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मध्यप्रदेश का भव्य राहतगढ़ किला

-: Rahatgarh Fort history :-

राहतगढ़ किला, मध्यप्रदेश के सागर जिले में स्थित एक ऐतिहासिक दुर्ग है, जो अपनी भव्यता, स्थापत्य कला और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह किला विंध्याचल की पर्वतमालाओं के बीच स्थित है और यहाँ से आसपास का दृश्य अत्यंत मनोहारी दिखाई देता है। आइए इसके इतिहास पर विस्तार से नज़र डालते हैं:

राहतगढ़ किले का इतिहास:

  1. निर्माण और स्थापना:

    • राहतगढ़ किले का निर्माण 16वीं शताब्दी में माना जाता है।

    • इसका निर्माण अफगान शासक मोहम्मद खान ने करवाया था, जो मालवा सल्तनत के अधीन एक सुभेदार था।

    • इस किले का मुख्य उद्देश्य सैन्य दृष्टिकोण से था – दुश्मनों से सुरक्षा और रणनीतिक नियंत्रण के लिए।

  2. स्थापत्य और विशेषताएँ:

    • यह किला पहाड़ी पर बना हुआ है, जिससे दुश्मनों पर निगरानी रखना आसान था।

    • किले की दीवारें मोटी और ऊँची हैं, जो उस समय के सैन्य वास्तुकला की बेहतरीन मिसाल हैं।

    • इसमें एक विशाल दरवाज़ा, कक्ष, और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बनाए गए गुप्त मार्ग शामिल हैं।

    • किले के भीतर एक सुंदर झरना (जिसे राहतगढ़ जलप्रपात कहा जाता है) और प्राचीन मंदिर भी हैं।

  3. मुगल और मराठा काल:

    • मुगलों के समय में यह किला उनके अधीन चला गया था और कई वर्षों तक एक महत्वपूर्ण सैन्य चौकी के रूप में उपयोग में लिया गया।

    • बाद में, मराठाओं ने भी इस किले पर अधिकार किया और इसका उपयोग अपनी रणनीतिक योजनाओं में किया।

  4. ब्रिटिश काल और वर्तमान स्थिति:

    • ब्रिटिश शासन के दौरान इस किले का महत्व कम हो गया और धीरे-धीरे यह उपेक्षित होता गया।

    • आज यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जिसे पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया गया है।

पर्यटन के दृष्टिकोण से:

  • राहतगढ़ झरना मानसून में विशेष आकर्षण का केंद्र होता है।

  • किले से आसपास की घाटियों और पहाड़ियों का दृश्य अत्यंत रमणीय है।

  • ट्रैकिंग, फोटोग्राफी और ऐतिहासिक अनुसंधान के शौकीनों के लिए यह एक उत्तम स्थान है।

राहतगढ़ किले से जुड़ी कुछ खास बातें:

  1. जलस्रोत और वर्षा जल संग्रहण:

    • किले के परिसर में वर्षा जल संग्रहण के लिए बने कुंड और जलाशय आज भी मौजूद हैं।

    • यह दर्शाता है कि उस समय पानी की आपूर्ति को लेकर कितनी दूरदर्शिता थी।

  2. प्राकृतिक सुरक्षा:

    • किला ऊँची पहाड़ी पर स्थित है, जिससे इसकी प्राकृतिक सुरक्षा काफी मजबूत थी।

    • चारों तरफ से घने जंगल और पत्थरीले रास्ते हैं, जिससे दुश्मनों के लिए इस तक पहुँचना कठिन था।

  3. भूगर्भीय गुफाएँ और सुरंगें:

    • ऐसा माना जाता है कि राहतगढ़ किले में कई गुप्त सुरंगें थीं जो युद्ध के समय बचने या छिपने के लिए उपयोग की जाती थीं।

आस-पास के दर्शनीय स्थल:

  1. राहतगढ़ जलप्रपात (Waterfall):

    • किले के पास स्थित यह झरना मानसून के समय बेहद खूबसूरत हो जाता है।

    • यह फोटोग्राफी और पिकनिक के लिए एक शानदार जगह है।

  2. गणेश मंदिर:

    • किले के अंदर एक प्राचीन गणेश मंदिर है जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है।

  3. भीमगढ़ बांध (करीब 40 किमी दूर):

    • यह एशिया का सबसे बड़ा मिट्टी का बाँध है और वहां का प्राकृतिक दृश्य भी बेहद आकर्षक है।

यात्रा का उपयुक्त समय:

 

मौसमविवरण
मॉनसून (जुलाई से सितंबर)सबसे सुंदर समय – झरना और हरियाली देखने लायक होती है।
सर्दियाँ (अक्टूबर से फरवरी)ट्रैकिंग और किले की खोज के लिए उत्तम समय।
गर्मी (मार्च से जून)तापमान अधिक होने के कारण यात्रा असहज हो सकती है।

कैसे पहुँचें:

  • नजदीकी शहर: सागर (लगभग 40 किमी दूर)

  • रेल मार्ग: सागर रेलवे स्टेशन

  • सड़क मार्ग: सागर से टैक्सी या बस द्वारा राहतगढ़ आसानी से पहुँचा जा सकता है।

  • निकटतम हवाई अड्डा: भोपाल एयरपोर्ट (लगभग 130-140 किमी दूर)

