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Most Poisonous Trees
जब जहर की बात आती है तो इंसान सबसे पहले सांप को याद करता है क्योंकि हम मानते हैं कि दुनिया का सबसे जहरीला जीव वही होता है। लेकिन यहां पर आप गलत भी हो सकते हैं। हमारी दुनिया में कुछ ऐसे पेड़ भी हैं जो जहर के मामले में सांप से भी ज्यादा खतरनाक होते हैं। कोई ऐसा पेड़ है जिसके फल को खाते ही इंसान की मौत हो सकती है।
कोई ऐसा पेड़ है जिसके आसपास चलने भर से ही जान चली जा सकती है। और कोई ऐसा भी पेड़ है जिसे अगर इंसान छू ले तो सीधा ऊपर का टिकट कट सकता है। यह बातें सुनने में अजीब लगती हैं, लेकिन यही हकीकत है। तो चलिए जानते हैं दुनिया के पांच सबसे खतरनाक पेड़ कौन-कौन से हैं।
स्ट्रिक्ट ट्री
क्या आप जानते हैं कि यह पेड़ इतना खतरनाक और जहरीला होता है कि इसके आसपास डेंजरस बोर्ड लगाना पड़ता है ताकि लोग इससे बच सके। जी हां ऐसा ही एक बेहद खतरनाक पेड़ दुनिया में मौजूद है। इस पेड़ का नाम है स्ट्राइकन ट्री और इसका वैज्ञानिक नाम है स्ट्राइकनोस नक्स वोमिका। यह पेड़ दुनिया के सबसे जहरीले पेड़ों में गिना जाता है। इसकी पहचान इसके बीजों में पाए जाने वाले अत्यंत घातक विष के कारण होती है।
यह पेड़ मुख्य रूप से भारत, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के कई क्षेत्रों में पाया जाता है। यह अधिकतर गर्म और आर्द्र जलवायु वाले इलाकों में उगता है। जहां मिट्टी उपजाऊ होती है और वातावरण में नमी बनी रहती है। इसकी ऊंचाई लगभग 12 से 25 मीटर तक हो सकती है। इसकी पत्तियां चमकदार और अंडाकार आकार की होती हैं जो इसे देखने में एक सामान्य पेड़ जैसा बनाती हैं। अगर इसके फल की बात करें तो इसके फल गोल आकार के होते हैं।
कच्चे फल हरे रंग के दिखाई देते हैं। जबकि पकने पर इनका रंग हल्का पीला या पीला भूरा हो जाता है। देखने में यह फल सेब जैसे लगते हैं। इसलिए कई बार लोग इन्हें साधारण फल समझने की गलती कर बैठते हैं। लेकिन यहीफल इस पेड़ का सबसे खतरनाक हिस्सा होता है। इन फलों के अंदर मौजूद बीज अत्यंत जहरीले होते हैं। इन्हीं बीजों के भीतर एक भयानक विष पाया जाता है जिसे स्टाइक्रेनिन कहा जाता है।
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यही विष इस पेड़ को जानलेवा बनाता है। यदि स्ट्राइकेनिन बहुत ही कम मात्रा में भी मानव शरीर में चला जाए तो कुछ ही मिनटों के भीतर इसका असर शुरू हो जाता है। सबसे पहले शरीर की मांसपेशियां अचानक अकड़ने लगती हैं। हाथ पैर जकड़ जाते हैं। जबड़ा बंद हो जाता है और पूरा शरीर सख्त हो जाता है। इस विष की सबसे डरावनी बात यह है कि इंसान पूरी तरह होश में रहता है। वह हर पीड़ा महसूस करता है, लेकिन दर्द इतना असहनीय होता है कि वह कुछ बोल नहीं पाता।
धीरे-धीरे सीने और फेफड़ों की मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं, जिससे सांस लेने की प्रक्रिया रुक जाती है और अंत में इंसान की मौत हो जाती है। पुराने समय में स्ट्रेच लाइन का उपयोग चूहों और जंगली जानवरों को मारने के लिए किया जाता था। कुछ अपराधों और रहस्यमय घटनाओं में भी इस जहर के इस्तेमाल के प्रमाण मिले हैं। यही वह पेड़ है जो देखने में साधारण लगता है, लेकिन इसका फल और उसके भीतर मौजूद बीज इंसान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। इसी वजह से कई जगहों पर इस पेड़ के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं ताकि लोग इससे दूरी बनाए रखें।
सुसाइड ट्री
