूचना प्रसारण
भीड़ प्रबंधन हेतु रणनीतिक दृष्टिकोण
श्रीमती शाह द्वारा उज्जैन की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस बल को तीन प्रमुख रणनीतियों पर कार्य करने की आवश्यकता बताई गई। विशेष रूप से “प्रेशर रिलीज वाल्व” की अवधारणा पर जोर दिया गया, जिसमें बताया गया कि—
यदि महाकाल मंदिर अथवा रामघाट की ओर जाने वाले मार्गों पर अत्यधिक भीड़ का दबाव उत्पन्न होता है, तो मुख्य धारा को पूर्णतः रोकने के बजाय उसे वैकल्पिक मार्गों या खुले स्थानों की ओर डायवर्ट कर भीड़ के दबाव को नियंत्रित किया जाना चाहिए।
निष्कर्ष
उक्त प्रशिक्षण सत्र में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सिंहस्थ महापर्व के दौरान उत्पन्न होने वाली चुनौतियों के प्रभावी प्रबंधन हेतु आवश्यक तकनीकी एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। उज्जैन पुलिस द्वारा इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पुलिस बल को आधुनिक तकनीकों एवं रणनीतियों से लैस कर सिंहस्थ 2028 को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सफल बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
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