स्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व:

  1. स्थानीय मान्यताएँ और लोककथाएँ:

    • राहतगढ़ किले के बारे में कई लोककथाएँ प्रचलित हैं, जिनमें से कुछ इसे वीरता और गुप्त खजानों से जोड़ती हैं।

    • ग्रामीणों के अनुसार, किले के अंदर कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहाँ अब भी रहस्यमयी गतिविधियाँ देखी जाती हैं – जैसे अनसुनी आवाज़ें, अचानक सर्द हवा का बहाव आदि।

  2. धार्मिक उत्सव और मेलें:

    • किले के आसपास स्थित मंदिरों में नवरात्रि, महाशिवरात्रि, और गणेश चतुर्थी जैसे पर्व बड़े धूमधाम से मनाए जाते हैं।

    • इन अवसरों पर स्थानीय मेले भी लगते हैं, जहाँ क्षेत्रीय हस्तशिल्प और खानपान का आनंद लिया जा सकता है।

यात्रा सुझाव (Travel Tips):

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  1. सुरक्षा का ध्यान रखें:

    • चूंकि किला पहाड़ी पर है और कुछ रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं, इसलिए सपाट और मजबूत जूते पहनें।

    • बरसात के मौसम में सतर्कता और भी जरूरी हो जाती है।

  2. गाइड साथ लें:

    • यदि आप इतिहास में गहराई से रुचि रखते हैं, तो एक स्थानीय गाइड जरूर लें – वे आपको किले की कहानियाँ और छुपे हुए हिस्से दिखा सकते हैं।

  3. खाद्य और जल व्यवस्था:

    • किले के आसपास बहुत कम सुविधाएं हैं, इसलिए पानी की बोतल और कुछ हल्का भोजन साथ ले जाना बेहतर होगा।

  4. सूर्यास्त से पहले वापसी:

    • किले में प्रकाश की उचित व्यवस्था नहीं है, इसलिए सूर्यास्त से पहले नीचे लौट आना बेहतर रहता है।

क्या मिस न करें (Must-Do Things):

  • मुख्य द्वार पर खड़े होकर पूरे किले का पैनोरमिक फोटो ज़रूर लें।

  • झरने के पास जाकर शांत वातावरण में कुछ वक्त बिताएं।

  • किले की ऊँचाई से आसपास के हरियाली और पहाड़ियों का दृश्य – एकदम postcard-perfect!

राहतगढ़ किले के अनकहे पहलू (Hidden Gems & Unknown Facts):

  1. सैन्य चौकी के अवशेष:

    • किले के ऊपर कुछ ऐसे स्थान हैं जहाँ से दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुराने वॉच टॉवर (watch towers) के अवशेष मिलते हैं।

  2. छुपा हुआ मंदिर:

    • किले के भीतर एक गुप्त और प्राचीन शिव मंदिर है, जिसे कम लोग ही देख पाते हैं। यह मंदिर चट्टानों के बीच छिपा हुआ है और वहां पहुँचने के लिए थोड़ी चढ़ाई करनी होती है।

  3. पुराने तोपों और दीवारों पर खुदी नक्काशियाँ:

    • कुछ जगहों पर पत्थरों पर की गई फारसी और ब्रज भाषा की शिलालेख मिलते हैं, जिनमें तत्कालीन शासकों की विजयगाथाएं खुदी हुई हैं।

फोटोग्राफी के लिए बेस्ट स्पॉट्स:

  • मुख्य प्रवेश द्वार: यहां से पूरे किले का शानदार लुक कैप्चर होता है।

  • झरने के पास: खासकर मॉनसून में – धुंध और गिरते पानी का दृश्य मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है।

  • किले की ऊँचाई से सूर्यास्त: यहाँ से डूबते सूरज की तस्वीरें postcard-worthy होती हैं।

  • पुराने पत्थर के गलियारे: जहां आप shadows और depth के साथ शानदार एंगल्स पा सकते हैं।

स्थानीय स्वाद – क्या खाना चाहिए?

अगर आप राहतगढ़ या सागर शहर के आसपास हैं, तो ये चीजें ज़रूर ट्राय करें:

  • भutte ka kees – मकई से बना एक खास मालवा व्यंजन।

  • poha-jalebi – सुबह के नाश्ते में बेस्ट।

  • dal bafla – मध्यप्रदेश की प्रसिद्ध डिश, राजस्थान के दाल-बाटी से मिलती-जुलती।

  • local chaats और imli की चटनी वाली कचौड़ी भी लाजवाब होती है।

यात्रा का छोटा सा सारांश (Travel Summary):

विशेषताजानकारी
स्थानराहतगढ़, सागर जिला, मध्यप्रदेश
ऐतिहासिक युग16वीं शताब्दी, अफगान शासन
प्रमुख आकर्षणकिला, झरना, गुफा मंदिर, प्राकृतिक दृश्य
गतिविधियाँट्रैकिंग, फोटोग्राफी, इतिहास-खोज, पिकनिक
आदर्श समयमानसून और सर्दियाँ
अनुमानित समयपूरा भ्रमण – 4 से 5 घंटे
पास के स्थानभीमगढ़ बाँध, सागर झील, एरन (प्राचीन स्थल)

 

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