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3i ATLAS: क्या एलियंस धरती पर नज़र रख रहे हैं?

3i ATLAS: 1 जुलाई 2025 को नासा के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में एक अजीब और रहस्यमय वस्तु को तेजी से हमारे सौरमंडल में गुजरते हुए देखा। नाम दिया गया 3 आई एटलर्स। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती क्योंकि यह सिर्फ एक साधारण धूमकेतु नहीं बल्कि एक ऐसी वस्तु है जिसने वैज्ञानिकों को फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है। क्या यह कोई एलियनशिप तो नहीं है? यह वही सवाल है जो हर इंसान के दिल में कभी ना कभी उठता है। क्या अंतरिक्ष में कोई और सभ्यता हमें देख रही है या फिर ब्रह्मांड में इंसानों के अलावा भी कोई सभ्यता मौजूद है?

3 आई एटलस क्या है?

3 आई एटलस एक इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट है यानी ऐसा खगोलीय पिंड जो किसी दूसरे तारामंडल से आया है और जिसने हमारे सौरमंडल को सिर्फ विजिट किया। इसका नाम 3i इसलिए रखा गया क्योंकि यह अब तक खोजी गई तीसरी इंटरस्टेलर वस्तु है। इससे पहले 2017 में ओ मुआमुआ और 2019 में टू आई बोरिसोव नाम के रहस्यमय ऑब्जेक्ट्स भी देखे गए थे और अब 3i एटलस।

लेकिन सवाल यह है कि आखिर इन वस्तुओं की पहचान इंटरस्टेलर के तौर पर कैसे होती है? दरअसल इनका पथ एक हाइपरबॉलिक ऑर्बिट होता है, यानी इतना तेज और विचित्र कि वे सूर्य की गुरुत्वाकर्षण शक्ति से भी नहीं बंध पाते और वे सूर्य के शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण को भी मात दे देते हैं।

कैसे हुई 3i एटलस की खोज?

इस रहस्यमई वस्तु को पहली बार 12 सितंबर 2024 को एटलस ऑब्जरवेटरी हवाई में खोजा गया था। इसकी गति बहुत ज्यादा थी, करीब 30 कि.मी. प्रति सेकंड, और यह सौरमंडल के किसी भी ग्रह की परिक्रमा पथ में रुक ही नहीं रहा था क्योंकि इसकी गति बहुत अधिक थी। जब 3i एटलस हमारे सौरमंडल में प्रवेश कर रहा था तो उसकी हाइपरबॉलिक एक्स्ट्रा वेलोसिटी लगभग 58 कि.मी. प्रति सेकंड थी।

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इसकी सूर्य के सबसे निकटतम बिंदु यानी पेरी हीलियन पर अनुमानित अधिकतम गति लगभग 68 किमी प्रति सेकंड है, यानी 244800 किमी/घंटा की इसकी स्पीड है। नासा ने तुरंत ही इसकी ट्रैकिंग शुरू कर दी, लेकिन जल्द ही कुछ ऐसी बातें सामने आईं जिसने वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया।

कुछ शोधकर्ताओं ने कहा इसकी चमक और दिशा कुछ ऐसी है जो किसी धूमकेतु जैसी नहीं दिखाई देती। तो क्या यह किसी और सभ्यता की भेजी हुई मशीन हो सकती है? यही सवाल सबके दिमाग में घूम रहा है। वैसे यह पहला मौका नहीं है जब कोई इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट हमारे सौरमंडल में या पृथ्वी के आसपास दिखाई दिया हो।

2017 में दिखाई दिया ओम मुआ ने भी वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया था। उसका आकार पतला और चपटा था और वह बिना किसी गैस या धूल को छोड़े अपने रास्ते बदल रहा था। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवी लोएब ने तब कहा था कि यह शायद किसी एलियन सिविलाइजेशन की भेजी गई सोलर सेल हो सकती है। कभी उसकी चमक बढ़ जाती है तो कभी वह अचानक गायब हो जाता है। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह ऑब्जेक्ट एक नेचुरल कॉमेट है या फिर कोई एडवांस टेक्नोलॉजी वाला यान?

क्या यह एक एलियन शिप हो सकता है?

इस सवाल पर वैज्ञानिकों की राय बटी हुई है। नासा कहता है अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं है कि 3i एटलस आर्टिफिशियल है? लेकिन एवी लोएब जैसे वैज्ञानिक कहते हैं अगर कोई भी चीज प्राकृतिक नियमों के बाहर चल रही है तो हमें उसकी जांच करनी ही चाहिए।

उन्होंने यहां तक कहा कि एब्सेंस ऑफ एविडेंस इज नॉट एविडेंस ऑफ एब्सेंस। यानी सबूत ना मिलने का मतलब यह नहीं कि वह चीज है ही नहीं। क्या होगा अगर यह किसी दूसरे तारामंडल से भेजा गया एक्सप्लोरेशन प्रोब हो जो हमारी तकनीक को परख रहा हो? क्या इंसान खुद अब किसी और की नजरों में स्टडी ऑब्जेक्ट बन चुका है? 3i एटलस के दिखाई देने के बाद ऐसे बहुत से सवाल उठ रहे हैं।

3i एटलस की खोज ने पुरानी घटनाओं को फिर से चर्चा में ला दिया है, जैसे 1977 का वाओ सिग्नल जिसे ओहायो यूनिवर्सिटी के रेडियो टेलिस्कोप ने कैप्चर किया था। एक ऐसा रेडियो सिग्नल जो 72 सेकंड तक चला और फिर कभी दोबारा नहीं मिला। नासा के वैज्ञानिक आज तक यह नहीं जान पाए कि वह सिग्नल कहां से आया था।

फिर 1997 में फिनिक्स लाइट नाम की घटना जब हजारों लोगों ने एरिजोना के आसमान में एक विशाल रोशनी को धीरे-धीरे उड़ते देखा। अमेरिकी एयरफोर्स ने इसे फ्लेयर्स बताया था, लेकिन आई विटनेसेस अब भी कहते हैं कि वह किसी भी जहाज से बहुत बड़ा था। क्या ये सारी घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं? क्या 3i एटलस जैसी वस्तुएं सिर्फ मैसेंजर हैं जो दूर कहीं से भेजी गई हैं?

अब नासा और यूरोपियन स्पेस एजेंसी दोनों ही इस वस्तु की लगातार निगरानी कर रहे हैं। साल 2026 में इसकी ट्रेजेक्टरी का सबसे नजदीकी पॉइंट आने वाला है, जहां यह हमारे सौरमंडल के किनारों से होकर गुजरेगा और वापस अंतरिक्ष की ओर निकल जाएगा। वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे हैं कि अगली बार जब ऐसा इंटरस्टेलर विजिटर आए तो हमारे पास उसे ऑब्जर्व करने के लिए बेहतर टेलिस्कोप और प्रोब तैयार हों।

आज हमने जाना कि 3i एटलस सिर्फ एक इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट नहीं बल्कि एक सवाल है। क्या हम सच में अकेले हैं या कहीं कोई हमें देख रहा है, हमारे ग्रह, हमारी सभ्यता, हमारी तकनीक को? अगर यह सवाल आपको भी सोचने पर मजबूर करता है तो बताइए कमेंट्स में। क्या आप भी मानते हैं कि एलियंस पहले से धरती पर आ चुके हैं।

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