एक ऐसा पेड़ देखने पर बिल्कुल आम के पेड़ जैसा लगता है। लेकिन उसका जहर एक सांप से भी ज्यादा खतरनाक होता है। यह पेड़ जितना शांत दिखाई देता है, उतना ही जानलेवा भी है। एक छोटी सी गलती और इंसान की जिंदगी कुछ ही मिनटों में खत्म हो सकती है। इस पेड़ को हम सुसाइड ट्री के नाम से जानते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम है सरबरा ओडोलम। यह पेड़ अपनी खतरनाक प्रकृति के कारण कुख्यात है।
बाहर से देखने पर यह पेड़ हराभरा, शांत और सामान्य लगता है। लेकिन इसके भीतर छुपा जहर सीधे इंसान के दिल पर हमला करता है। सुसाइड ट्री मुख्य रूप से भारत के केरल क्षेत्र, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार और दक्षिण पूर्व एशिया के तटीय इलाकों में पाया जाता है। यह पेड़ अक्सर समुद्र के किनारे दलदली जमीन और नदियों के आसपास उगता है, जहां नमी बहुत अधिक होती है। इस पेड़ की ऊंचाई लगभग 8 से 12 मीटर तक होती है।
इसकी पत्तियां लंबी, चमकदार और गहरे हरे रंग की होती हैं जो दूर से आम के पेड़ जैसी ही दिखाई देती हैं। इसी वजह से कई लोग पहली नजर में धोखा खा जाते हैं। अब यह पेड़ सिर्फ खतरनाक ही नहीं बल्कि देखने में खूबसूरत भी होता है। इस पेड़ में फूल भी लगते हैं। इसके फूल सफेद रंग के होते हैं और बीच में हल्का पीला या गुलाबी रंग दिखाई देता है। ये फूल इतने सुंदर होते हैं कि देखने वाला कभी सोच भी नहीं सकता कि यही पेड़ मौत का कारण बन सकता है।
मानो यह पेड़ खुद कह रहा हो कि मैं खतरनाक होने के साथ-साथ खूबसूरत भी कहलाता हूं.। लेकिन इस पेड़ का सबसे खतरनाक हिस्सा है इसका फल। इसका फल बाहर से हरे रंग का होता है और पकने पर हल्का पीला दिखाई देता है। देखने में यह फल आम और छोटे नारियल के बीज जैसा लगता है। यही वजह है कि कई बार लोग इसे खाने योग्य समझ बैठते हैं। इस फल के बीजों में पाया जाता है एक घातक विष जिसे सरबेरिन कहा जाता है।
यह जहर इंसान के दिल की धड़कन को बिगाड़ देता है। अगर यह जहर शरीर में चला जाए तो पहले चक्कर आते हैं, फिर उल्टी, तेज घबराहट और कुछ ही समय में दिल काम करना बंद कर देता है। कई मामलों में मौत इतनी चुपचाप होती है कि कारण समझना भी मुश्किल हो जाता है। इसी भयानक असर की वजह से इस पेड़ को ‘सुसाइड ट्री’ कहा जाता है।
कई जगहों पर इस पेड़ के आसपास चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से इसके फल या बीज को ना छुए। यही वह पेड़ है जो बाहर से आम जैसा दिखता है। फूलों की वजह से खूबसूरत लगता है, लेकिन इसके भीतर छुपा जहर इंसान की जिंदगी को पल भर में खत्म कर सकता है। इसीलिए ऐसे पेड़ों से दूरी ही सबसे बड़ी समझदारी है।
रिकिनस कम्युनिस
इस पेड़ को देखकर दिमाग में कभी यह ख्याल भी नहीं आता कि यही पेड़ दुनिया के सबसे खतरनाक जहरों में से एक को छुपाए बैठा है। हरेभरे पत्ते, अजीब सी चमक और देखने में बिल्कुल बेगुनाह। लेकिन यही बेगुनाही असल में सबसे बड़ा धोखा है। इस पेड़ का नाम है रिसिनस कम्युनिस। आम भाषा में इसे अरंडी का पेड़ कहा जाता है। यह पेड़ खेतों, सड़कों के किनारे और खाली जमीन पर बहुत आसानी से उग जाता है।
कई लोग तो इसे बस एक साधारण जंगली पौधा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। यह पेड़ भारत के लगभग सभी हिस्सों में पाया जाता है। इसकेअलावा यह अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण पूर्व एशिया और कई उष्णकटिबंधीय देशों में भी प्राकृतिक रूप से उगता है। गर्म और हल्की नमी वाली जलवायु इस पेड़ के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल मानी जाती है। ऊंचाई की बात करें तो यह पेड़ आमतौर पर 8 से 15 फीट तक ऊंचा हो जाता है।
कुछ जगहों पर अनुकूल वातावरण मिलने पर यह इससे भी थोड़ा ज्यादा ऊंचा हो जाता है। देखने में यह छोटा सा पेड़ लगता है। लेकिन इसके अंदर छुपा जहर इसे बेहद खतरनाक बना देता है। लेकिन इस पेड़ के बीजों के अंदर छुपा होता है एक खतरनाक जहर जिसका नाम है राइसन। इतना घातक कि अगर इसकी बहुत थोड़ी सी मात्रा भी शरीर में चली जाए तो इंसान की जान खतरे में पड़ सकती है। कहा जाता है कि राइसिन इतना जहरीला होता है कि यह शरीर के अंदर जाकर कोशिकाओं को काम करना ही बंद कर देता है।
इस पेड़ की पत्तियां बड़ी, चौड़ी और हाथ की उंगलियों जैसी फैली हुई होती हैं। इनका रंग हरा या हल्का लाल भूरा भी हो सकता है जो इसे और भी अलग बनाता है। दूर से देखने पर यह पेड़ किसी सजावटी पौधे जैसा लगता है। अब बात करें इसके फलों की तो इसके फल छोटे-छोटे कांटेदार गोले जैसे होते हैं। यह फल जब पकते हैं तो इनके अंदर से चमकदार बीज निकलते हैं जो दिखने में बेहद सुंदर लगते हैं।
लेकिन यही बीज सबसे ज्यादा खतरनाक होते हैं। बाहर से खूबसूरत अंदर से मौत छुपाए हुए। दिलचस्प बात यह है कि इसी पेड़ से निकलने वाला कैस्टर ऑयल दवाइयों और सौंदर्य उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन वही तेल तभी सुरक्षित होता है जब राइसिन को पूरी तरह निकाल दिया जाए। अगर जरा सी भी लापरवाही हो जाए तो यही फायदा जानलेवा बन सकता है। मानो यह पेड़ खुद कहना चाहता हो कि मैं दवा भी हूं और जहर भी। फर्क सिर्फ समझ और इस्तेमाल का है। रिसनर्स कम्युनिस्ट हमें यह सिखाता है कि प्रकृति में हर खूबसूरत चीज सुरक्षित हो। जरूरी नहीं। कभी-कभी सबसे बड़ा खतरा वहीं छुपा होता है जहां हमें शक तक नहीं होता।
यव ट्री
एक पेड़ कितना अजीब हो सकता है कि उसका कोई हिस्सा इंसान को मौत के घाट उतार दे। लेकिन उसी पेड़ का कोई दूसरा हिस्सा कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी को भी ठीक करने की ताकत रखता हो। इस पेड़ का नाम है यूट्री औरइसका वैज्ञानिक नाम है टैक्सस बाकाटा। यह पेड़ देखने में जितना शांत और साधारण लगता है, असल में उतना ही रहस्यमय और खतरनाक है। सदियों से यह पेड़ इंसानों के बीच मौजूद है, लेकिन इसके असली सच से बहुत कम लोग ही वाकिफ हैं।
यूट्री मुख्य रूप से यूरोप, ब्रिटेन, एशिया के कुछ हिस्सों और उत्तरी अमेरिका में पाया जाता है। ठंडी और नमी वाली जलवायु इस पेड़ के लिए सबसे अनुकूल मानी जाती है। यही वजह है कि यह अक्सर पहाड़ी इलाकों, जंगलों और पुराने चर्चों या कब्रिस्तानों के आसपास देखने को मिलता है। यह पेड़ बहुत धीरे-धीरे बढ़ता है। लेकिन इसकी उम्र सैकड़ों साल तक हो सकती है और यही इसे और भी रहस्यमय बना देता है।
ऊंचाई की बात करें तो यह पेड़ आमतौर पर 30 से 50 फीट तक ऊंचा हो सकता है। इसकी शाखाएं घनी होती हैं और पत्तियां पतली, नुकीली और गहरे हरे रंग की होती हैं जो इसे हमेशा हराभरा बनाए रखती हैं। दूर से देखने पर यह पेड़ बिल्कुल सुरक्षित और भरोसेमंद लगता है। लेकिन असली खतरा इसके अंदर छुपा होता है। इस पेड़ का लगभग हर हिस्सा जहरीला होता है। इसकी पत्तियां, बीज और छाल में एक खतरनाक जहर पाया जाता है जिसे टैक्सीन कहा जाता है।
अगर कोई इंसान गलती से इसकी पत्तियां या बीज खा ले तो दिल की धड़कन अचानक बिगड़ सकती है और कुछ ही समय में मौत तक हो सकती है। यही कारण है कि प्राचीन समय में इस पेड़ को मौत से जोड़ा जाता था। इस पेड़ पर एक लाल रंग का फल भी लगता है जो देखने में बेहद सुंदर और आकर्षक होता है। यही सुंदरता कई बार जानलेवा साबित होती है क्योंकि इस फल के अंदर मौजूद बीज सबसे ज्यादा जहरीले होते हैं।
बाहर से खूबसूरत और अंदर से खौफनाक यही इस पेड़ की असली पहचान है। यहीं पर यह पेड़ सबको हैरान कर देता है। इसी यूटरी की छाल और पत्तियों से कैंसर की एक बेहद महत्वपूर्ण दवा बनाई जाती है जो कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोक देती है और लाखों जिंदगियां बचाने में मदद करती है। यानी वही पेड़ जो मौत दे सकता है वही पेड़ जिंदगी बचाने की ताकत भी रखता है। मानो यह पेड़ खुद कहना चाहता हो कि मैं जहर और दवा दोनों हूं। मेरे अंदर मौत भी है और जीवन की उम्मीद भी। फर्क सिर्फ इतना है कि मुझे समझदारी से जाना जाए या नजरअंदाज कर दिया जाए।
मंचीनील ट्री
आप यकीन नहीं करोगेकि एक पेड़ इतना खतरनाक और जहरीला हो सकता है कि उसके नीचे बैठना भी आपकी मौत की वजह बन सकता है। जी हां यह कोई कहानी नहीं बल्कि हकीकत है। इस पेड़ का नाम है मैचिनील ट्री। इसे दुनिया का सबसे खतरनाक पेड़ माना जाता है। बाहर से देखने में यह पेड़ बिल्कुल साधारण और हराभरा लगता है। लेकिन इसके हर हिस्से में मौत छुपी होती है। यही वजह है कि कई देशों में इस पेड़ के पास लाल निशान या चेतावनी बोर्ड लगाए जाते हैं।
यह पेड़ मुख्य रूप से कैरेबियन द्वीप समूह, मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के तटीय इलाकों और फ्लोरिडा के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। खास बात यह है कि यह पेड़ अक्सर समुद्र के किनारे, रेतीली जमीन और तटीय क्षेत्रों में उगता है। ऊंचाई की बात करें तो मैचिनील ट्री लगभग 40 से 50 फीट तक ऊंचा हो सकता है। इसकी शाखाएं घनी होती हैं और दूर से देखने पर यह किसी आम फल वाले पेड़ जैसा दिखाई देता है। इसी वजह से लोग धोखा खा जाते हैं।
इस पेड़ का फल छोटा, गोल और हरे रंग का होता है जो देखने में सेब जैसा लगता है। कई जगह इसे बीच एप्पल भी कहा जाता है। लेकिन यही फल इतना जहरीला होता है कि इसे खाते ही इंसान की हालत बिगड़ सकती है और कुछ मामलों में मौत भी हो जाती है। इतना ही नहीं इस पेड़ का दूध जैसा सफेद रस भी बेहद जहरीला होता है। अगर यह रस त्वचा पर गिर जाए तो गंभीर जलन और छाले पड़ सकते हैं।
आंखों में चला जाए तो इंसान की रोशनी तक जा सकती है। सबसे डरावनी बात यह है कि इस पेड़ के नीचे बारिश के समय खड़ा होना भी खतरनाक होता है। बारिश का पानी जब इसकी पत्तियों से होकर गिरता है तो उसमें जहर मिल जाता है जिससे त्वचा पर जलन और गंभीर नुकसान हो सकता है। इस पेड़ की लकड़ी भी जहरीली होती है। अगर इसकी लकड़ी को जलाया जाए तो उससे निकलने वाला धुआं आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है और अंधापन तक पैदा कर सकता है।
इसलिए कई जगहों पर इसकी लकड़ी का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। मानो यह पेड़ खुद कहना चाहता हो कि मैं दिखने में जितना शांत हूं अंदर से उतना ही घातक हूं। मेंशनल ट्री हमें यह सिखाता है कि प्रकृति में हर हराभरा और सुंदर दिखने वाला पेड़ सुरक्षित नहीं होता। कभी-कभी सबसे बड़ा खतरा वहीं होता है जहां हमें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं होता।
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